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राजस्थान: जोधपुर में कर्फ्यू जारी, उपद्रव के आरोप में 141 गिरफ़्तार

जोधपुर में जालौरी गेट इलाके में सोमवार देर रात एक स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा पर झंडा फहराने और हटाने को लेकर दो समुदायों के बीच झड़प के बाद कई क्षेत्रों ने कर्फ्यू लगाया गया था. सत्तारूढ़ कांग्रेस ने कई राज्यों में हुई सांप्रदायिक झड़पों का हवाला देते हुए भाजपा पर चुनावी राज्यों में नफ़रत फैलाने का आरोप लगाया है.

जोधपुर में 3 मई को दो समुदायों के बीच झड़प के बाद मोटरसाइकिल में लगी आग बुझाने की कोशिश करता हुआ एक व्यक्ति. (फोटो: पीटीआई)

जोधपुर: जोधपुर में मंगलवार को हुए उपद्रव के सिलसिले में 141 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि शहर में बुधवार को लगातार दूसरे दिन कर्फ्यू जारी रहा. पुलिस ने दावा किया है कि शहर में हालात नियंत्रण में हैं.

जोधपुर पुलिस नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी में कहा गया है कि अब तक 141 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, मंगलवार रात से स्थिति नियंत्रण में है और कोई नई अप्रिय घटना नहीं हुई.

राज्य के पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर ने जयपुर में बताया कि जोधपुर शहर में स्थिति नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस हर संभव कदम उठा रही है.

उन्होंने बताया कि जिले में शांति और सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में अभी तक कुल 141 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और इनमें से 133 को धारा 151 जबकि आठ को अन्य धाराओं में गिरफ्तार किया गया है.

लाठर ने बताया कि मंगलवार को ईद के दिन हुई हिंसक घटनाओं के सिलसिले में अब तक पुलिस ने चार एफआईआर दर्ज की हैं और लोगों ने आठ एफआईआर दर्ज कराई हैं.

उन्होंने बताया कि उपद्रव में 9 पुलिसकर्मियों को चोट आई है और सभी खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि तीन अन्य असैन्य नागरिक भी घायल हुए थे और अब उन्हें भी खतरे से बाहर बताया जा रहा है.

वहीं उदयपुर में इस संबंध में सवाल करने पर मुख्यमंत्री गहलोत ने पत्रकारों को बताया, ‘जोधपुर में अब शांति है और सद्भावना के प्रयास किए जा रहे हैं.’

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर गृह राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह यादव, जोधपुर के प्रभारी मंत्री सुभाष गर्ग, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अभय कुमार और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक हवा सिंह घुमरिया मंगलवार को यहां पहुंचे.

जोधपुर मुख्यमंत्री गहलोत का गृह नगर भी है जहां हालात पर नजर रखने के लिए आला-अधिकारियों के साथ लगभग 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. जोधपुर जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद हैं.

दोनों मंत्री व पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी शहर में डेरा डाले हुए हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को अपने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने के लिए कहना चाहिए और सभी को एकजुट रहना चाहिए.

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जोधपुर पहुंचे गृह राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह यादव व अन्य ने स्थिति का जायजा लिया और पुलिस-प्रशासन को मजबूत कानून-व्यवस्था बनाये रखते हुए धारा 144 (निषेधाज्ञा) व कर्फ्यू का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. यादव ने कहा, ‘‘दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा.’’

राजेंद्र यादव ने कहा, ‘हम घटना के हर पहलू पर चर्चा करने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. अगर किसी अधिकारी ने सही जानकारी सरकार से साझा नहीं की तो अधिकारी को हटा दिया जाएगा.’

शहर के 10 थाना क्षेत्रों– उदयमंदिर, सदर कोतवाली, सदर बाजार, नागोरी गेट, खांडा फलसा, प्रतापनगर, प्रतापनगर सदर, देवनगर, सूरसागर व सरदारपुरा में मंगलवार को दोपहर एक बजे से बुधवार, चार मई की मध्यरात्रि तक कर्फ्यू के आदेश हैं.

मालूम हो कि जोधपुर के जालौरी गेट इलाके में स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा पर झंडा फहराने और हटाने को लेकर दो समुदायों के सदस्यों के बीच सोमवार देर रात हुई झड़प के कुछ घंटे बाद ही पथराव हो गया था, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे.

पुलिस ने बताया कि सोमवार देर रात हालात काबू में कर लिए गए थे, लेकिन मंगलवार सुबह जालौरी गेट के पास ईदगाह पर ईद की नमाज अदा करने के बाद कुछ लोगों ने वहां खड़े वाहनों पर पथराव किया, जिसमें कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और इसके बाद 10 थाना क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया.

नियंत्रण कक्ष की ओर से कहा गया है कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं.

राजनीतिक बयानबाजी

मुख्यमंत्री ने समाचार चैनलों को बताया कि ‘उन्हें बदनाम करना भाजपा का एजेंडा’ था. उन्होंने कहा, ‘हिंदू-मुस्लिम दंगे भड़काना उनका काम है. आप कब तक ध्रुवीकरण के नाम पर राजनीति कर सकते हैं? यह देश सभी धर्मों का है, सभी जातियों का है और पीएम मोदी और केंद्र सरकार को भी इसे समझना होगा.’

वहीं, भाजपा ने कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दावा किया कि पुलिस दबाव में काम कर रही है.

शेखावत ने कहा कि अगर दंगाइयों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह पार्टी के अन्य नेताओं के साथ जालोरी गेट सर्कल पर धरने पर बैठेंगे.

उन्होंने कहा, ‘एक व्यक्ति को चाकू मार दिया गया और वह अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है. बदमाशों ने महिलाओं का अपमान भी किया और नाबालिग बच्ची का पैर तोड़ दिया. उन्होंने सुनारो का बास इलाके में एक मंदिर को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की.’

भाजपा विधायक सूर्यकांत व्यास ने जालोरी गेट इलाके का दौरा किया. प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जैसे भाजपा के अन्य नेताओं ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा.

इस बीच, कांग्रेस ने भाजपा पर गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में सांप्रदायिक झड़पों का हवाला देते हुए चुनावी राज्यों में नफरत फैलाने का आरोप लगाया.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा ने राजस्थान में और अन्य चुनावी राज्यों में एक भयावह और घृणित एजेंडा को उजागर किया है.

उन्होंने आरोप लगाया कि अब उत्तर प्रदेश या उत्तराखंड में कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं होगा क्योंकि वहां चुनाव हो चुके हैं और भगवा पार्टी का उद्देश्य पूरा हो गया है.

उन्होंने कहा, ‘उनका एजेंडा लोगों को बेवकूफ बनाना है. उनका एजेंडा लोगों को बांटना है. उनका एजेंडा हमेशा हिंदू-मुसलमान, शमशान-कब्रिस्तान की राजनीति करना है. उनका एजेंडा धार्मिक और सांप्रदायिक विभाजन को सबसे आगे रखना है ताकि महंगाई, बेरोजगारी, प्रगति और विकास के मुद्दों को कूड़ेदान में डाल दिया जाए.’

सुरजेवाला ने कहा, ‘वे चाहते हैं कि हिंदू और मुसलमान लड़ें ताकि कोई भी मोदी जी से यह न पूछे कि ‘आपके द्वारा किए गए हर खाते में 15 लाख कहां हैं’. वे चाहते हैं कि हिंदू और मुसलमान चुनावी राज्यों में लड़ें ताकि लोग उनसे 2 करोड़ नौकरियों के वादे और मोदी सरकार के आठ साल में 16 करोड़ नौकरियां पैदा करने के वादे पर सवाल न करें.’

कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा हिंदू-मुस्लिम लड़ाई चाहती है ताकि दाल, खाद्य पदार्थ, आटा, सब्जियां, दूध और खाद्य तेल की कीमत पर कोई सवाल न पूछा जाए और इन सभी मुद्दों को पृष्ठभूमि में रखा जाए.

सुरजेवाला ने जनता का ध्यान एक भाजपा विधायक की टिप्पणी की ओर भी दिलाया, जिन्होंने कहा था कि यदि सड़क में गड्ढे हैं और लोग चल नहीं सकते हैं, तो उन्हें कहना चाहिए कि ‘गड्ढों या विकास की कमी पर ध्यान न दें और कहें- हम एक हिंदू राष्ट्र हैं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)