नई दिल्ली: बिहार के जहानाबाद में नियुक्त केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) की एक शिक्षिका को बिहार और वहां के लोगों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के कारण निलंबित कर दिया गया है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में केवी में पढ़ाने वाली शिक्षिका दीपाली को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया है कि बिहार के लोगों में कोई नागरिक समझ नहीं है और जिस दिन बिहार को हटा दिया जाएगा, भारत एक विकसित देश बन जाएगा.
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें निलंबित कर दिया गया है और उनका तबादला सारण कर दिया गया है, लेकिन समस्तीपुर से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद शाम्भवी चौधरी ने केवीएस आयुक्त को एक पत्र लिखकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
उन्होंने कहा है कि इस तरह के बयान अत्यधिक अनुचित, अस्वीकार्य और एक शिक्षक के लिए अशोभनीय हैं, जो छात्रों को ज्ञान और मूल्य प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है.
वीडियो में दिल्ली की रहने वाली शिक्षिका कहती हैं, ‘कई क्षेत्र हैं और वे मुझे भारत में कहीं भी पोस्टिंग दे सकते थे. लोगों को कोलकाता क्षेत्र पसंद नहीं है, लेकिन मैं इसके लिए भी तैयार थी. पश्चिम बंगाल में मेरे एक दोस्त को दार्जिलिंग में पोस्टिंग मिली है, दूसरे दोस्त को सिलचर (उत्तर पूर्व) में पोस्टिंग मिली है और एक और दोस्त को बेंगलुरु में पोस्टिंग मिली है. मुझे वाकई समझ में नहीं आता कि मुझे भारत के सबसे खराब क्षेत्र में पोस्टिंग क्यों दी गई. मैं बिहार में अपनी पहली पोस्टिंग को कभी नहीं भूल सकती.’
वह आगे कहती हैं, ‘वे मुझे ओडिशा, गोवा या लद्दाख जैसे किसी दुर्गम स्थान पर पोस्टिंग दे सकते थे, जहां कोई जाना नहीं चाहता, लेकिन उन्होंने मुझे बिहार दे दिया. मैं बिहार के हालात के बारे में मज़ाक नहीं कर रही हूं. यहां की ज़मीनी हकीकत वाकई बहुत खराब है. लोगों में सिविक सेंस नहीं है. इन लोगों ने रेलवे को बर्बाद कर दिया है. बिहार की वजह से ही भारत एक विकासशील देश है. जिस दिन हम बिहार को हटा देंगे, भारत एक विकसित देश बन जाएगा.’
उन्होंने महाकुंभ के समय यह वीडियो पोस्ट किया है और अब यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो में उन्हें अंग्रेजी में बोलते हुए और बिहार और यहां के लोगों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए सुना जा सकता है. शिक्षिका ने खुद ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है.
केवीएस ने 25 फरवरी को पत्र जारी कर उनके खिलाफ पहले ही कार्रवाई की है.
निलंबन पत्र में कहा गया है कि, ‘जहानाबाद केंद्रीय विद्यालय में नियुक्त प्राथमिक शिक्षिका (प्रोबेशनर) दीपाली ने अंग्रेजी में अपशब्दों का प्रयोग कर बिहारवासियों के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया है. यह अत्यंत निंदनीय कृत्य प्रतीत होता है. केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 1965 के नियम 10 उपनियम 1(ए) के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाहक उपायुक्त, केंद्रीय विद्यालय संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय, कंकड़बाग, पटना द्वारा दीपाली को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित किया जाता है.’
निलंबन पत्र में आगे कहा गया है, ‘निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय केंद्रीय विद्यालय, मशरख, सारण बनाया गया है. साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि प्राथमिक शिक्षिका (प्रोबेशनर) दीपाली केंद्रीय विद्यालय, मशरख, सारण के प्राचार्य की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगी.’
उधर एक अखबार से बात करते हुए लोजपा की शाम्भवी चौधरी ने कहा कि उनके लिए निलंबन पर्याप्त नहीं है, उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए. ‘उनमें बिहार को गाली देने की हिम्मत है. अगर उन्हें बिहार के बारे में पता ही नहीं है तो वे शिक्षक कैसे बन सकती हैं. एक जिम्मेदार संस्थान के रूप में केवीएस को व्यावसायिकता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी शिक्षक इस तरह के भेदभावपूर्ण या आपत्तिजनक व्यवहार में लिप्त न हो. यही कारण है कि बुधवार (26 फरवरी) को केवीएस आयोग को पत्र लिखा है,’ उन्होंने बताया.
उन्होंने जोर देकर कहा कि मामले की गहन जांच की जानी चाहिए और दीपाली के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए.
चौधरी ने कहा, ‘भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दिशानिर्देशों को सुदृढ़ करना आवश्यक है ताकि सभी शिक्षक सम्मान और समावेशिता के सिद्धांत को बनाए रखें.’
