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गोवा: सिली सोल्स कैफे लाइसेंस मामले में आबकारी आयुक्त के आदेश को चुनौती

बीते अक्टूबर में आबकारी आयुक्त ने विवादों में रहे सिली सोल्स कैफे और बार के लाइसेंस, जिसे एक मृत व्यक्ति एंथोनी डी’गामा के नाम पर रिन्यू किया गया था, को उनकी पत्नी को ट्रांसफर करने की अनुमति दी थी. सामाजिक कार्यकर्ता एरेस रोड्रिग्स ने इसके ख़िलाफ़ गोवा के मुख्य सचिव के समक्ष अपील दायर की है.

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: Unsplash)

नई दिल्ली: कथित तौर पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से जुड़े सिली सोल्स कैफे एंड बार को जारी किए गए लाइसेंस के संबंध में आबकारी आयुक्त के 20 अक्टूबर के आदेश के खिलाफ गोवा के मुख्य सचिव के समक्ष मंगलवार 22 नवंबर को एक अपील दायर की गई.

आबकारी आयुक्त ने अपने अक्टूबर के आदेश में सिली सोल्स कैफे एंड बार के लाइसेंस की अनुमति दी थी, जिसे एक मृत व्यक्ति ‘एंथोनी डी’गामा’ के नाम पर उनकी पत्नी को स्थानांतरित करने के लिए नवीनीकृत किया गया था. डी’गामा 17 मई 2021 को गुजर गए थे.

अपील में एक्टिविस्ट ऐरेस रोड्रिग्स ने दावा किया कि ‘अवैध तरह और धोखाधड़ी से’ प्राप्त लाइसेंस को डी’गामा की पत्नी मर्लिन के नाम पर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता था.

हेराल्ड गोवा के मुताबिक, यह विवाद 21 जुलाई को सामने आया था जब रोड्रिग्स ने आबकारी आयुक्त के पास दर्ज अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि डी’गामा के नाम पर जनवरी 2021 में अवैध रूप से लाइसेंस जारी किया गया था और उनके निधन के एक साल बाद जून 2022 में उनके नाम पर नवीनीकरण किया गया था.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, अपील में कहा गया है, ‘पहली धोखाधड़ी’ तब की गई जब एक मृत व्यक्ति के नाम पर लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया था. दूसरी धोखाधड़ी तब हुई, जब अवैध पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर लाइसेंस मांगा गया.

इसमें कहा गया है कि एक पावर ऑफ अटॉर्नी जो उसके पिता द्वारा अपने बेटे को जारी की गई थी, व्यक्ति की मृत्यु के बाद मान्य नहीं रही. अपील में दावा किया गया है कि जुलाई में रोड्रिग्स द्वारा दायर शिकायत को खारिज करते हुए अक्टूबर के आदेश में इन पहलुओं पर विचार नहीं किया गया था.

दूसरी ओर, डी’गामा परिवार ने आयुक्त के समक्ष कहा था कि पुर्तगाली नागरिक संहिता के अनुसार पति या पत्नी की मृत्यु के मामले में, जो भी जीवित होगा उसके पास ही वैवाहिक संपत्ति का हक़ और जिम्मेदारी होंगे.

आयुक्त ने मर्लिन को दीवानी अदालत के समक्ष कार्यवाही पूरी होने तक अपने दिवंगत पति के नाम से शराब के लाइसेंस को ‘सैद्धांतिक रूप से’ अपने नाम पर स्थानांतरित करने की अनुमति दी थी.

रोड्रिग्स ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि रेस्तरां कथित तौर पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से जुड़ा हुआ है.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, बार कथित तौर पर डी’गामा (अपने पिता एंथनी डी’गामा के प्रतिनिधि) और एटॉल फूड एंड बेवरेजेज लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप के बीच एक लीज समझौते के तहत चलाया जाता है. ईरानी के परिजनों ने कथित तौर पर 2020-21 में एटॉल फूड एंड बेवरेजेज में निवेश किया था.

द वायर  ने अगस्त माह में अपनी रिपोर्ट में बताया था कि सिली सोल्स कैफे और बार का स्वामित्व या संचालन एटॉल फूड एंड बेवरेजेस के पास है, जो सीमित देयता भागीदारी वाली कंपनी है, जिसमें मंत्री के पति जुबिन ईरानी और ईरानी परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं. इसमें मंत्री के बेटे, दो पारिवारिक स्वामित्व वाली कंपनियों उग्रया मर्केंटाइल और उग्रया एग्रो के माध्यम से 75 फीसदी हिस्सेदारी रखते हैं.

अपनी रिपोर्ट में द वायर  यह भी बताया था कि बार और रेस्तरां एक ही पते से संचालित होते हैं. उसी पते से मंत्री ईरानी के पति जुबिन ईरानी और परिवार द्वारा नियंत्रित कंपनी एटॉल फूड एंड बेवरेजेज संचालित होती है.

इसमें यह भी कहा गया था कि असगांव के पते पर ईरानी परिवार की कंपनी को आवंटित जीएसटी नंबर उस जीएसटी नंबर के समान है जिसे सिली सोल्स कैफे और बार ने रेस्तरां एग्रीगेटर वेबसाइटों के साथ साझा किया है.