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अफ़ग़ानिस्तान: तालिबान ने बीबीसी और वॉयस ऑफ अमेरिका के प्रसारण पर रोक लगाई

बीबीसी ने इस संबंध में रविवार को घोषणा करते हुए कहा कि अनिश्चितता और अशांति भरे समय में अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के लिए यह एक चिंताजनक घटनाक्रम है. बताया गया है कि तालिबान की ख़ुफ़िया एजेंसी के आदेश के बाद वॉयस ऑफ अमेरिका का प्रसारण भी बंद कर दिया गया.

नई दिल्ली: अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने बीबीसी न्यूज बुलेटिन को बंद करने का फरमान सुनाया है. यूके के राष्ट्रीय प्रसारणकर्ता बीबीसी ने स्वयं इसकी जानकारी दी है.

बीबीसी ने इस संबंध में रविवार को घोषणा करते हुए कहा, ‘अनिश्चितता और अशांति भरे समय में अफगानिस्तान के लोगों के लिए यह एक चिंताजनक घटनाक्रम है.’

बीबीसी वर्ल्ड सर्विस में लैंग्वेज हेड तारिक काफला ने कहा कि 60 लाख से ज्यादा अफ़गानी बीबीसी की ‘स्वंतत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता’ को पसंद करते थे और कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि उन्हें इससे वंचित न किया जाए.

बीबीसी की एंकर और संवाददाता यल्दा हाकिम द्वारा ट्वीट किए गए एक बयान में काफला ने कहा, ‘हम तालिबान से अपने फैसले को वापस लेने और हमारे टीवी पार्टनर को बीबीसी के न्यूज बुलेटिन तुरंत अपने एयरवेव्स पर वापस चलाने की अनुमति देने का आह्वान करते हैं.’

 

वॉयस ऑफ अमेरिका पर भी रोक

जर्मन समाचार एजेंसी डॉयचे प्रेसे-अगेंटुअर (Deutsche Presse-Agentur) (डीपीए) ने अफगान मीडिया कंपनी मोबी ग्रुप का उल्लेख करते हुए कहा कि तालिबान की खुफिया एजेंसी के आदेश के बाद तालिबान द्वारा वॉयस ऑफ अमेरिका का प्रसारण भी बंद कर दिया गया था.

डीपीए ने कहा कि सूचना एवं संस्कृति मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल हक अहमद ने इसकी पुष्टि की.

बता दें कि जब अगस्त 2021 में तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा करके अपने नियंत्रण में ले लिया था, तब कई पत्रकार देश छोड़कर भाग गए.

बहरहाल, अंतरराष्ट्रीय प्रसारकों को संचालन से रोकने के लिए तालिबान का कदम तब सामने आया है जब कुछ दिनों पहले लिए लड़कियों के माध्यमिक स्कूलों को वापस खोलने संबंधी फैसले पर तालिबान पीछे हट गया है.

मूल रूप से डीडब्ल्यू पर प्रकाशित इस रिपोर्ट को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.