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गुड़गांव: क़ैदियों को भागने में मदद करने को लेकर तीन पुलिसकर्मियों सहित छह गिरफ़्तार

बलात्कार और डकैती के आरोप में गिरफ़्तार किए गए और गुड़गांव की भोंडसी जेल में बंद दो क़ैदियों को मेडिकल चेक-अप के लिए पुलिस वाहन में दिल्ली ले जाया जा रहा था, जब वे सुभाष चौक के पास फ़रार हो गए. पुलिस के अनुसार, इसमें उन्हें ले जा रहे पुलिसकर्मियों की मिलीभगत थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

गुड़गांव: इलाज के लिए ले जाते समय दो कैदियों को भागने में कथित तौर पर मदद करने को लेकर तीन पुलिसकर्मियों सहित छह लोगों को यहां गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार पुलिसकर्मियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. अन्य तीन लोगों से पूछताछ की जा रही है.

पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश निवासी अभिजीत और हरियाणा के बल्लभगढ़ निवासी राकेश को इलाज के लिए पुलिस के एक वाहन में दिल्ली ले जाया गया था, तभी वे सुभाष चौक के पास फरार हो गए.

सहायक पुलिस आयुक्त प्रीत पाल सिंह सांगवान ने बताया, ‘प्राथमिकी जांच में खुलासा हुआ कि तीनों पुलिसकर्मियों की ओर से लापरवाही हुई है.’

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के तीन गार्डों को दो कैदियों को मेडिकल चेक-अप के लिए दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. भोंडसी जेल में बंद दोनों की पहचान यूपी के अभिजीत और बल्लभगढ़ के राकेश के रूप में हुई. उन्हें क्रमशः बलात्कार और डकैती के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि तीन पुलिस वाले और दो आरोपी सेक्टर- 56 के ट्रैफिक सिग्नल पर पुलिस वाहन से उतरे और दिल्ली के अस्पताल जाने के लिए एक निजी कार में सवार हुए. उनका स्वास्थ्य परीक्षण होने के बाद वे जेल नहीं लौटे, बल्कि गुड़गांव के सेक्टर-38 में एक होटल के लिए रवाना हुए.

होटल में पुलिस और आरोपियों के साथ दो लोग- झालसा गांव निवासी अरविंद और नाहरपुर रूपा के रहने वाले अजय जाखड़ शामिल थे. दोनों ने आरोपी को अपनी स्कूटी की चाबी दे दी.

एसीपी (अपराध) प्रीत पाल सांगवान ने कहा, ‘हमें पता चला है कि अरविंद और अजय एक स्कूटर में आए और दोनों आरोपियों को चाबी दे दी. दोनों ने भागने के लिए स्कूटर का इस्तेमाल किया. वे अभी भी फरार हैं.’

पुलिस को पता चला है कि होटल में सभी लोग एक टेबल पर बैठकर खाना-पीना किया था. पुलिस ने कहा कि भागने की योजना पहले से बनाई गई थी, यह बात इस तथ्य से स्पष्ट है कि होटल में सीसीटीवी कैमरे उस समय बंद थे.

सोमवार शाम करीब 5 बजे भोंडसी जेल के अधिकारियों को सूचना मिली कि दोनों भाग गए हैं. तीनों पुलिस वाले शाम 7 बजे के आसपास जेल पहुंचे और कथित तौर पर एक कहानी गढ़ी कि दोनों आरोपियों ने उन पर जोर-जबरदस्ती से काबू पा लिया और भाग निकले.

एसीपी सांगवान ने कहा, ‘उन्होंने स्पष्ट रूप से हमें सच नहीं बताया. हमने जांच शुरू करने के बाद ही हमें भागने में उनकी भूमिका के बारे में पता चला. तीनों से पूछताछ की जा रही है.’

तीनों पुलिसकर्मियों की पहचान हेड कांस्टेबल नीशु और कांस्टेबल अनिल कुमार और नवीन के रूप में हुई है. उन्हें मंगलवार को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

आरोपी और होटल के मालिक को कथित तौर पर अपने स्कूटर की चाबी देने वाले दो लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने उम्मीद जताई कि दोनों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

सदर पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ आईपीसी  की धारा 222 (लोक सेवक द्वारा कानून के निर्देश की अवहेलना), 224 (किसी व्यक्ति द्वारा उसकी कानूनन हिरासत का विरोध या इसमें बाधा डालना), 225 (पकड़ने में चूक), और 34 (समान इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

एक अधिकारी ने कहा, ‘हमने टीमें बनाई हैं और विभिन्न स्थानों पर तलाशी शुरू कर रहे हैं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)