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आरएसएस से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच ने कहा, बजट में रोज़गार के मोर्चे पर पर्याप्त प्रयास नहीं

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय बजट में लघु उद्योगों एवं देश में रोज़गार सृजन को लेकर काफी सीमित प्रयास किए गए हैं जो चिंताजनक हैं.

बजट पेश करतीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच ने बुधवार को कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 का केंद्रीय बजट विकासोन्मुखी है, लेकिन इसमें रोजगार के मोर्चे पर पर्याप्त प्रयास नहीं दिखाई देता है.

स्वदेशी जागरण मंच के एक बयान में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2022-23 का केंद्रीय बजट विकासोन्मुखी है और इसमें डिजिटल आधारभूत ढांचा, शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचा, पेयजल, गरीबों के लिये आवास सहित आधारभूत ढांचे के विकास के लिए पर्याप्त जोर दिया गया है.

मंच ने हालांकि इस बात पर चिंता व्यक्त की कि इसमें देश में लघु उद्योगों और रोजगार सृजन को लेकर सीमित प्रयास किए गए हैं.

स्वदेशी जागरण मंच ने बयान में कहा कि लघु उद्योगों एवं देश में रोजगार सृजन को लेकर काफी सीमित प्रयास किए गए हैं जो चिंताजनक हैं.

संगठन ने कहा कि देश में स्वरोजगार को प्रोत्साहन देने की काफी जरूरत है और इस दिशा में केंद्र तथा राज्य सरकारों को उद्यमिता विकास कार्यक्रम आगे बढ़ाने की जरूरत है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इसमें कहा गया है कि देश के हर जिले में एक उद्यमिता विकास केंद्र की भी जरूरत है.

स्वदेशी जागरण मंच ने ऐसे ऋणों के लिए गारंटी कवर का विस्तार करके एमएसएमई क्षेत्र को ऋण बढ़ाने की योजना का स्वागत किया.

साथ ही कहा, ‘हालांकि, हमें लगता है कि इक्विटी सब्सिडी के माध्यम से सरकारी सहायता एक ऐसी चीज है जिसकी तत्काल आवश्यकता है.’

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2022-23 का आम बजट संसद में पेश किया.

मंच ने बजट में डिजिटल एसेट्स से होने वाली आय पर 30 प्रतिशत की दर से कर लगाने और प्राप्तकर्ताओं के हाथों डिजिटल संपत्ति के उपहार पर कर लगाने के प्रावधान को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा, मनी लॉन्ड्रिंग और क्रिप्टो में लेनदेन से उत्पन्न अन्य संबंधित खतरों को देखते हुए निजी क्रिप्टो मुद्राओं पर प्रतिबंध ही एकमात्र समाधान है.

स्वदेशी जागरण मंच ने कहा, ‘हम प्राकृतिक खेती, शून्य बजट खेती और जैविक खेती के लिए बजट की सराहना करते हैं.’ इसने 2023 को राष्ट्रीय बाजरा वर्ष घोषित करने के सरकार के प्रस्ताव का स्वागत किया.

हालांकि, इसने कहा कि सरकार को सीमित क्षेत्र में इसके प्रचार पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय देश के विभिन्न हिस्सों में रासायनिक मुक्त खेती को बढ़ावा देना चाहिए.

बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा था कि सरकार पहले चरण में गंगा नदी के साथ पांच किलोमीटर चौड़े गलियारों में किसानों की भूमि पर ध्यान केंद्रित करते हुए पूरे देश में रासायनिक मुक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देगी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)