उत्तराखंड: हिंदुत्ववादियों के विरोध के चलते भाजपा नेता ने मुस्लिम युवक से बेटी की शादी रद्द की

भाजपा नेता और पौड़ी नगर निगम के अध्यक्ष यशपाल बेनाम की बेटी की शादी एक मुस्लिम युवक से 28 मई को होनी थी. शादी के कार्ड की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद बेनाम को हिंदुत्ववादी संगठनों और भाजपा समर्थकों की आलोचना का सामना करना पड़ा था.

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भाजपा नेता की बेटी की शादी का कार्ड. (फोटो साभार: फेसबुक)

भाजपा नेता और पौड़ी नगर निगम के अध्यक्ष यशपाल बेनाम की बेटी की शादी एक मुस्लिम युवक से 28 मई को होनी थी. शादी के कार्ड की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद बेनाम को हिंदुत्ववादी संगठनों और भाजपा समर्थकों की आलोचना का सामना करना पड़ा था.

भाजपा नेता की बेटी की शादी का कार्ड. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता ने हिंदुत्ववादी संगठनों के दबाव और कानून व्यवस्था को देखते हुए एक मुस्लिम युवक से अपनी बेटी की शादी रद्द कर दी. यह शादी 28 मई को होनी थी.

भाजपा नेता और पौड़ी नगर निगम के अध्यक्ष यशपाल बेनाम की बेटी की शादी के कार्ड की एक तस्वीर बीते गुरुवार (18 मई) को सोशल मीडिया तमाम लोगों ने साझा की थी. तस्वीर के सामने आने के बाद भाजपा के समर्थकों और एक धड़े ने बेनाम की आलोचना की थी. उन्हें जमकर ट्रोल किया गया था.

कुछ लोगों ने इस शादी को ‘लव जिहाद’ की कोशिश बताई थी और इसकी तुलना हाल ही में रिलीज हुई विवादास्पद फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ से कर रहे हैं.

द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार, पत्रकारों से बात करते हुए यशपाल बेनाम ने कहा, ‘मैं नहीं चाहता कि हमारे बच्चों की शादी के कारण प्रशासन और पुलिस को किसी समस्या का सामना करना पड़े.’

उन्होंने कहा, ‘मैंने दूल्हे के माता-पिता के साथ इस शादी को लेकर अपनी ही पार्टी के कुछ लोगों द्वारा पैदा किए गए विवाद पर चर्चा की है और हमने मिलकर फिलहाल सभी कार्यों को रद्द करने का फैसला किया है.’

बेनाम की बेटी मोनिका और उनके होने वाले पति मोनिस, जो उत्तर प्रदेश के अमेठी से हैं, ने एक साथ इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और अब दक्षिण भारत के एक राज्य में एक ही कंपनी में काम करते हैं.

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘लेकिन जिस तरह से सोशल मीडिया यूजर्स ने प्रस्तावित शादी पर प्रतिक्रिया दी, उसे देखते हुए इसे टाल दिया गया है. अब मुझे जनता की आवाज भी सुननी है.’

उन्होंने बताया कि पौड़ी शहर में 28 मई को होने वाली शादी को अब रद्द कर दिया गया है.

द टेलीग्राफ के मुताबिक, भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने सार्वजनिक रूप से इस शादी का विरोध किया है और दावा किया है कि बेनाम भविष्य के चुनाव जीतने के लिए ‘धर्मनिरपेक्ष राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं’. सोशल मीडिया पर बेनाम को जमकर ट्रोल किया जा रहा है.

बीते शुक्रवार को भाजपा के पदाधिकारी और राज्य सरकार द्वारा प्रबंधित गो-संरक्षण आयोग के सदस्य धर्मवीर गुसाईं ने संवाददाताओं से कहा कि विवाह ‘आपत्तिजनक’ और ‘अस्वीकार्य’ है.

बेनाम ने शनिवार को कहा, ‘हमें पता चला है कि कुछ स्थानीय संगठन इस शादी का विरोध करने की योजना बना रहे हैं. पुलिस सतर्क है, लेकिन जबरदस्ती के साये में शादी कराना अच्छा नहीं लग रहा है.’

उन्होंने कहा, ‘कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए दोनों परिवारों ने 26, 27 और 28 मई को होने वाले कार्यक्रमों को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है. हम जल्द ही तय करेंगे कि क्या करना है.’

इंडिया टुडे के अनुसार, हिंदुत्ववादी संगठनों ने शुक्रवार (19 मई) को पौड़ी के झंडा चौक पर भाजपा नेता बेनाम का पुतला फूंककर उनकी बेटी के मुस्लिम से शादी करने के विरोध में प्रदर्शन किया था. विहिप, भैरव सेना और बजरंग दल जैसे संगठनों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था.

विहिप के कार्यकारी जिलाध्यक्ष दीपक गौड़ ने कहा, ‘हम इस तरह की शादी का पुरजोर विरोध करते हैं.’

इंडिया टुडे की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा नेता यशपाल बेनाम इससे पहले कांग्रेस के साथ थे और 2007 में पौड़ी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय के रूप में जीते थे.