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अग्निपथ योजना से तनाव में आकर सेना की तैयारी कर रहे युवक ने ख़ुदकुशी की: राजस्थान पुलिस

राजस्थान के झुंझुनू ज़िले के चिड़ावा क़स्बे मामला. परिजनों ने शिकायत में कहा है कि मृतक अंकित चिड़ावा में किराये के मकान में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे और ‘अग्निपथ योजना’ की घोषणा के कारण तनाव में थे.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

जयपुर: सेना में भर्ती की ‘अग्निपथ योजना’ की घोषणा के बाद कथित रूप से अवसाद में आकर झुंझुनू जिले में 19 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने यह जानकारी दी है.

मृत युवक अंकित के चाचा लेखराज द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने बताया कि वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था और अग्निपथ योजना की घोषणा के कारण तनाव में था.

उन्होंने बताया कि अंकित जिले के चिड़ावा कस्बे में किराये के मकान में रह कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था और ‘अग्निपथ योजना’ की घोषणा के कारण तनाव में था.

उन्होंने बताया कि उसने मंगलवार को पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

चिड़ावा के थाना प्रभारी इंद्र प्रकाश यादव ने बताया, ‘हमने अंकित के कमरे को सील कर दिया है. अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. हमें यह भी पता चला है कि अंकित का शहर में रहने वाली उसकी बहन से कोई विवाद था.’

उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और इस संबंध में सीआरपीसी की धारा 174 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

दैनिक भास्कर के मुताबिक, चिड़ावा में स्टेशन रोड पर रहने वाले अंकित ने अपनी बहन पूनम (23 वर्ष) के घर पर आत्महत्या की है. दोनों झुंझुनूं के कोलसिया की नेहरा की ढाणी के रहने वाले हैं. पूनम झांझोत के सरकारी स्कूल में एलडीसी के पद पर कार्यरत हैं.

परिजनों ने बताया कि अंकित सोमवार को ही अपने ननिहाल भोड़की से बहन पूनम के यहां गया था. मंगलवार को योग दिवस के कार्यक्रम के चलते वह स्कूल गई थी. तभी अंकित ने कमरे में पंखे पर फंदा डालकर आत्महत्या कर ली.

अंकित श्रद्धानाथ कॉलेज गुढ़ागौड़जी में बीए सेकेंड ईयर के छात्र थे. उनके पिता रीढ़ की हड्डी में दिक्कत होने की वजह से बिस्तर से उठ नहीं पाते हैं. उनका घर खेती-किसानी से चलता है.

परिजनों ने बताया कि अंकित ने राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद के लिए 14 मई को परीक्षा दी थी, लेकिन पेपर लीक होने की वजह से दूसरी पाली का पेपर रद्द हो गया था. इसको लेकर भी वह परेशान रहने लगे थे.

उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्होंने सेना की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन भर्ती की नई नीति (अग्निपथ) लागू होने के बाद से वह तनाव में आ गए थे.

रिपोर्ट के मुताबिक, अग्निपथ योजना आने के बाद राजस्थान में सेना की तैयारी कर रहे दो युवकों ने आत्महत्या कर लिया है. एक दिन पहले भरतपुर में भी एक युवक ने आत्महत्या कर ली थी. वह भी सेना की तैयारी कर रहा था, हालांकि उसके आत्महत्या के स्पष्ट कारण अभी पता नहीं चल सके हैं.

इससे पहले हरियाणा में रोहतक में जींद के लिजवाना गांव के रहने वाले 23 वर्षीय युवक ने अपने परिवार के साथ एक पेइंग गेस्ट आवास में अपने कमरे के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली और दावा किया कि वह सशस्त्र बलों में भर्ती की तैयारी कर रहा था और नई नीति से निराश था.

केंद्र सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए थलसेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती संबंधी अग्निपथ नामक योजना की बीते 14 जून को घोषणा की थी, जिसके तहत सैनिकों की भर्ती सिर्फ चार साल की कम अवधि के लिए संविदा आधार पर की जाएगी.

योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल करीब 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे. योजना के तहत 17.5 साल से 21 साल तक के युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाएगा और उनमें से 25 फीसदी सैनिकों को अगले 15 और साल के लिए सेना में रखा जाएगा.

हालांकि बाद में सरकार ने 2022 में भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा को बढ़ाकर 23 साल कर दिया. इस नई योजना के तहत भर्ती रंगरूटों को ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा.

मालूम हो कि अग्निपथ योजना के तहत रोजगार के पहले वर्ष में एक ‘अग्निवीर’ का मासिक वेतन 30,000 रुपये होगा, लेकिन हाथ में केवल 21,000 रुपये ही आएंगे. हर महीने 9,000 रुपये सरकार के एक कोष में जाएंगे, जिसमें सरकार भी अपनी ओर से समान राशि डालेगी.

इसके बाद दूसरे, तीसरे और चौथे वर्ष में मासिक वेतन 33,000 रुपये, 36,500 रुपये और 40,000 रुपये होगा. प्रत्येक ‘अग्निवीर’ को ‘सेवा निधि पैकेज’ के रूप में 11.71 लाख रुपये की राशि मिलेगी और इस पर आयकर से छूट मिलेगी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)