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मध्य प्रदेश: बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने भोपाल के मॉल में नमाज़ अदा करने का विरोध किया

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एमपी नगर इलाके में स्थित डीबी मॉल का मामला. प्राप्त जानकारी के अनुसार, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नमाज़ अदा करने के वीडियो शूट किए और कहा कि वह मॉल में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे. पुलिस ने बताया कि इस संबंध में अभी तक किसी ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है.

भोपाल में मॉल में नमाज पढ़ने के कथित वीडियो का स्क्रीनग्रैब.

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक मॉल के अंदर खुली जगह में नमाज पढ़े जाने का आरोप लगाते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया.

भोपाल के एमपी नगर इलाके में स्थित डीबी मॉल में शनिवार (27 अगस्त) दोपहर हुई घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिसमें कुछ लोगों को मॉल के भूतल पर नमाज अदा करते देखा जा सकता है.

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नमाज अदा करने के वीडियो शूट किए और मॉल प्रबंधन के एक प्रतिनिधि के साथ बहस करते हुए कहा कि वह प्रतिष्ठान में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे.

सोशल मीडिया पर साझा किए गए कथित वीडियो में संगठन के कार्यकर्ता नमाज अदा करने वाले पुरुषों से अधिक संख्या में हैं, जो मॉल के एक एकांत हिस्से में दिखाई दे रहे हैं. एक व्यक्ति, जो जहिरा तौर पर एक हिंदुत्ववादी कार्यकर्ता है, अन्य लोगों को सामने से हटने के लिए कहता है, ताकि नमाज अदा करने वाले लोगों की तस्वीरें खींची जा सकें.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया है कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नमाज अदा करने के वीडियो शूट किए थे.

एमपी नगर के थाना प्रभारी केशांत शर्मा ने बताया कि विरोध की सूचना मिलने पर पुलिस दल को मौके पर भेजा गया लेकिन किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.

उन्होंने कहा कि पुलिस मौके पर पहुंची तो बजरंग दल के सदस्य मॉल से बाहर निकल रहे थे. इस संबंध में अभी तक किसी ने कोई शिकायत नहीं की है.

प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करने वाले बजरंग दल के विभाग सह-संयोजक अभिजीत सिंह राजपूत ने कहा, ‘हमें पिछले एक महीने से सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग डीबी मॉल की दूसरी मंजिल पर नमाज अदा कर रहे हैं. हम आज वहां पहुंचे और नमाज अदा कर रह 10 से 12 लोगों को पकड़ लिया.’

उन्होंने कहा कि बजरंग दल ने डीबी मॉल प्रबंधन से इस बारे में आपत्ति जताई, लेकिन कोई अधिकारी मौजूद नहीं था.

राजपूत ने कहा, ‘हमने सुरक्षा पर्यवेक्षकों से बात की और उन्हें यह कृत्य बंद करने की चेतावनी दी अन्यथा बजरंग दल के सदस्य हनुमान चालीसा और सुंदरकांड (रामायण का हिस्सा) का पाठ करेंगे.’

उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यवेक्षक दावा कर रहे हैं कि नमाज एक बंद जगह में पढ़ी जा रही थी, लेकिन सच्चाई यह है कि यह एक खुली जगह में पढ़ी जा रही थी.

हालांकि, डीबी मॉल प्राइवेट लिमिटेड के सुरक्षा कर्मचारियों ने इस संबंध में सवाल का जवाब नहीं दिया. कंपनी के उपाध्यक्ष संजय जैन से बार-बार प्रयास करने के बावजूद टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं किया जा सका.

मालूम हो कि बीते जुलाई महीने में इसी तरह का विवाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नए बने लुलु मॉल को लेकर सामने आया था. यहां भी मॉल के अंदर कथित तौर पर नमाज पढ़े जाने को लेकर एक हिंदुत्ववादी संगठन ने आपत्ति जताई थी.

इसके बाद से लुलु मॉल विवादों के केंद्र में आ गया था और नमाज पढ़ने के विरोध में हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं ने यहां कथित तौर पर हनुमान चालीसा भी पढ़ी थी.

बीते 13 जुलाई को लुलु मॉल में नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो क्लिप के आधार पर दक्षिणपंथी हिंदू समूह अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने लोगों द्वारा मॉल के अंदर नमाज अदा करने पर आपत्ति जताते हुए अधिकारियों से वहां हनुमान चालीसा पढ़ने की अनुमति मांगी थी, जिसे अस्वीकार कर दिया गया था.

नमाज पढ़ने और हनुमान चालीसा का पाठ करने के कारण कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था.

महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता होने का दावा करने वाले शिशिर चतुर्वेदी और संगठन के अन्य लोगों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी.

शिकायत में कहा गया था, ‘मॉल के अंदर नमाज पढ़ी गई, जो कि सार्वजनिक स्थलों पर नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं होने संबंधी नीति के खिलाफ है. सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों के मुताबिक लुलु मॉल में पुरुष कर्मचारियों में 70 प्रतिशत मुस्लिम हैं और 30 प्रतिशत महिला कर्मचारी हिंदू समुदाय से है. ऐसा करके लुलु मॉल प्रबंधन लव जिहाद को बढ़ावा दे रहा है.’

इसके बाद लुलु मॉल के महाप्रबंधक समीर वर्मा ने एक वीडियो जारी कर कहा था, ‘लुलु मॉल सभी धर्मों का आदर करता है. मॉल के अंदर किसी भी तरह का धार्मिक कार्य या इबादत की इजाजत नहीं है. हम अपने स्टाफ तथा सुरक्षाकर्मियों को ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने का प्रशिक्षण देते हैं.’

मॉल प्रबंधन ने बीते 18 जुलाई को एक बयान जारी कर कहा था, ‘हमारे यहां जितने भी कर्मचारी हैं, उनमें स्थानीय उत्तर प्रदेश एवं देश के विभिन्न हिस्सों के लोग हैं. उनमें से 80 प्रतिशत से अधिक हिंदू तथा बाकी मुस्लिम, ईसाई एवं अन्य समुदायों से हैं.’

उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े मॉल कहे जा रहे लुलु मॉल का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 जुलाई को उद्घाटन किया था. इस दौरान राज्य सरकार के कई मंत्री तथा लुलु समूह के अध्यक्ष युसूफ अली भी मौजूद थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)