राजनीति

असम: भाजपा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले सात नेताओं को निष्कासित किया

विधानसभा चुनाव राउंड-अप: केरल के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के उस बयान को शर्मनाक बताया जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश में केरल की रहने वाली ननों के साथ कथित दुर्व्यवहार को ग़लत क़रार दिया था. डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने वादा किया कि उनकी पार्टी के सत्ता में आने पर तमिलनाडु में सीएए लागू नहीं करने दिया जाएगा. पुदुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने की पेशकश स्वीकार नहीं करेंगे.

फोटो: पीटीआई

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गुवाहाटी: भाजपा की असम इकाई ने रविवार को कहा कि उसने टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले सात नेताओं को छह साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है है.

असम भाजपा के महासचिव राजदीप राय ने एक बयान में कहा, ‘पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने भाजपा उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने वाले सात लोगों को छह साल के लिए निष्कासित किया है.’

इससे पहले, 18 मार्च को भाजपा ने टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय मैदान में उतरने वाले 15 नेताओं को पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया था.

रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा राज्य की 126 विधानसभा सीटों में से 92 पर चुनाव लड़ रही है जबकि उसने बाकी सीटें अपने सहयोगी दलों असम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के लिए छोड़ दी हैं.

कांग्रेस की नई ‘सेक्युलर सिंडिकेट’ हैं आईयूडीएफ, आईएसएफ और आईयूएमएल: नकवी

गुवाहाटी: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि असम में ऑल यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ), पश्चिम बंगाल में इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) और केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) कांग्रेस ‘नया सेक्युलर सिंडिकेट’ हैं.

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस असम, पश्चिम बंगाल और केरल में इन दलों के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ रही है. इन तीनों पार्टियों का मुख्य जनाधार मुस्लिम समाज के बीच माना जाता है.

असम विधानसभा चुनाव के लिए गुवाहाटी पहुंचे नकवी ने दिए साक्षात्कार में कहा, ‘यह नया सेक्युलर सिंडिकेट कांग्रेस के पाखंड की पराकाष्ठा है.’

उन्होंने कहा कि चार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव ‘सांप्रदायिक वोटबैंक मालिकों’ और ‘समावेशी विकास करने वालों’ के बीच की लड़ाई है.

नकवी ने यह उम्मीद जताई कि असम में एक बार फिर से भाजपा की सरकार बनेगी.

असम की जनता समझ गई है कि ‘जुमलों’ और प्रगति का कोई संबंध नहीं: राहुल गांधी

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि असम की जनता समझ गई है कि ‘जुमलों’ और प्रगति का आपस में कोई संबंध नहीं है.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘चाय बागान मजदूरों समेत करोड़ों दिहाड़ी मजदूरों के आंसू पोंछने के लिए केंद्र सरकार ने क्या किया? जुमलों और प्रगति का आपस में कोई संबंध नहीं है- जनता ये समझ गई है.’

असम विधानसभा चुनाव के लिए तीन चरणों में मतदान हो रहा है. पहले चरण का मतदान 27 मार्च को संपन्न हो चुका है. दूसरे चरण का मतदान एक अप्रैल और तीसरे चरण का मतदान छह अप्रैल को होगा.

असम विधानसभा चुनाव में 264 करोड़पति मैदान में

गुवाहाटी: असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए तीन चरणों में हो रहे चुनाव में खड़े 946 प्रत्याशियों में से 264 प्रत्याशी करोड़पति हैं, जो कुल प्रत्याशियों का 27.90 प्रतिशत है.

चुनाव मैदान में सबसे अमीर प्रत्याशी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी, लिबरल (यूपीपीएल) के कोकराझार पश्चिम (अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित) मनरंजन ब्रह्मा हैं, जिन्होंने अपनी कुल संपत्ति 268 करोड़ रुपये घोषित की है.

यूपीपीएल के अन्य नेताओं के साथ मनरंजन ब्रह्मा. (फोटो: ट्विटर/@TheUPPLOfficial)

यूपीपीएल के अन्य नेताओं के साथ मनरंजन ब्रह्मा. (फोटो: ट्विटर/@TheUPPLOfficial)

ब्रह्मा के बाद सबसे अमीर प्रत्याशी उधरबंद से निर्दलीय उम्मीदवार राहुल रॉय हैं, जिन्होंने 136 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है. तीसरे स्थान पर एआईयूडीएफ के जमुनामुख से प्रत्याशी सिराजुद्दीन अजमल हैं, जिनकी संपत्ति हलफनामे के मुताबिक 111 करोड़ रुपये की है.

तीनों सबसे अमीर प्रत्याशियों ने अपनी आय का स्रोत कारोबार बताया है, जबकि ब्रह्मा की पत्नी ने कृषि से आय होने की जानकारी दी है.

रॉय पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता गौतम रॉय के बेटे हैं, जो भाजपा में शामिल हो गए और अब पार्टी के टिकट पर कटीगोरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.

वहीं, राहुल रॉय और उनकी पत्नी दायसी रॉय बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. दायसी अलगापुर से चुनाव लड़ रही हैं और दंपत्ति की कुल संपत्ति 131 करोड़ रुपये है.

पूर्व विधायक एवं सांसद अजमल एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के छोटे भाई हैं.

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) के विश्लेषण के मुताबिक, कांग्रेस के सबसे अधिक 64 करोड़पति उम्मीदवार मैदान में हैं. इसके बाद भाजपा का स्थान है, जिसके 60 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन्होंने चुनावी हलफनामे में एक करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति बताई है.

वहीं, नवगठित असम जातीय परिषद के 31, असम गण परिषद के 22, एआईयूडीएफ के 11, बीपीएफ के आठ और यूपीपीएल का एक प्रत्याशी करोड़पति है. बाकी करोड़पति निर्दलीय उम्मीदवार हैं.

इन करोड़पति प्रत्याशियों में से 72 ऐसे प्रत्याशी हैं जिनकी आय पांच करोड़ रुपये या इससे अधिक है, जबकि 91 प्रत्याशियों की आय दो करोड़ रुपये या इससे अधिक है. वहीं, 197 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनकी आय 50 लाख रुपये से दो करोड़ रुपये के बीच है.

मौजूदा भाजपा-एजीपी-बीपीएफ सरकार में सबसे अमीर मंत्रियों की सूची में नाबा कुमार डोले का नाम है, जिन्होंने 25 करोड़ रुपये की संपत्ति होने की जानकारी दी है. इसके बाद हेमंत बिस्व सरमा और चंदन ब्रह्मा का स्थान है जिनकी संपत्ति क्रमश: 17 करोड़ और 16 करोड़ रुपये की है.

एडीआर के मुताबिक, अन्य करोड़पति मंत्रियों में सिद्धार्थ भट्टाचार्य (आठ करोड़ रुपये), पिजुश हजारिका (छह करोड़), रिहोन दायमारी और सुम रोनघांग (पांच-पांच करोड़) का नाम शामिल है.

मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और उनके मंत्रिमंडल में शामिल चंद्रमोहन पटवारी, प्रमिला रानी ब्रह्मा और कशाब महंत ने तीन-तीन करोड़ रुपये की संपत्ति होने की जानकारी दी है.

दायसी रॉय के बाद सबसे अमीर महिला प्रत्याशी दिलवरा बेगम चौधरी हैं, जो जमुनामुख सीट से बतौर निर्दलीय लड़ रही हैं और उनकी संपत्ति 15 करोड़ रुपये है.

अन्य अमीर महिला प्रत्याशियों में एआईयूडीएफ की मीनाक्षी रहमान (10 करोड़ रुपये), कांग्रेस की असीमा बारडोलोई (सात करोड़), गायिका एवं एजीपी प्रत्याशी कल्पना बारडोलोई (पांच करोड़) है.

पहले चरण में 101 ऐसे प्रत्याशी थे जिन्होंने अपनी आय एक करोड़ रुपये से अधिक बताई थी जबकि दूसरे एवं तीसरे चरण में ऐसे प्रत्याशियों की संख्या क्रमश: 73 और 90 है.

वोटर इंटरनेशनल पार्टी के प्रत्याशी सबेंद्र बासुमतारी ऐसे प्रत्याशी हैं, जिनकी संपत्ति सबसे कम है. उन्होंने अपने हलफनामे में महज 2,500 रुपये की संपत्ति होने की जानकारी दी है.

इसी पार्टी की कनक बासुमतारी ने अपनी संपत्ति 5,000 रुपये घोषित की है. वहीं राताबाड़ी (सुरक्षित) सीट से प्रत्याशी विष्णु धारी मल्लाह ने अपनी कुल संपति मात्र आठ हजार रुपये घोषित की है.

भाजपा शासित राज्यों की पुलिस नंदीग्राम के मतदाताओं को भयभीत कर रही हैं: ममता

नंदीग्राम: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि नंदीग्राम विधानसभा सीट के मतदाताओं को भयभीत करने के लिए भाजपा शासित राज्यों से पुलिस बल लाए गए हैं. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि मतदाताओं को लुभाने के लिए भाजपा के मंत्री और सुरक्षा बल नकदी बांट रहे हैं.

ममता बनर्जी. (फोटो: पीटीआई)

ममता बनर्जी. (फोटो: पीटीआई)

इस सीट पर ममता के खिलाफ उनके पूर्व सहयोगी शुभेंदु अधिकारी भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में हैं. यहां एक अप्रैल को चुनाव है.

ह्वीलचेयर पर बैठीं ममता ने चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में क्षेत्र के विभिन्न हिस्से का दौरा किया और सोनाचुरा में आरोप लगाया कि देश भर से बड़ी मात्रा में नकदी लाई जा रही है और भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में वोट देने के लिए लोगों को लुभाने की खातिर (भाजपा) मंत्रियों द्वारा होटलों से वितरित की जा रही हैं.

उन्होंने आरोप लगाया, ‘यह पीएम केयर्स फंड का पैसा है, यह नोटबंदी के दौरान जमा की गई नकदी है. यह वह पैसा है, जिससे पीएसयू की बिक्री के बाद उनका खजाना भर गया है.’

उन्होंने बासुलीचक में दूसरी बैठक में कहा, ‘नकदी बांटे जाने के पीछे भाजपा शासित राज्यों के कई मंत्री और केंद्रीय मंत्री शामिल हैं.’

ममता ने सवाल किया, ‘केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के काफिले में 100 से अधिक कारें क्यों रहती हैं, जबकि चुनाव के दौरान किसी काफिले में पांच से अधिक वाहनों की अनुमति नहीं है?’

ममता ने सोनाचुरा की बैठक में आरोप लगाया, ‘मध्य प्रदेश और भाजपा शासित कुछ अन्य राज्यों के पुलिस बलों को गांवों में मतदाताओं को आतंकित करने तथा भगवा दल के पक्ष में फैसले के लिए नंदीग्राम लाया गया है.’

राज्य में सत्ता में वापसी और इस सीट से भारी जीत की भविष्यवाणी करते हुए ममता ने चेतावनी दी, ‘वे (बाहर से पुलिस बल) केवल कुछ दिनों तक यहां रहेंगे. कोई गलती न करें. हम वापस आएंगे और गद्दारों को करारा जवाब देंगे.’

उन्होंने भगवा पार्टी का नाम लिए बिना कहा, ‘उनकी (भाजपा की) अपने ही लोगों को मरवाने और इसे हमारी हरकत बताकर दंगे कराने की साजिश है. हमें जानकारी मिली है. सावधान रहिए.’

बंगाल में बहुप्रतीक्षित परिवर्तन लाने के लिए ममता बनर्जी को हराना जरूरी: अमित शाह

नंदीग्राम: नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी की जीत के प्रति विश्वास जताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि बंगाल में बहुप्रतीक्षित परिवर्तन लाने के लिए तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी को हराना जरूरी है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

नंदीग्राम पार्टी कार्यालय में शाह ने संवाददाताओं से कहा, ‘भाजपा की विजय का अंतर इतना ज्यादा होना चाहिए कि कोई नेता फिर कभी जनता को झूठे वादे कर बेवकूफ बनाने के बारे में न सोचे.’

उन्होंने कहा, ‘नंदीग्राम में ममता दीदी को हराकर आप पश्चिम बंगाल में बहुप्रतीक्षित परिवर्तन ला सकते हैं. आप उन्हें यहां हराइए, तृणमूल राज्य के अन्य हिस्सों में अपने आप हार जाएगी.’

इससे पहले शाह ने पार्टी का दमखम दिखाते हुए नंदीग्राम में एक बड़ा रोडशो किया. प्रचार के दौरान उनके साथ शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे.

आलोचना के बाद केरल के माकपा नेता ने राहुल गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणी वापस ली

इडुक्की: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ लैंगिक टिप्पणी करने के मामले में चौतरफा आलोचनाओं से घिरे पूर्व सांसद और माकपा नेता जॉयस जॉर्ज ने मंगलवार को अपनी टिप्पणी वापस ले ली और सार्वजनिक रूप से इसके लिए खेद व्यक्त किया.

हालांकि, कांग्रेस ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी, जबकि सत्तारूढ़ माकपा ने भी इस पूरे बयान से किनारा कर लिया था.

जॉर्ज ने कहा, ‘मैं बिना शर्त उस अनुचित टिप्पणी को वापस लेता हूं जो मैंने सोमवार को इरात्तयार में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए की थी.’

जिले में कुमाले में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं इसके लिए खेद भी प्रकट करता हूं.’

जॉर्ज वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में माकपा के समर्थन से बतौर निर्दलीय प्रत्याशी इडुक्की से जीते थे, लेकिन वर्ष 2019 के चुनाव में उन्हें कांग्रेस के डी. कुरियाकोस से हार मिली थी.

माकपा को एहसास था कि यह आपत्तिजनक टिप्पणी विपक्ष को हथियार मुहैया करा देगी, इसलिए पार्टी ने जॉर्ज के बयान को खारिज करने में देरी नहीं की.

बयान से किनारा करते हुए केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) राहुल गांधी पर की गई व्यक्तिगत टिप्पणी का समर्थन नहीं करता.

इसके तुरंत बाद माकपा के राज्य सचिवालय ने यहां बयान जारी कर कहा कि वाम दल अपने पूर्व सांसद की टिप्पणी से सहमत नहीं है.

जॉर्ज ने कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) पर खासतौर पर राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा था, ‘राहुल गांधी केवल महिला कॉलेजों का ही दौरा करेंगे और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष का सामना करने के दौरान लड़कियों को ‘सतर्क’ रहना चाहिए.’

उन्होंने ऊर्जा मंत्री एमएम मणि के लिए प्रचार करते हुए कहा, ‘राहुल गांधी कुंवारे और समस्या पैदा करने वाले हैं. ऐसे में लड़कियों को उनसे सतर्क रहना चाहिए. उनके सामने नहीं झुकें.’

इस बीच, कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ जॉर्ज की कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्नीथला ने मंगलवार को गांधी के खिलाफ बयान को लैंगिक बताते हुए कहा कि ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण एवं अस्वीकार्य’ है.

केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष मुल्लाप्पाल्ली रामचंद्रन और पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने भी पूर्व सांसद की आलोचना करते हुए कहा कि यह ‘बेहद ही अपमानजनक’ और ‘अस्वीकार्य’ है.

केरल: ट्रेन में ननों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर प्रियंका ने भाजपा-संघ की आलोचना की

करुणागापल्ली: कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी वाड्रा ने केरल की ननों के साथ कथित तौर पर हुए दुर्व्यवहार के मुद्दे पर मंगलवार को भाजपा और आरएसएस की आलोचना की और दावा किया कि गृह मंत्री अमित शाह ने घटना की निंदा इसलिए की क्योंकि चुनाव सिर पर हैं.

प्रियंका गांधी. (फोटो: पीटीआई)

प्रियंका गांधी. (फोटो: पीटीआई)

केरल के कोल्लम जिले के करुणागापल्ली में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए वाड्रा ने कहा, ‘यह चुनाव का समय है. इसलिए जब झांसी में ननों को ट्रेन से उतारा गया और उनके ही लोगों द्वारा परेशान किया गया तब केंद्रीय मंत्री ने इसे गलत बताया. बाकी समय वे इस तरह के बर्ताव को प्रोत्साहित करते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘भाजपा की युवा इकाई के लोगों को किसने अनुमति दी कि वे ट्रेन में महिलाओं को परेशान करें? किसने उन्हें यह अधिकार दिया कि ननों और उनके साथ की लड़कियों के कागज की जांच करें?’

वाड्रा ने कहा, ‘किसने उन्हें उनका धर्म पूछने की इजाजत दी? क्या हम यह मानकर चल रहे हैं कि हमारे देश में महिलाएं किसी के द्वारा परेशान किए बिना ट्रेन में यात्रा नहीं कर सकतीं और उन्हें कुछ गुंडों को जवाब देना होगा कि वे किसके प्रति आस्था रखती हैं?’

कांग्रेस नेत्री ने कहा कि उन्होंने ननों से फोन पर बात की थी और उन्होंने बताया कि वे चिंतित हैं. वाड्रा ने कहा कि उन्हें (ननों) ट्रेन से उतारा गया, वे डरी हुई थीं और उनकी सुरक्षा करने वाला कोई नहीं था.

उन्होंने कहा कि जब भाजपा और आरएसएस महिलाओं की सुरक्षा को लेकर खोखले बयान देते हैं तो वह झूठा ही होता है क्योंकि वे महिलाओं का सम्मान नहीं करते.

वाड्रा ने कहा कि चुनाव के समय के अलावा बाकी वक्त वे (भाजपा) यही कहते हुए बिताते हैं कि महिलाओं को क्या पहनना चाहिए, क्या काम करना चाहिए, कहां जाना चाहिए.

नन के खिलाफ गोयल की टिप्पणी ‘शर्मनाक’: पिनराई विजयन

कासरगोड: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के उस बयान को ‘शर्मनाक’ और ‘सरासर झूठा’ करार दिया जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश में रेल यात्रा के दौरान केरल की रहने वाली दो नन और दो दीक्षार्थियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की रिपोर्ट को गलत करार दे कर खारिज कर दिया था.

विजयन की यह प्रतिक्रिया झांसी में दो नन और दो अन्य पर कथित रूप से बजरंग दल के सदस्यों के हमले की खबर को केंद्रीय मंत्री द्वारा खारिज किए जाने के बाद आई है. गोयल ने आरोप लगाया था कि केरल के मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर ‘गलतबयानी’ कर रहे हैं.’

New Delhi: Kerala CM Pinarayi Vijayan during a press conference in New Delhi on Saturday,June 23,2018.( PTI Photo/ Atul Yadav)(PTI6_23_2018_000063B)

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन. (फोटो: पीटीआई)

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयन ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के मुताबिक नन पर हमला नहीं किया गया और टिकट जांच करने के बाद उन्हें जाने दिया गया एवं एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) का हमला राज्य सरकार का आरोप है.

उन्होंने कहा, ‘उन पर (नन) एक ऐसे देश में हमला किया गया, जहां लोगों को कहीं भी यात्रा करने का अधिकार है. उन पर केवल इसलिए हमला किया गया क्योंकि वे नन थीं.’

विजयन ने कहा, ‘यह घटना शर्मनाक थी. उन्होंने (गोयल) एबीवीपी द्वारा नन और दो अन्य के खिलाफ किए गए कृत्य को न्यायोचित करार दिया है.’

कासरगोड में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विजयन ने कहा, ‘केंद्रीय मंत्री नन पर हुए हमले को न्यायोचित ठहरा रहे हैं, जो सबूत है कि केंद्र सरकार आएसएस का एजेंडा लागू कर रही है.’

उन्होंने कहा कि गोयल ने हमले को न्यायोचित ठहराया है, यह दिखाता है कि अल्पसंख्यक जो देश में लोकतंत्र चाहते हैं, इस केंद्रीय शासन में सुरक्षित नहीं है जो आएसएस के एजेंडे को लागू कर रही है.

केरल: अदालत ने निर्वाचन आयोग से ‘एक व्यक्ति एक वोट’ सुनिश्चित करने को कहा

कोच्चि: केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार को निर्वाचन आयोग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में नाम हैं, वे राज्य विधानसभा चुनाव में छह अप्रैल को सिर्फ एक ही वोट दें.

अदालत ने कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला की याचिका पर यह अंतरिम आदेश दिया.

याचिका में कहा गया था कि फर्जी और कई जगहों पर मतदाता सूची में नाम रखने वाले मतदाताओं को मतदान करने से रोका जाना चाहिए.

याचिका पर अदालत ने कहा कि यह नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा एक गंभीर विषय है. अदालत इस विषय की आगे की सुनवाई मंगलवार को करेगी. अदालत ने शुक्रवार को याचिका पर आयोग की राय मांगी थी.

डीएमके तमिलनाडु में सत्ता में आयी तो राज्य में सीएए लागू नहीं करने देंगे: स्टालिन

जोलारपेट: डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने सोमवार को वादा किया कि तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद उनकी पार्टी के सत्ता में आने पर राज्य में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) लागू नहीं करने दिया जाएगा.

स्टालिन ने सीएए के मुद्दे पर संसद में भाजपा का समर्थन करने को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ एआईएडीएमके की आलोचना की.

उन्होंने कहा कि यदि एआईएडीएमके और राज्यसभा में पीएमके के एकमात्र सदस्य ने संबद्ध विधेयक के खिलाफ मतदान किया होता, तो सीएए अस्तित्व में नहीं आया होता.

उन्होंने कहा कि पूरे देश में अल्पसंख्यकों की ‘दुर्दशा’ के लिए दोनों दलों (भाजपा और एआईएडीएमके) को दोषी ठहराया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘मैं आश्वासन देता हूं. हम सत्ता में आने वाले हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है. इसलिए सत्ता में आने के बाद हम तमिलनाडु में इस सीएए को लागू नहीं होने देंगे. यह स्टालिन द्वारा दिया गया आश्वासन है.’

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने संसद में विधेयक का विरोध किया था.

स्टालिन ने कहा कि एआईएडीएमके ने जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाने और तीन तलाक को खत्म करने जैसे मुद्दों पर भाजपा का समर्थन किया था, लेकिन अब वह अल्पसंख्यकों की रक्षक होने का नाटक कर रही है.

एलडीएफ ने केरल को वैसे ही धोखा दिया जैसे जुडेस ने ईसा मसीह को: मोदी

पलक्कड़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कथित सोना तस्करी मामले का उल्लेख करते हुए राज्य के सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) पर मंगलवार को निशाना साधा और आरोप लगाया कि जिस प्रकार चांदी के चंद टुकड़ों के लिए जुडेस ने ईसा मसीह को धोखा दिया, उसी प्रकार एलडीएफ ने सोने के चंद टुकड़ों के लिए केरल को धोखा दिया.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

केरल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में अपनी पहली रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने एलडीएफ और प्रमुख विपक्षी गठबंधन संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के बीच ‘मैच फिक्सिंग’ का आरोप लगाया और कहा कि दोनों के नाम भले ही अलग-अलग हों, लेकिन इनका काम एक ही है.

मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि वह राज्य में पहली चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उत्साहित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पलक्कड़ का भाजपा से विशेष नाता रहा है.

उन्होंने कहा, ‘कई साल से केरल में राजनीति में यूडीएफ और एलडीएफ के बीच दोस्ताना समझौता रहा है. अब राज्य के मतदाता पूछ रहे हैं ये कौन सी मैच फिक्सिंग है? पांच साल तक एक लूटे और अगले पांच साल दूसरा लूटे.’

यूडीएफ शासन के दौरान हुए कथित सोलर पैनल घोटाला और सोना तस्करी मामले की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘यूडीएफ ने तो सूर्य की रोशनी तक को नहीं छोड़ा. एलडीएफ के बारे में कहा जा सकता है कि जुडेस ने ईसा मसीह को चांदी के चंद टुकड़ों के लिए धोखा दिया, एलडीएफ ने सोने के चंद टुकड़ों के लिए केरल को धोखा दिया.’

मान्यता है कि ईसा मसीह को सलीब पर मृत्यु की सजा सुनाने से पहले जुडेस नाम के उन्हीं के एक अनुयायी ने चांदी के चंद सिक्कों के लिए उनके साथ विश्वासघात किया था.

ज्ञात हो कि राज्य के कथित हाई प्रोफाइल सोना तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल एम. शिवशंकर को गिरफ्तार किया था. वह मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के प्रधान सचिव थे. उनकी गिरफ्तारी के साथ ही एलडीएफ कांग्रेस और भाजपा के निशाने पर हैं.

सबरीमला मामले पर एलडीएफ और यूडीएफ पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘एलडीएफ सरकार को निर्दोष श्रद्धालुओं पर लाठियां बरसाने पर शर्म आनी चाहिए और यूडीएफ को इस दौरान चुप्पी साधे रखने के लिए शर्म आनी चाहिए.’

‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन बतौर भाजपा उम्मीदवार पलक्कड़ विधानसभा से चुनाव लड़ रहे हैं.

पलानीस्वामी की मां के खिलाफ टिप्पणी को लेकर मोदी ने कांग्रेस-डीएमके पर साधा निशाना

धारापुरम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए. राजा पर मंगलवार को परोक्ष रूप से प्रहार करते हुए उन्हें ‘आउटडेटेड 2जी मिसाइल’ करार दिया. साथ ही मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी की मां का अपमान करने और तमिलनाडु की महिलाओं को निशाना बनाने को लेकर कांग्रेस व डीएमके की आलोचना की.

अपनी चुनावी रैली में राजा का नाम लिये बगैर मोदी ने कहा कि कांग्रेस और डीएमके ने अपनी ‘आउटडेटेड 2जी मिसाइल’ लॉन्च की है और इस मिसाइल का एक स्पष्ट लक्ष्य तमिलनाडु की महिलाएं हैं.

उन्होंने आरोप लगाया, ‘कुछ दिन पहले संप्रग द्वारा दागी गई इस मिसाइल को तमिलनाडु की नारी शक्ति पर हमला करने का स्पष्ट रूप से आदेश दिया गया था.’

मोदी ने आरोप लगाया कि आज कांग्रेस और डीएमके ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी की आदरणीय मां का अपमान किया.

उन्होंने कहा, ‘भगवान न करे, अगर वे (कांग्रेस और डीएमके) सत्ता में आ गए तो वे तमिलनाडु में कई और महिलाओं का अपमान करेंगे.’

कुछ दिन पहले अपने प्रचार के दौरान राजा ने पलानीस्वामी के जन्म को लेकर कथित तौर पर आक्रामक अंदाज में टिप्पणी की थी और सत्ताधारी एआईएडीएमके ने इसे लेकर पुलिस को शिकायत की थी, जिसके बाद राजा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.

बहरहाल डीएमके सांसद ए. राजा ने कथित रूप से के. पलानीस्वामी की दिवंगत मां के बारे में की गई टिप्पणियों के लेकर मुख्यमंत्री से माफी मांगी है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनकी बातों का गलत मतलब निकाला गया और उसे ‘तोड़-मरोड़कर’ पेश किया गया.

तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए छह अप्रैल को मतदान होना है.

मुख्यमंत्री पद का दावेदार नहीं: पुदुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री नारायणसामी

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी. नारायणसामी ने मंगलवार को कहा कि पुदुचेरी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी के जीतने की स्थिति में अगर उनसे फिर से मुख्यमंत्री बनने की पेशकश की जाती है तो वह इसे स्वीकार नहीं करेंगे और इस केंद्रशासित प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए काम करते रहेंगे.

पुदुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री नारायणसामी ने यह टिप्पणी ऐसे समय की है जब हाल ही में कांग्रेस ने अपने 14 उम्मीदवारों की सूची जारी की तो इसमें उनका नाम नहीं था.

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, क्योंकि चुनाव संबंधी कार्यों एवं कार्यक्रमों को लेकर उन्हें समन्वय का काम करना है.

पुदुचेरी में सभी 30 सीटों के लिए छह अप्रैल को मतदान होना है.

नारायणसामी ने यह भी कहा कि इस चुनाव का मुख्य मुद्दा पुदुचेरी को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने से जुड़ा है और इस चुनाव में कांग्रेस इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है, जबकि भाजपा के घोषणा पत्र में इस मामले पर कुछ नहीं कहा गया है.

उनके मुताबिक, पुदुचेरी को 15वें वित्त आयोग में शामिल करने, विरासत में मिले कर्ज को माफ करने तथा मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए नीट रूपी परीक्षा को खत्म करने की मांग अन्य प्रमुख मुद्दे हैं.

उन्होंने दावा किया कि अगर पुदुचेरी में भाजपा सत्ता में आती है तो इस केंद्रशासित प्रदेश की खुद की पहचान खत्म हो जाएगी.

नारायणसामी ने कहा, ‘दिल्ली सरकार की शक्तियां लेकर उपराज्यपाल को दे दी गईं. अब दिल्ली सरकार शक्तिहीन हो गई है.’

उन्होंने कहा कि पुदुचेरी को लोगों को इस मुद्दे को ध्यान में रखकर वोट करना चाहिए.

यह पूछे जाने पर कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत होने पर क्या वह मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी फिर से संभालेंगे तो नारायणसामी ने ‘न’ में जवाब दिया.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री के बारे में विधायक फैसला करते हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं कांग्रेस कार्यकर्ता हूं. मैं पार्टी को मजबूत करने के लिए 24 घंटे काम करूंगा.’

पुदुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस नीत गठबंधन के तहत कांग्रेस 14, डीएमके 13, भाकपा एक और वीसीके एक सीट पर चुनाव लड़ रही है. कांग्रेस एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन दे रही है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)