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कर्नाटक: दो समुदायों के बीच झड़प के बाद केरुर शहर में निषेधाज्ञा, 18 लोग हिरासत में

कर्नाटक के बगलकोट ज़िले के केरुर शहर में छेड़खानी को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी. इस दौरान आगज़नी और तोड़फोड़ शुरू हो गई, जिससे शहर का मुख्य बाजार क्षेत्र बंद करना पड़ा.

केरुर शहर में छेड़छाड़ को लेकर दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद धारा 144 लगा दिया गया है. (फोटो: एएनआई)

बागलकोट: कर्नाटक के बगलकोट जिले के केरुर शहर में छेड़छाड़ के एक प्रकरण को लेकर दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद शुक्रवार तक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया और सीआरपीएफ की धारा 114 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

बगलकोट के पुलिस अधीक्षक एसपी जयप्रकाश ने संवाददाताओं को बताया कि बुधवार (छह जुलाई) शाम को बादामी तालुक के केरुर में छेड़खानी को लेकर हुई झड़प में दो भाइयों सहित चार लोग घायल हो गए थे. बाद में आगजनी और तोड़फोड़ शुरू हो गई, जिससे शहर का मुख्य बाजार क्षेत्र बंद करना पड़ा.

जिन चार लोगों पर चाकू से वार किया गया उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है.

उन्होंने कहा, ‘हमने सामूहिक झड़प के सिलसिले में 18 लोगों को हिरासत में लिया है और चार मामले दर्ज किए हैं. बादामी के तहसीलदार ने कल (शुक्रवार) रात आठ बजे तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है.’

उन्होंने यह भी कहा कि मामले में शामिल कुछ अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.

अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन द्वारा सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू किए जाने के बाद से स्कूल और कॉलेज शुक्रवार तक के लिए बंद कर दिए गए हैं. पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश ने कहा कि यह झड़प छेड़खानी के कारण हुई.

पुलिस अधिकारी ने लोगों से सहयोग करने और कानून अपने हाथ में नहीं लेने की अपील की.

पुलिस अधीक्षक ने आगाह करते हुए कहा, ‘मामला केवल छेड़खानी से जुड़ा है और सोशल मीडिया के जरिये कोई भी गलत सूचना नहीं फैलाई जानी चाहिए.’

जयप्रकाश ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल को तैनात किया गया है.

समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हिंदुत्ववादी संगठन हिंदू जागरण वेदिके इस झड़प में शामिल था.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, एसपी जयप्रकाश ने कहा कि विवाद की शुरुआत तब हुई जब कुछ दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने छेड़खानी के आरोपों को लेकर यासीन नाम के एक व्यक्ति से नोकझोंक हो गई. अधिकारी ने बताया कि बाद में यासीन अपने सहयोगियों को लेकर आया और जिस समूह का उससे विवाद हुआ था उसके साथ मारपीट की.

एसपी ने बताया कि झड़प के दौरान हिंदू जागरण वेदिके के एक सदस्य को चाकू मार दिया गया. बाद में एक समूह ने केरुर में बाजार क्षेत्र में प्रवेश किया और संपत्ति में तोड़फोड़ की.

घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें लाठी-डंडों से लैस कम से कम 20 लोगों को इलाके में संपत्ति में तोड़फोड़ करते देखा जा सकता है.

केरुर की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि यह व्यक्तिगत दुश्मनी का मामला है. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है.

अधिकारियों ने कहा कि केरुर शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और झड़पों के बाद शुक्रवार तक बड़ी सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन द्वारा सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने के बाद शुक्रवार तक स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)