नई दिल्ली: मुंबई प्रेस क्लब ने महाराष्ट्र सरकार के ‘मीडिया मॉनिटरिंग’ सेल स्थापित करने के फैसले पर गंभीर चिंता जताई है. यह सेल प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल और डिजिटल मीडिया पर राज्य सरकार से संबंधित समाचार कवरेज पर नज़र रखेगा.
रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई प्रेस क्लब ने शनिवार (8 मार्च) को एक बयान में कहा, ‘गलत सूचना और गलत रिपोर्टिंग के प्रसार को नियंत्रित करने की आड़ में यह कदम निगरानी की व्यवस्था लागू करने के बराबर है.’
मालूम हो कि इस मीडिया निगरानी केंद्र को लेकर सरकारी प्रस्ताव में कहा गया है कि यह समाचारों को ‘सकारात्मक’ या ‘नकारात्मक’ के रूप में वर्गीकृत करेगा.
इस संबंध में मुंबई प्रेस क्लब का कहना है कि कोई परिभाषा स्पष्ट न होने के कारण, सरकार और उसकी नीतियों की किसी भी आलोचना को नकारात्मक सूचना करार दिए जाने और गलत सूचना के साथ मिला दिए जाने का वास्तविक खतरा है. इस प्रकार हर आलोचना या आलोचनात्मक रिपोर्टिंग को आसानी से गलत सूचना बताया जा सकता है.
प्रेस संगठन ने अपने बयान में कहा है कि खबरों को नकारात्मक और सकारात्मक के रूप में वर्गीकृत करना सरकार के प्रति आलोचनात्मक आवाज़ों को प्रोफ़ाइल करने और निशाना बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है. यह मीडिया को तथाकथित नकारात्मक जानकारी प्रकाशित करने से बचने का संदेश देने का एक तरीका भी है. इसका मतलब है कि वास्तविकता को वैसे ही रिपोर्ट करने की मीडिया की भूमिका में सरकारी घुसपैठ, फिर चाहे इसे सत्ताधारियों द्वारा नकारात्मक या सकारात्मक माना जाए.’
बयान के अनुसार, ‘इस योजना में एक और बड़ी खामी यह है कि सरकार खुद ही सच्चाई का पता लगाने की भूमिका निभा रही है. हम महाराष्ट्र सरकार को याद दिलाना चाहेंगे कि केंद्र सरकार द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सरकार के खिलाफ ‘फर्जी और झूठी’ सामग्री की पहचान करने के लिए एक फैक्ट चेकिंग यूनिट (FCU) बनाने के लिए आईटी नियमों में संशोधन करने के एक समान प्रयास को बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. इसे खारिज करने का आधार स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन और सेंसरशिप जैसा डर था.’
संगठन ने कहा है कि जब ज़्यादातर ख़बरें सरकार और उसकी नीतियों के बारे में होती हैं, तो सरकार खुद ही अपनी सत्यता का निर्धारण करती है, जो कि हितों के टकराव का एक बड़ा मसला है. क्या सच है और क्या झूठ, यह बताने का बेबुनियाद अधिकार खुद को सौंपने के बजाय सरकार को सच, जो कई बार असुविधाजनक हो सकता है, का सामना करने का साहस जुटाना चाहिए.
