राजनीति

आम आदमी पार्टी ने केंद्र पर दिल्ली सरकार के कार्यक्रम को ‘हाईजैक’ करने का आरोप लगाया

असोला वन्यजीव अभयारण्य में बीते रविवार को वन महोत्सव कार्यक्रम होना था. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार ने पुलिस के सहारे कार्यक्रम स्थल में रातोंरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगा दी, जिसके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए. उपराज्यपाल के दिल्ली सरकार की आबकारी नीति में अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफ़ारिश करने और केजरीवाल को सिंगापुर यात्रा की मंज़ूरी नहीं देने की पृष्ठभूमि में ये घटना हुई है.

आरोप है कि वन महोत्सव से जुड़े कार्यक्रम के पोस्टर में पहले उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तस्वीर थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर के साथ नया पोस्टर कार्यक्रम स्थल में लगा दिया. (फोटो साभारः ट्विटर/@AamAadmiParty)

नई दिल्ली: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने रविवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने असोला वन्यजीव अभयारण्य में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यक्रम को ‘हाईजैक’ करने की कोशिश की और दिल्ली पुलिस ने शनिवार (23 जुलाई) रात परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाले बैनर लगाए.

राय ने कहा कि मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, लेकिन अब उन्होंने इसमें शामिल नहीं होने का फैसला किया है.

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली सरकार की आबकारी नीति के कार्यान्वयन में कथित खामियों और अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने की सिफारिश की है. इसी घटना की पृष्ठभूमि में केजरीवाल उपराज्यपाल के साथ होने वाली साप्ताहिक बैठक में भी शुक्रवार (22 जुलाई) को शामिल नहीं हुए थे.

राय ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के निर्देशों पर काम किया.

सेंट्रल रिज से 11 जुलाई को शुरू हुए ‘वन महोत्सव’ का असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य में रविवार को एक लाख पौधे लगाने के साथ समापन होना था.

आम आदमी पार्टी ने ट्वीट कर कहा, ‘दिल्ली सरकार के वन महोत्सव में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शामिल होना था, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यलय के आदेश पर पुलिस ने मंच पर कब्जा कर जबरदस्ती मोदी जी की तस्वीर लगा दी और हटाने पर गिरफ्तारी की धमकी दी. मोदी जी दिल्ली सरकार के कायर्क्रम में अपनी तस्वीर लगाकर क्या साबित करना चाहते हैं?’

आप नेता संजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘मोदी जी की केजरीवाल जी के प्रति नफरत इतनी बढ़ गई है कि दिल्ली सरकार के कार्यक्रम में डकैती डाल रहे हैं. जहां दिल्ली के बच्चों की वीडियो चलनी थी, वहां पुलिस भेज अपनी फोटो लगवा रहे हैं. क्या देश के प्रधानमंत्री को ऐसा आचरण करना शोभा देता है?’

आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट कर कहा, ‘मोदी जी इतने डेस्परेट हैं कि मैं हर मंच पर अपनी तस्वीर लगा दूं. ऐसा तो फिल्म राजा बाबू में होता था जहां करिश्मा कपूर को गोविंदा कभी इंस्पेक्टर, कभी डॉक्टर तो कभी वकील की तस्वीर में नजर आते हैं. मोदी जी को भी इसी तरह अपनी फोटो लगाने का शौक है.’

दिल्ली के मंत्री राय ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘दिल्ली पुलिस पिछली रात (शनिवार) समारोह स्थल पहुंची और क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीरों वाले बैनर जबरन लगाए. उपराज्यपाल (वीके सक्सेना) और मुख्यमंत्री केजरीवाल की तस्वीरों वाले बैनर हटा दिए गए.’

उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने लोगों को मोदी की तस्वीरों वाले बैनर हटाने पर कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के बैनर फाड़ दिए गए.

राय ने कहा कि उपराज्यपाल और दिल्ली के मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे और सभी तैयारियां कर ली गई थीं.

उन्होंने कहा, ‘केजरीवाल सरकार के कार्यक्रम को प्रधानमंत्री मोदी का राजनीतिक कार्यक्रम बना दिया गया है और वह (केजरीवाल) इसमें शामिल नहीं होंगे. इस घटना के बाद मैंने और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में भाग नहीं लेने का फैसला किया है.’

उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. सत्येंद्र जैन को तुच्छ आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया. अब उप-मुख्यमंत्री (मनीष सिसोदिया) को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है. मुख्यमंत्री को सिंगापुर जाना था, लेकिन फाइल अटका दी गई.’

बीते 18 जुलाई को अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार द्वारा उन्हें सिंगापुर की यात्रा करने और इस साल अगस्त में ‘वर्ल्ड सिटीज समिट’ में भाग लेने की अनुमति देने में देरी के पीछे ‘राजनीतिक कारणों’ का आरोप लगाया था.

लंबित मंजूरी से नाराज मुख्यमंत्री ने बीते 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि वह एक महीने से अधिक समय से अनुमति का इंतजार कर रहे हैं.

केजरीवाल के सिंगापुर दौरे की फाइल दिल्ली सरकार ने 7 जून को उपराज्यपाल ऑफिस को भेजी थी. यह समिट अगस्त के पहले हफ्ते में होने वाली है.

आधिकारिक विदेश यात्राओं की अनुमति मांगने वाली फाइलें उपराज्यपाल को अनुमोदन के लिए भेजी जाती हैं, इसके लिए विदेश मंत्रालय से भी अनुमति लेनी पड़ती है.

हालांकि दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बीते 21 जुलाई को उनका अनुरोध यह कहते हुए वापस कर दिया कि महापौरों के सम्मेलन में उनकी मौजूदगी एक ‘खराब मिसाल’ स्थापित करेगी.

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ महीने में जो घटनाएं हुई हैं, वे ‘पीएमओ से आगे बढ़ने की मंजूरी मिले बिना’ नहीं हो सकतीं.

राय ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी, आपका नाम और चेहरा कौन नहीं पहचानता, लेकिन रात के अंधेरे में पुलिस को अपनी तस्वीरें लगाने के लिए भेजना केजरीवाल को लेकर भीतर तक बैठे डर को दिखाता है.’

राय ने कहा, ‘पुलिस का काम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, प्रधानमंत्री मोदी के बैनर लगाना नहीं.’

मंत्री ने कहा, ‘मुझे आश्चर्य है कि वे लोगों को क्या संदेश देना चाहते हैं. हम पौधारोपण कार्यक्रम पहली बार आयोजित नहीं कर रहे.’

राय ने संवाददाताओं से कहा कि बच्चों को शैक्षिक कार्यक्रम दिखाने के लिए लगाई गई एक एलईडी स्क्रीन पर मोदी की तस्वीरों वाले बैनर लगाए गए हैं.

उन्होंने कहा, ‘हम किसी से लड़ना नहीं चाहते. हम अपना पौधारोपण अभियान जारी रखेंगे. अब तक हम लगभग नौ लाख पौधे लगा चुके हैं. इस साल 35 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है.’

मंत्री ने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद से केजरीवाल सरकार ने 2.10 करोड़ से अधिक पौधे लगाए हैं.

इस बीच, उपराज्यपाल कार्यालय के सूत्रों ने कहा, ‘शुक्रवार को खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उपराज्यपाल के साथ निर्धारित साप्ताहिक बैठक से अनुपस्थित रहने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज (रविवार) फिर खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर पौधारोपण के पूर्व-निर्धारित संयुक्त कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया.’

सूत्रों ने बताया कि वन महोत्सव कार्यक्रम स्थल के मंच पर लगाए जाने वाले बैनर के डिजाइन बृहस्पतिवार (21 जुलाई) को दिल्ली सरकार को भेजे गए थे.

उन्होंने कहा, ‘उन्हें बैनर पर प्रधानमंत्री की तस्वीर पर आपत्ति थी, लेकिन उन्हें समझाया गया कि वन महोत्सव भारत सरकार की पहल है और वहां प्रधानमंत्री के साथ-साथ उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री की भी तस्वीर है.’

कार्यक्रम को ‘हाईजैक’ करने के राय के आरोप पर सूत्रों ने कहा, ‘यह सच्चाई से परे है. मुख्यमंत्री की तस्वीरों वाले होर्डिंग अब भी कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों के खंभों पर देखे सकते हैं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)