डीजीसीए की जांच में मिली गंभीर खामियां- घिसे हुए टायर से लेकर धुंधली रनवे मार्किंग  

डीजीसीए ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना के बाद पिछले दिनों मुंबई, दिल्ली समेत कुछ प्रमुख हवाई अड्डों का निरीक्षण कर एयरपोर्ट और विमानों संबंधी कई खामियों को उजागर किया है. जांच में एक मामले में उड़ान को तैयार एक घरेलू फ्लाइट के टायर घिसे पाए गए, जिसके बाद इसे रद्द कर दिया गया.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो साभार: flickr.com/viZZZual.com/CC BY 2.0 DEED)

नई दिल्ली: विमानन सुरक्षा नियामक एजेंसी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पिछले दिनों अहमदाबाद विमान दुर्घटना के बाद मुंबई, दिल्ली समेत कुछ प्रमुख हवाई अड्डों का निरीक्षण कर उसमें कई खामियों को उजागर किया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, डीजीसीए ने अपनी निगरानी में पाया कि एक निर्धारित घरेलू विमान घिसे हुए टायरों के साथ उड़ान भरने को तैयार था, जिसे रद्द किया गया. इसके अलावा डीजीसीए का कहना है कि रिपोर्ट की गई खराबी के कई मामले फिर से सामने आए, जो अप्रभावी निगरानी और अपर्याप्त सुधार कार्रवाई का संकेत देते हैं. जैसे, विमान के रखरखाव के दौरान उचित कार्य आदेश और सुरक्षा सावधानियों का पालन न करना.

डीजीसीए ने अपने निष्कर्ष में निगरानी के दौरान पाई गई कई समस्याओं को सूचीबद्ध किया है, लेकिन उन हवाई अड्डों या विमानों का नाम नहीं बताया, जिनमें ये खामियां पाई गईं.

मालूम हो कि इसी महीने अहमदाबाद विमान दुर्घटना में सवार 242 लोगों में से एक को छोड़कर सभी की मौत हो गई थी. इसके साथ ही विमान हादसे वाली जगह जमीन पर भी कई अन्य लोग भी मारे गए थे.

इस घटना के बाद 19 जून को डीजीसीए ने सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए विमानन पारिस्थितिकी तंत्र (aviation ecosystem) का एक केंद्रित मूल्यांकन शुरू करने का आदेश जारी किया.

डीजीसीए ने मंगलवार (24 जून) को अपने एक बयान में कहा कि दिल्ली और मुंबई सहित प्रमुख हवाई अड्डों पर ‘रात और सुबह के समय’ व्यापक जांच में पाया गया कि एक मामले में उड़ान को तैयार एक निर्धारित घरेलू उड़ान के टायर घिस गए थे, जिसके बाद इसे रद्द कर दिया गया और आवश्यक सुधार किए जाने के बाद ही विमान को छोड़ा गया.

इस निगरानी में कई ऐसे मामले भी पाए गए, जिनमें विमान में बताई गई खामियां का कई बार दोहराव देखने को मिला, जो अप्रभावी निगरानी और बार-बार होने वाली खामियों पर अपर्याप्त सुधारात्मक कार्रवाई का संकेत है.

इस ऑडिट में पाया गया कि बैगेज ट्रॉलियों जैसे ग्राउंड हैंडलिंग उपकरण अनुपयोगी पाए गए, जबकि लाइन मेंटेनेंस स्टोर और टूल कंट्रोल से संबंधित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया.

डीजीसीए ने कहा, ‘टेक्निकल खराबियों को लॉगबुक में दर्ज ही नहीं किया गया, जो सेफ्टी नियमों का उल्लंघन है. कई सीटों के नीचे लाइफ वेस्ट (vests) सही तरीके से नहीं रखे गए थे. विमानों के विंगलेट पर लगा सेफ्टी टेप भी क्षतिग्रस्त पाया गया.’

नियामक कि रिपोर्ट में आगे कहा गया है, ‘इसी तरह एक हवाई अड्डे पर रनवे की सेंटर लाइन मार्किंग धुंधली थी, और रैपिड एग्जिट टैक्सीवे की लाइट्स सही दिशा में नहीं थीं. तीन साल से एयरपोर्ट के आसपास बने नए ढांचों का बाधा सीमांकन डेटा अपडेट नहीं किया गया है. हवाई अड्डे के आसपास कई नए निर्माणों के बावजूद कोई सर्वेक्षण नहीं किया गया है, रैंप क्षेत्र में कई वाहन बिना स्पीड गवर्नर के पाए गए.

मालूम हो कि ये निगरानी डीजीसीए के संयुक्त महानिदेशक के नेतृत्व में दो टीमों द्वारा की गई थी.

इस जांच में उड़ान संचालन, उड़ान योग्यता, रैंप सुरक्षा, हवाई यातायात नियंत्रण, संचार, नेविगेशन और निगरानी प्रणाली और उड़ान-पूर्व चिकित्सा मूल्यांकन जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया था.

डीजीसीए ने कहा, ‘निगरानी के दौरान नियामक आवश्यकताओं के अनुपालन की जांच और उसमें सुधार के लिए कमजोर क्षेत्रों की पहचान के लिए जमीनी गतिविधियों और विमानों की आवाजाही पर बारीकी से नजर रखी गई.’

नियामक के अनुसार, भविष्य के खतरों का पता लगाने के लिए उसकी निगरानी जारी रहेगी और उसके सभी निष्कर्षों को संबंधित ऑपरेटरों को सात दिनों के भीतर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के लिए सूचित कर दिया गया है.