नई दिल्ली: एटा जिले के अवागढ़ थाना क्षेत्र के ढकपुरा गांव में शनिवार (21 जून) शाम को ठाकुर बहुल इलाके से गुजर रहे एक दलित समुदाय के सदस्य की बारात को कथित तौर पर विरोध का सामना करना पड़ा. इसके बाद पुलिस ने स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए तुरंत पुलिस पहुंची हालांकि घटना में एक पुलिस कॉन्स्टेबल और तीन बाराती घायल हो गए.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्याम नारायण सिंह ने कहा, ‘बारात के लिए छोटे, निर्धारित मार्ग पर पुलिस तैनात की गई थी, लेकिन बारात गांव से अलग रास्ते से निकली, जहां ठाकुर समुदाय के कुछ लोगों ने विरोध किया. पुलिस मौके पर पहुंची, हस्तक्षेप किया और पुलिस सुरक्षा में बारात आगे गई.’
एसएसपी ने कहा, ‘थोड़ी दूर जाने के बाद तेज आवाज सुनाई दी; कुछ लोगों का मानना था कि यह गोली चलने या पत्थर फेंकने की आवाज हो सकती है. घायल कॉन्स्टेबल को चिकित्सा सहायता दी गई और वह खतरे से बाहर है.’
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार सिंह, एसडीएम जलेश्वर भावना विमल और क्षेत्राधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी स्थिति का आकलन करने के लिए गांव पहुंचे. एसएसपी सिंह ने कहा, ‘पुलिस बल गांव में तब तक मौजूद रहा जब तक शादी की सभी रस्में पूरी नहीं हो गईं और विदाई शांतिपूर्ण ढंग से नहीं हो गई.’
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, दुल्हन के एक रिश्तेदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि परिवार पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराएगा.
उन्होंने कहा, ‘ठाकुरों ने दो दिन पहले ही घोषणा कर दी थी कि वे बारात को अपने गांव से नहीं गुजरने देंगे. हमने पुलिस को लिखित आवेदन दिया और उन्होंने उस रास्ते पर पुलिस तैनात कर दी, जो उस मार्ग से छोटा था जिस पर ठाकुर चाहते थे कि हम जाएं.’
