नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुक्रवार (20 जून) को नमामि गंगे परियोजना के तहत बिहार में छह सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) का उद्घाटन किए जाने के बाद कांग्रेस ने केंद्र और बिहार सरकार पर निशाना साधा है.
पार्टी ने आरोप लगाया कि गंगा सफाई का वादा अब तक पूरा नहीं किया गया है और बीते 11 वर्षों में नदी से प्रदूषण हटाने की यह पूरी कवायद केवल एक ‘चुनावी जुमला’ बनकर रह गई है.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि ‘बिहार ही नहीं, पूरे देश में मां गंगा पहले से ज्यादा प्रदूषित हो चुकी हैं.’
जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, ‘बिहार ही नहीं, पूरे देश में मां गंगा पहले से ज्यादा प्रदूषित हो चुकी हैं. गंगा स्वच्छता अभियान के नाम पर चलाई गई ज्यादातर योजनाएं भ्रष्टाचार का ब्लैकहोल साबित हुई हैं- शिलान्यास, उद्घाटन और भारी-भरकम प्रचार के बाद न कोई काम दिखता है, न कोई ठोस नतीजा.’
उन्होंने आगे लिखा, ‘विज्ञापन-जीवी प्रधानमंत्री एक बार फिर बिहार के दौरे पर हैं. प्रधानमंत्री चाहे जितनी फर्जी घोषणाएं कर लें, चाहे जितने फीते काटकर मुफ्त का विज्ञापन कर लें, सच्चाई यही है कि बिहार में डबल इंजन की सरकार आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह नाकाम रही है.’
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि ‘बिहार में वंचित वर्गों के खिलाफ उत्पीड़न चरम पर है, कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है, अपराधी बेलगाम हो चुके हैं और आम नागरिक बेबस है. हर दिन हत्या, लूट और महिलाओं के खिलाफ हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं, युवाओं के पास राज्य में कोई रोजगार नहीं है और वे मजबूरी में बिहार से पलायन कर रहे हैं.’
सासाराम से लोकसभा सांसद मनोज कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एक रिपोर्ट का हवाला देकर दावा किया कि बिहार में गंगा और उसकी सहायक नदियों के लिए बनाए गए 13 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स में से केवल सात ही काम कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, ‘नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मिलकर न तो बाढ़ नियंत्रण की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया और न ही गंगा के पानी को पीने योग्य बनाया. यहां तक कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने भी बिहार सरकार पर गंगा नदी की स्वच्छता और प्रदूषण से जुड़े मामले में 50,000 रुपये का जुर्माना लगा चुकी है.’
विज्ञापन-जीवी प्रधानमंत्री एक बार फिर बिहार के दौरे पर हैं।
प्रधानमंत्री चाहे जितनी फर्जी घोषणाएं कर लें, चाहे जितने फीते काटकर मुफ्त का विज्ञापन कर लें, सच्चाई यही है कि बिहार में डबल इंजन की सरकार आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह नाकाम रही है।
बिहार में वंचित वर्गों के खिलाफ… pic.twitter.com/JcYYh4M16g
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) June 20, 2025
एक्स पर एक अन्य पोस्ट में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने फिर से यह मांग दोहराई कि बिहार के आरक्षण कानून को संविधान की नवमी अनुसूची में शामिल किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि आरक्षण पर 50% की सीमा को लांघने के लिए संविधान में संशोधन किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, ‘बिहार में पूर्ववर्ती ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार द्वारा कराए गए जातीय सर्वेक्षण के आधार पर राज्य सरकार ने अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के लिए 65% आरक्षण का प्रस्ताव रखा था. यह मामला फिलहाल न्यायालय में लंबित है. लेकिन बिहार की डबल इंजन सरकार ने इस मुद्दे पर लगभग पूरी तरह से हाथ खड़े कर दिए हैं.’
