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केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ने हत्या मामले की याचिका इलाहाबाद पीठ स्थानांतरित करने की मांग की

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में वर्ष 2000 में एक 24 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मामले में अन्य अभियुक्तों के साथ केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ भी नामज़द थे. साक्ष्यों के अभाव में वर्ष 2004 में उन्हें बरी कर दिया था. इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है.

अजय मिश्रा. (फोटो: पीटीआई)

लखनऊ: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ ने हत्या के एक मामले में उनकी दोषमुक्ति के खिलाफ दाखिल एक याचिका को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से इलाहाबाद पीठ स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है.

याचिका पर सुनवाई के दौरान मिश्रा के अधिवक्ता ने जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रेणु अग्रवाल की खंडपीठ को बताया कि स्थानांतरण की मांग संबंधी उनकी अर्जी मुख्य न्यायाधीश के समक्ष पेश की जा चुकी है.

याचिका की सुनवाई कर रही खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए छह सितंबर की तारीख निर्धारित की.

उल्लेखनीय है कि लखीमपुर खीरी में वर्ष 2000 में एक युवक प्रभात गुप्ता की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में अन्य अभियुक्तों के साथ-साथ अजय मिश्रा ‘टेनी’ भी नामजद थे.

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, लखीमपुर खीरी के तिकुनिया गांव में रहने वाले संतोष गुप्ता ने कोतवाली तिकुनिया पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि उनके 24 साल के भाई प्रभात गुप्ता उर्फ राजू 8 जुलाई 2000 को घर से अपने दुकान जा रहा थे. जैसे ही वे मुख्य मार्ग पर पहुंचे रास्ते में पंचायत चुनाव की रंजिश में अजय मिश्र ‘टेनी’, सुभाष उर्फ मामा, शशि भूषण अग्रवाल उर्फ पिंकी, राकेश उर्फ डालू ने उन्हें रोक लिया.

तहरीर में आरोप है कि अजय मिश्रा ‘टेनी’ ने प्रभात की कनपटी से सटाकर गोली चला दी, जिससे उनकी मौत हो गई. यह भी कहा गया है कि सभी नामजद आरोपितों ने एक-एक कर प्रभात को गोलियां मारी थीं.

इस मामले में आईपीसी की धारा 302 के तहत कोतवाली थाने में मुकदमा (अपराध संख्या 31/2000) दर्ज किया गया था. निचली अदालतों ने साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से अजय मिश्र ‘टेनी’ को बरी कर दिया था. मगर इस मामले की सुनवाई 22 वर्षों के बाद भी हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में चल रही है.

लखीमपुर खीरी की सत्र अदालत ने अजय मिश्रा व अन्य को पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में वर्ष 2004 में बरी कर दिया था. इस आदेश के खिलाफ वर्ष 2004 में राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी. हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में फैसले को चुनौती देते हुए मृतक के परिजनों ने अलग से पुनरीक्षण याचिका दायर की थी.

अजय कुमार मिश्रा खीरी लोकसभा सीट से सांसद हैं.

मालूम हो​ कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ‘टेनी’ के बेटे आशीष मिश्रा पिछले साल उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में हुई हिंसा के दौरान चार किसानों और एक पत्रकार की एसयूवी से कुचलकर हत्या करने के आरोपी हैं. इस हिंसा के दौरान कुल आठ लोगों की मौत हुई थी. तीन अन्य मृतकों में भाजपा के दो कार्यकर्ता और केंद्रीय मंत्री की एसयूवी के चालक शामिल हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)