राजनीति

सांप्रदायिक विभाजन के अपने एजेंडे के लिए भाजपा आपराधिक तत्वों का इस्तेमाल कर रही है: महबूबा

पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि पहले उदयपुर हत्याकांड का आरोपी और अब राजौरी में पकड़ा गया लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी, दोनों के भाजपा से सक्रिय संबंध रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर इन आरोपियों के संबंध किसी विपक्षी नेता से होते तो अभी तक कई एफआईआर दर्ज हो चुकी होतीं. लश्कर आतंकी के ​भाजपा के अल्पसंख्यक सोशल मीडिया विंग का इंचार्ज होने के आरोपों पर विपक्ष ने भी पार्टी पर निशाना साधा है.

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती. (फोटो: पीटीआई)

श्रीनगर/जम्मू: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ‘सांप्रदायिक विभाजन और नफरत’ के अपने एजेंडे के लिए आपराधिक तत्वों का इस्तेमाल कर रही है.

महबूबा ने ट्वीट किया, ‘पहले उदयपुर हत्याकांड का आरोपी और अब राजौरी में पकड़ा गया लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी, दोनों के भाजपा से सक्रिय संबंध रहे हैं. सत्तारूढ़ पार्टी सांप्रदायिक विभाजन और नफरत के अपने एजेंडे के लिए आपराधिक तत्वों का इस्तेमाल कर रही है, चाहे वे गोरक्षक हों या आतंकवादी.’

उन्होंने कहा कि अगर इन आरोपियों के संबंध किसी विपक्षी नेता से होते तो अभी तक कई एफआईआर दर्ज हो चुकी होतीं.

महबूबा ने कहा, ‘सोचिए अगर इनमें से कोई अपराधी किसी विपक्षी नेता से जुड़ा होता. अभी तक गई एफआईआर दर्ज हो चुकी होतीं और गोदी मीडिया विपक्ष को बदनाम करने के लिए इस खबर को ‘प्राइम टाइम’ पर चलाता.’

गौरतलब है कि राजौरी में हालिया शृंखलाबद्ध विस्फोटों का मास्टरमाइंड तालिब हुसैन शाह को पुलवामा के उसके सहयोगी फैसल अहमद डार के साथ रविवार को तड़के रियासी जिले के दूरस्थ टक्सन ढोक गांव में ग्रामीणों ने धर दबोचा और बाद में उन्हें पुलिस को सौंप दिया. उन लोगों के पास से दो एके राइफल, एक पिस्तौल, सात हथगोले और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया है.

तालिब हुसैन शाह और उसके सहयोगी फैसल अहमद डार को ग्रामीणों द्वारा पकड़े जाने तथा पुलिस को सौंपे जाने की खबर आते ही भाजपा की जम्मू कश्मीर इकाई के प्रमुख रविंदर रैना के साथ शाह की कथित तस्वीरें और पार्टी के कार्यक्रमों में उसकी भागीदारी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं.

तस्वीरों में से एक में रैना उसे एक गुलदस्ता देते नजर आ रहे हैं, जबकि एक अन्य में पार्टी के नेता शेख बशीर द्वारा जारी एक पत्र में उसे नौ मई को अल्पसंख्यक मोर्चा (जम्मू प्रांत) के नए आईटी एवं सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है.

इसके अलावा, उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की हत्या के आरोपियों में एक रियाज अटारी के भी भाजपा से कथित संबंध होने की खबरें आई थीं.

भाजपा ने रियाज अटारी से संबंध होने की खबरों को खारिज किया है. वहीं, उसने दावा किया है कि लश्कर के आतंकवादी तालिब हुसैन ने मई में पार्टी में शामिल होने के 18 दिन बाद ही इस्तीफा दे दिया था.

भाजपा का गिरफ्तार आतंकी के पार्टी सदस्य होने से इनकार, दलों की जांच की मांग की

भारतीय जनता पार्टी ने उन दावों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा जा रहा है कि प्रदेश के रियासी जिले में गिरफ्तार किया गया लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी पार्टी का सदस्य है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भगवा दल की आलोचना की और इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की.

भाजपा के प्रवक्ता अभिनव शर्मा ने दावा किया कि गिरफ्तार किया गया आतंकवादी और राजौरी का रहने वाला तालिब हुसैन शाह एक साजिश के तहत न्यूज पोर्टल का रिपोर्टर बनकर पार्टी के कार्यालय में आया था और अपने आका के निर्देश पर पार्टी के नेताओं को निशाना बनाने के लिए उसने टोह ली थी.

उन्होंने उन दावों को खारिज कर दिया कि शाह जम्मू कश्मीर के अल्पसंख्यक सेल का आईटी प्रभारी था. इसके साथ ही भाजपा प्रवक्ता ने पार्टी कार्यालय और नेताओं की सुरक्षा को मजबूत किए जाने की मांग की.

शर्मा ने कहा, ‘हमारे आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार वह पार्टी का न तो प्राथमिक और न ही बेसिक सदस्य था, इसलिए पार्टी का सक्रिय सदस्य होने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है.’

उन्होंने कहा, ‘उसने एक न्यूज पोर्टल का पत्रकार बन कर हमारे मुख्यालय का दौरा किया था और हमारे अध्यक्ष (रविंदर रैना) का साक्षात्कार किया था, जो अपने राष्ट्रवादी विचारों के लिए जाने जाते हैं और खुले तौर पर पाकिस्तान और आतंकवादियों के खिलाफ बोलते हैं.’

भाजपा नेता ने संवाददाताओं से कहा, ‘उन्हें कई बार जान से मारने की धमकी मिल चुकी है, शाह का लगातार पार्टी मुख्यालय आना हमारे नेता को निशाना बनाने की साजिश थी.’

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को भाजपा के खिलाफ जम्मू में प्रदर्शन किया और ‘आतंकवादियों को सहारा देने’ का आरोप लगाया.

रैना के साथ मंच साझा करते लश्कर आतंकवादी की तस्वीर हाथों में लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी मुख्यालय से निकल कर शहीदी चौक की तरफ बढ़े और एक विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश की.

हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया जो बाद में पार्टी मुख्यालय लौट गए. इससे पहले उन्होंने पुलिस घेरा को तोड़ने का असफल प्रयास किया.

कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री रमन भल्ला ने संवाददाताओं से कहा, ‘शाह भाजपा के आईटी सेल का सक्रिय सदस्य था, इसके लिए किसी साक्ष्य की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यह चिंता का विषय है और सुरक्षा में बड़ी चूक है.’

भल्ला ने कहा, ‘रैना और यहां तक कि गृह मंत्री के साथ शाह की तस्वीरें भाजपा के साथ उसके जुड़ाव के बारे में बताती हैं, जिससे उसे पार्टी में शामिल करने और आईटी तथा मीडिया सेल में एक शीर्ष पद तक पहुंचने में मदद मिली.’

उन्होंने भाजपा में एक आतंकवादी की मौजूदगी का पता लगाने में खुफिया एजेंसियों की विफलता पर सवाल उठाया.

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘यह एक गंभीर सुरक्षा उल्लंघन और खुफिया एजेंसियों की विफलता है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच करने और कार्रवाई किये जाने की जरूरत है.’

आम आदमी पार्टी ने भी भाजपा पर निशाना साधा है. पार्टी नेता संजय सिंह ने कहा, ‘यह न तो संयोग है और न ही कोई प्रयोग. आतंकवादियों के साथ भाजपा के संबंधों की जांच संयुक्त संसदीय समिति द्वारा की जानी चाहिए.’

सिंह ने कहा, ‘यह एक बहुत ही गंभीर और राष्ट्रीय हित का मुद्दा है.’

भल्ला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी खुद को इस जिम्मेदारी से बचा नहीं सकती है. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मसले पर पार्टी चुप नहीं बैठेगी.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भल्ला ने कहा कि भाजपा जिम्मेदारी से खुद को मुक्त नहीं कर सकती है. उन्होंने कहा, ‘जम्मू कश्मीर से लेकर उदयपुर तक बीजेपी में ऐसे तत्वों की मौजूदगी बहुत चिंता का विषय है.’

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उदयपुर में एक दर्जी की हत्या के आरोपी भाजपा के सदस्य थे, लेकिन भाजपा ने इस आरोप से इनकार किया था. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दे पर चुप नहीं रहेगी.

भाजपा प्रवक्ता अभिनव शर्मा ने इस बीच कहा कि जो पत्र सर्कुलेट हो रहा है, जिसे कथित रूप से शेख बशीर ने जारी किया है, उसकी जांच की जा रही है.

उन्होंने कहा, ‘क्या बशीर ने उन्हें (शाह को) अनौपचारिक रूप से प्रभार दिया था, यह अभी तक साफ नहीं हुआ है, क्योंकि आईटी और मीडिया सेल में पोस्टिंग उच्चतम स्तर पर की जाती है.’

उन्होंने कहा, ‘हम उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और उनके प्रशासन से भाजपा मुख्यालय और पार्टी नेताओं, विशेषकर रैना की सुरक्षा को मजबूत करने का अनुरोध करते हैं, जो एक आतंकवादी के कार्यालय का दौरा करने के बाद से राष्ट्र विरोधी तत्वों से खतरे का सामना कर रहे हैं.’

हालांकि, एनआईए की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता भल्ला ने कहा, ‘उन्हें उच्च सुरक्षा वाले स्थानों की जांच करनी चाहिए, जहां उन्होंने भाजपा नेता की पहचान का उपयोग किया है. यह जांच का विषय है. बीजेपी को इस पर माफी मांगनी चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘आतंकवादी भाजपा के कार्यकर्ताओं में घुस रहे हैं और खुद को राष्ट्रवादी कहने वाली पार्टी को लोगों को बताना चाहिए कि ये आतंकवादी भाजपा में क्या कर रहे हैं.’

लेकिन शर्मा ने इसे भाजपा नेताओं को निशाना बनाने की साजिश करार दिया. उन्होंने कहा, ‘उनका (आतंकवादी) इरादा भाजपा कार्यालय की रेकी करने और भाजपा नेताओं की गतिविधियों को पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों के साथ साझा करने का था.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)