Ranchi

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झारखंडः क़ानून की छात्रा को अगवा कर सामूहिक बलात्कार, 12 लोग गिरफ़्तार

घटना झारखंड की राजधानी रांची में 26 नवंबर को हुई. छात्रा अनुसूचित जनजाति की है. पुलिस ने आईपीसी की धारा 376डी (सामूहिक बलात्कार), 120बी (आपराधिक षडयंत्र) और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है.

झारखंड हाईकोर्ट. (फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स)

क़ुरान बांटने के आदेश पर चर्चा में आई छात्रा झारखंड पुलिस के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट पहुंची

रांची की एक छात्रा ऋचा भारती को सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं काे ठेस पहुंचाने वाले पोस्ट करने के आरोप में बीते 12 जुलाई को गिरफ़्तार किया गया था. स्थानीय अदालत ने उन्हें पांच क़ुरान बांटने की शर्त पर ज़मानत दी थी. बाद में अदालत ने क़ुरान बांटने का आदेश वापस ले लिया था.

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झारखंडः सोशल मीडिया पोस्ट के लिए गिरफ़्तार छात्रा को पांच क़ुरान दान करने की शर्त पर ज़मानत

रांची की एक 19 वर्षीय छात्रा ऋचा भारती को सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं काे ठेस पहुंचाने वाले पोस्ट करने के आरोप में 12 जुलाई को गिरफ़्तार किया गया था. स्थानीय अदालत ने उन्हें 5 क़ुरान दान करने की शर्त पर ज़मानत दी है. छात्रा का कहना है कि वे ऐसा नहीं करना चाहतीं.

आदिवासी महिला का शव. (फोटो: आनंद दत्ता)

झारखंड की ये ‘निर्भया’ बलात्कार और हिंसा के चलते चार महीने कोमा में रही, फिर चल बसी

ग्राउंड रिपोर्ट: झारखंड के लातेहार ज़िले में बीते जनवरी में दो बच्चों की मां के साथ सामूहिक बलात्कार और मारपीट की गई, जिसके बाद वह कोमा में चली गईं. तकरीबन चार महीने कोमा की हालत में एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकने के बाद इस आदिवासी महिला की मौत हो गई.

चिलिया देवी अपने बच्चों के साथ ​बेटी की शादी का वो कार्ड दिखाती हुईं, जिसके कवर पेज पर लिखा हुआ है कि सुगनू गांव जाने वाले दोपहिया वालों के लिए पहचान पत्र के साथ-साथ हेलमेट आवश्यक है. (फोटो: असग़र ख़ान)

झारखंड का एक गांव, जहां कहीं आने-जाने के लिए सेना की लेनी होती है अनुमति

ग्राउं​ड रिपोर्ट: झारखंड की राजधानी रांची के नज़दीक स्थित सुगनू गांव के लोगों को आर्मी कैंप की वजह से कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

India Violence Reuters

देश की आज़ादी से भी पुरानी हैं चुनावी हिंसा की जड़ें

चुनावी बातें: चुनाव में होने वाली हिंसा की नींव आज़ादी से पहले ही पड़ चुकी थी. झारखंड (तत्कालीन बिहार) में मार्च 1946 में हिंसक तत्वों ने संविधान सभा के प्रतिनिधि के चुनाव को भी स्वतंत्र व निष्पक्ष नहीं रहने दिया था.

अर्थशास्त्री और कार्यकर्ता ज्यां द्रेज. (फोटो: द वायर)

झारखंड: अर्थशास्त्री और सामाजिक कार्यकर्ता ज्यां द्रेज़ को हिरासत में लिया गया, रिहा

द्रेज़ को गुरुवार सुबह आचार संहिता के दौरान बिना प्रशासनिक अनुमति के सार्वजनिक बैठक करने के चलते हिरासत में लिया गया था.

Usha Martin

झारखंड: उषा मार्टिन के कर्मचारी संगठन ने वेतन अनियमितता को लेकर सरकार से दख़ल की मांग की

कर्मचारी संगठन ने झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास का लिखा पत्र. कर्मचारियों का आरोप है कि पिछल दो या तीन साल से कंपनी समय से वेतन नहीं दे रही है.

महिला हिंसा के ख़िलाफ़ रांची में विरोध प्रदर्शन. (फाइल फोटो: नीरज सिन्हा)

झारखंड में जारी बलात्कार की घटनाएं सुर्ख़ियों में क्यों नहीं हैं?

जम्मू कश्मीर के कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव में गैंगरेप की घटनाओं के बीच झारखंड में बलात्कार की घटनाएं लगातार जारी हैं.

(फोटो: गूगल मैप)

झारखंड में सामूहिक बलात्कार के बाद हाथ-पैर बांधकर नाबालिग को रेलवे लाइन पर फेंका

झारखंड में बोकारो के चंद्रपुरा रेलवे सेक्शन के पास मिली किशोरी. पुलिस के मुताबिक 10 अप्रैल की सुबह चार लोगों ने उसका अपहरण कर लिया था.

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क्या गिरिडीह जेल में दामोदर तुरी को यातना दी जा रही है?

विस्थापन विरोधी जन विकास आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक दामोदर तुरी की गिरफ़्तारी के बाद उनकी पत्नी ने जेल में उनके साथ अमानवीय रुख़ अपनाए जाने का आरोप लगाया है.

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झारखंड: परमवीर अल्बर्ट एक्का का स्मारक बनाने के प्रति सरकार उदासीन क्यों है?

ग्राउंड रिपोर्ट: झारखंड में परमवीर चक्र विजेता लांस नायक अल्बर्ट एक्का के समाधि-स्मारक निर्माण की आधारशिला रखे जाने के 27 महीने बाद वहां एक ईंट भी नहीं जोड़ी जा सकी है. अब सामाजिक स्तर पर जन समर्थन और आर्थिक सहायता जुटाकर इसके निर्माण का अभियान शुरू किया जा रहा है.

(फोटो: गूगल मैप)

झारखंड: विस्थापित महिलाओं ने राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को अर्द्धनग्न तस्वीरें भेज इच्छामृत्यु मांगी

धनबाद में दामोदर घाटी निगम द्वारा कथित तौर पर विस्थापन के एवज में नौकरी में न मिलने के विरोध में आदिवासी महिलाओं ने अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया.

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100 साल का हुआ देश का पहला ‘पागलखाना’

देश का पहला मानसिक अस्पताल आज अपने 100वें साल में प्रवेश कर गया है. रांची के कांके स्थित केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान की स्थापना 17 मई 1918 को हुई थी.