नई दिल्ली: भारत सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन- ग्लोबल टाइम्स, शिन्हुआ न्यूज़ और टीआरटी वर्ल्ड समेत चीनी और तुर्की मीडिया की प्रमुख समाचार वेबसाइटों के एक्स हैंडल भारत में ब्लॉक कर दिए गए हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, एक्स पर इन एकाउंट पर एक संदेश दिखाई दे रहा है, जिसमें कहा गया है कि कानूनी मांग के जवाब में इन्हें भारत में ब्लॉक कर दिया गया है.
मालूम हो कि चीन में भारतीय दूतावास ने पहले दावा किया था कि ग्लोबल टाइम्स भारत और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच लोगों को गलत जानकारी दे रहा है.
एक्स पर एक पोस्ट में दूतावास ने कहा था, ‘प्रिय ग्लोबल टाइम्स न्यूज़, हम आपको सलाह देंगे कि इस तरह की गलत सूचना को आगे बढ़ाने से पहले अपने तथ्यों को सत्यापित करें और अपने स्रोतों की जांच करें.’
(3/n) @PIBFactCheck had brought to light instances of fake news with old images showing crashed aircrafts being re-circulated in various forms in the current context of #OperationSindoor.
While one is from an earlier incident involving an Indian Air Force (IAF) MiG-29 fighter jet… pic.twitter.com/QVKUplKYry— India in China (@EOIBeijing) May 7, 2025
रिपोर्ट में कहा गया है कि दूतावास की टिप्पणी संभवतः उन दावों को लेकर थी, जिनमें कहा गया था कि बहावलपुर में पाकिस्तान द्वारा एक रफाल जेट को मार गिराया गया था.
इस बीच विदेश मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावे का खंडन किया है और राज्य में स्थानों का नाम बदलने के उसके प्रयास पर आपत्ति जताई है.
तुर्की ने किया था पाकिस्तान का समर्थन
इसी बीच, पाकिस्तान को कथित समर्थन देने के कारण तुर्की को भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स की नफ़रत का सामना करना पड़ रहा है. तुर्की के सार्वजनिक प्रसारक टीआरटी वर्ल्ड ने दोनों देशों के बीच तनाव और हिंसा को लेकर ख़बरें प्रसारित की थीं.
टीआरटी वर्ल्ड से बात करते हुए पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एम. इसहाक डार ने पाकिस्तान के इस दावे को दोहराया था कि उसने पांच भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराया है.
इस संबंध में 8 मई को एक्स ने बताया कि उसे भारत सरकार से कार्यकारी आदेश मिले हैं, जिसमें उसे भारत में 8,000 से ज़्यादा एकाउंट ब्लॉक करने के लिए कहा गया है. इस पोस्ट को लिखने के बाद एक्स का वैश्विक सरकारी मामलों वाला एकाउंट कुछ समय के लिए ब्लॉक कर दिया गया था. आखिरकार, यह पोस्ट ब्लॉक कर दी गई लेकिन एकाउंट को बहाल कर दिया गया.
इसके बाद 9 मई को सरकार के आदेश के बाद कुछ इंटरनेट सेवा प्रदाताओं ने द वायर की वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया था, जिसे 24 घंटे बाद बहाल कर दिया गया. इसके अलावा मकतूब मीडिया समेत अन्य स्वतंत्र मीडिया संगठनों के सोशल मीडिया एकाउंट भी ब्लॉक कर दिए गए हैं.
