कोविड-19

बीते एक दिन में कोविड-19 संक्रमण के 18,930 नए मामले दर्ज और 35 लोगों ने जान गंवाई

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4,35,66,739 हो गई है और इस महामारी के कारण 5,25,305 लोगों की मौत हुई है. विश्व में संक्रमण के 55.24 करोड़ से ज़्यादा मामले सामने आए हैं और अब तक 63.44 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस संक्रमण के 18,930 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4,35,66,739 हो गई, जबकि उपचाराधीन रोगियों यानी सक्रिय मामलों की तादाद 1,19,457 तक पहुंच गई है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार को अद्यतन किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान 35 और संक्रमितों की मौत के बाद मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 5,25,305 तक पहुंच गई है.

अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक, पूरी दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 55,24,97,884 हो गए हैं और इस संक्रमण के चलते दुनियाभर में अब तक 63,44,720 लोगों की मौत हो चुकी है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में उपचाराधीन रोगियों की संख्या कुल मामलों की 0.26 प्रतिशत है, जबकि कोविड-19 से उबरने की राष्ट्रीय दर 98.53 फीसद है. 24 घंटे की अवधि के दौरान उपचाराधीन रोगियों की संख्या में 4,245 मामलों की वृद्धि हुई है.

मंत्रालय ने बताया कि अब तक कुल 86.53 करोड़ कोविड-19 जांच की जा चुकी हैं. बीते 24 घंटे में 4,38,005 जांच की गईं. दैनिक संक्रमण दर 4.32 प्रतिशत, जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 3.86 फीसद दर्ज की गई.

पिछले 24 घंटे के दौरान कोविड-19 से मौत के 35 नए मामलों में से केरल से 19, महाराष्ट्र के सात और पश्चिम बंगाल से तीन मामले सामने आए हैं.

देश में अब तक कोविड-19 से कुल 5,25,305 लोगों की मौत हो चुकी हैं, जिनमें महाराष्ट्र में 1,47,956, केरल में 70,073, कर्नाटक में 40,122, तमिलनाडु में 38,027, दिल्ली में 26,276, उत्तर प्रदेश में 23,543 और पश्चिम बंगाल में 21,231 मौत हुई हैं.

मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि 70 प्रतिशत से अधिक लोगों की मौत विभिन्न रोगों से ग्रस्त होने के चलते हुई.

आंकड़ों के मुताबिक, देश में 110 दिन में कोविड-19 के मामले एक लाख हुए थे और 59 दिनों में वह 10 लाख के पार चले गए थे.

भारत में कोविड-19 संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 10 लाख से 20 लाख (7 अगस्त 2020 को) तक पहुंचने में 21 दिनों का समय लगा था, जबकि 20 से 30 लाख (23 अगस्त 2020) की संख्या होने में 16 और दिन लगे. हालांकि 30 लाख से 40 लाख (5 सितंबर 2020) तक पहुंचने में मात्र 13 दिनों का समय लगा है.

वहीं, 40 लाख के बाद 50 लाख (16 सितंबर 2020) की संख्या को पार करने में केवल 11 दिन लगे. मामलों की संख्या 50 लाख से 60 लाख (28 सितंबर 2020 को) होने में 12 दिन लगे थे. इसे 60 से 70 लाख (11 अक्टूबर 2020) होने में 13 दिन लगे. 70 से 80 लाख (29 अक्टूबर को 2020) होने में 19 दिन लगे और 80 से 90 लाख (20 नवंबर 2020 को) होने में 13 दिन लगे. 90 लाख से एक करोड़ (19 दिसंबर 2020 को) होने में 29 दिन लगे थे.

इसके 107 दिन बाद यानी पांच अप्रैल 2021 को मामले सवा करोड़ से अधिक हो गए, लेकिन संक्रमण के मामले डेढ़ करोड़ से अधिक होने में महज 15 दिन (19 अप्रैल 2021) का वक्त लगा और फिर सिर्फ 15 दिनों बाद चार मई 2021 को गंभीर स्थिति में पहुंचते हुए आंकड़ा 1.5 करोड़ से दो करोड़ के पार चला गया.

चार मई 2021 के बाद करीब 50 दिनों में 23 जून 2021 को संक्रमण के मामले तीन करोड़ से पार चले गए थे. इसके बाद तकरीबन नौ महीने बाद 26 जनवरी 2022 को कुल मामलों की संख्या चार करोड़ के पार हो गए थे.

वायरस के मामले और मौतें

इस महीने की बात करें तो एक दिन या 24 घंटे में कोविड-19 संक्रमण के बीते छह जुलाई को 16,159, पांच जुलाई को 13,086, चार जुलाई को 16,135, तीन जुलाई को 16,103, दो जुलाई को 17,092 और एक जुलाई को 17,070 नए मामले दर्ज किए गए थे.

इस अवधि में बीते छह जुलाई को 28, पांच जुलाई को 19, चार जुलाई को 24, तीन जुलाई को 31, दो जुलाई को 29 और एक जुलाई को 23 लोगों की मौत के मामले सामने आए थे.

जून में कोविड-19 संक्रमण की बात करें तो एक दिन या 24 घंटे में बीते 24 जून को सर्वाधिक 17,336 नए मामले दर्ज किए गए थे. और इस दौरान सर्वाधिक 38 लोगों की मौत 23 जून को हुई थी.

मई महीने में एक दिन या 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के सर्वाधिक 3,805 नए मामले सात मई को दर्ज किए गए थे और इस दौरान सबसे अधिक 65 मौतें 22 मई को दर्ज की गई थीं.

अप्रैल महीने में एक दिन या 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के सर्वाधिक 3,688 नए मामले 30 अप्रैल को दर्ज किए गए थे और इस दौरान सबसे अधिक 1,399 (असम और केरल में आंकड़ों में संशोधन के बाद) मौतें 26 अप्रैल को दर्ज की गई थीं.

मार्च के महीने में एक दिन या 24 घंटे में कोविड-19 संक्रमण के सर्वाधिक 7,554 नए मामले दो मार्च को आए थे और इस दौरान सबसे अधिक 4,100 (महाराष्ट्र और केरल के आंकड़ों में संशोधन के साथ) मौतें 26 मार्च को दर्ज की गई थीं.

फरवरी महीने में कोविड-19 संक्रमण के एक दिन या 24 घंटे में सर्वाधिक 1,72,433 मामले तीन फरवरी को रिकॉर्ड किए गए और इस अवधि में सबसे अधिक 1,733 लोगों की मौत दो फरवरी को हुई थीं.

इस साल जनवरी महीने की बात करें तो बीते एक दिन या 24 घंटे के दौरान कोविड-19 संक्रमण के सर्वाधिक 3,89,03,731 मामले 22 जनवरी को दर्ज किए गए थे और इस अवधि सबसे अधिक 959 मौतें 30 जनवरी को हुई थीं.

मई 2021 रहा है सबसे घातक महीना

भारत में अकेले मई 2021 में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान कोरोना वायरस के 92,87,158 से अधिक मामले सामने आए थे, जो एक महीने में दर्ज किए गए संक्रमण के सर्वाधिक मामले हैं.

इसके अलावा मई 2021 इस बीमारी के चलते 1,20,833 लोगों की जान भी गई थी. इतने मामले और इतनी संख्या में मौतें किसी अन्य महीने में नहीं दर्ज की गई हैं. इस तरह यह महीना इस महामारी के दौरान सबसे खराब और घातक महीना रहा था.

सात मई 2021 को 24 घंटे में अब तक कोविड-19 के सर्वाधिक 4,14,188 मामले सामने आए थे और 19 मई 2021 को सबसे अधिक 4,529 मरीजों ने अपनी जान गंवाई थी.

रोजाना नए मामले 17 मई से 24 मई 2021 तक तीन लाख से नीचे रहे और फिर 25 मई से 31 मई 2021 तक दो लाख से नीचे रहे थे. देश में 10 मई 2021 को सर्वाधिक 3,745,237 मरीज उपचाररत थे.

कोविड-19: साल 2021 में किस महीने-कितने केस दर्ज हुए जानने के लिए यहां क्लिक करें.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)