नई दिल्ली: अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए भारत में यात्रा को लेकर एडवाइजरी जारी की है, जिसमें यात्रियों से अपराध और आतंकवाद के खतरों के कारण सावधानी बरतने के लिए कहा गया है.
द हिंदू के मुताबिक, अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी इस एडवाइजरी में भारत को ‘लेवल-2: अतिरिक्त सावधानी बरतनें’ की श्रेणी में रखा है. अमेरिका ने अपने नागरिकों को चेताया है कि भारत में यात्रा करते समय अपराध, आतंकवाद, यौन उत्पीड़न और सामुदायिक हिंसा की आशंका ज्यादा है. अमेरिकी नागरिकों, खासकर महिलाओं को भारत में अकेले यात्रा करने के खिलाफ चेतावनी दी गई है और अमेरिकी सरकार के कर्मचारियों को भारत की यात्रा करने से पहले पूर्व अनुमति लेने की आवश्यकता बताई गई है.
इस एडवाइजरी में कई राज्यों को चिह्नित किया गया है, जिसमें जम्मू- कश्मीर, भारत-पाकिस्तान सीमा के साथ-साथ मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्से शामिल हैं, जहां यौन उत्पीड़न, अपराध, पर्यटक स्थलों और अन्य स्थानों पर घटनाओं को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने या यात्रा से बचने के लिए कहा गया है.
कांग्रेस ने अमेरिका की एडवाइजरी को मोदी सरकार की एक और विफलता बताया
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका द्वारा जारी इस एडवाइजरी को कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की ‘एक और कूटनीतिक विफलता’ बताया है.
मंगलवार को केंद्र पर निशाना साधते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस डिजिटल और सोशल मीडिया मंच की अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने इस एडवाइजरी को ‘विडंबनापूर्ण और अपमानजनक’ बताया.
उन्होंने कहा, ‘यह मोदी सरकार की एक और कूटनीतिक विफलता है कि जिस देश को मोदी ने ‘हाउडी मोदी, ‘नमस्ते ट्रंप’ और ‘अब की बार ट्रंप सरकार’ जैसे शो आयोजित करके खुश करने की कोशिश की थी, उसी देश के लोग उसी नेता के नेतृत्व में बार-बार भारत का अपमान कर रहे हैं.’
श्रीनेत ने कहा, ‘हमारे खिलाफ एक एडवाइजरी जारी की जा रही है, जबकि पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ लंच का आनंद लेने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है.’
श्रीनेत ने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वैश्विक नेताओं के साथ व्यक्तिगत संबंध बनाने के उद्देश्य से किए गए व्यापक विदेशी दौरों के बावजूद भारत की कूटनीतिक स्थिति लगातार कम होती जा रही है.
उन्होंने कहा, ‘जहां पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर का स्वागत लाल कालीन से किया जाता है, वहीं भारत को यात्रा संबंधी सलाह दी जाती है. यह विरोधाभास बहुत कुछ कहता है.’
उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी सलाह भारत की वैश्विक छवि को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है और पर्यटन तथा विदेशी निवेश जैसे प्रमुख क्षेत्रों को प्रभावित कर सकती है.
श्रीनेत ने कहा, ‘यह सिर्फ़ प्रतिष्ठा का मामला नहीं है. यह आजीविका को प्रभावित कर सकता है और दुनिया भर में लोगों की धारणा को प्रभावित कर सकता है.’
उदयपुर में एक फ्रांसीसी महिला पर्यटक के साथ बलात्कार
इसी बीच, उदयपुर में एक फ्रांसीसी महिला पर्यटक के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है. महिला रविवार (22 जून) को दिल्ली से उदयपुर घूमने आई थीं.
बडगांव थाना क्षेत्र के थानाधिकारी पुरण सिंह राजपुरोहित के अनुसार, ‘यह घटना टाइगर हिल इलाके के ‘द ग्रीक फॉर्म कैफे एंड रेस्ट्रो’ में हुई. यहीं पार्टी के दौरान युवक और विदेशी युवती की मुलाकात हुई थी. एफआईआर में युवती ने बताया कि पार्टी के दौरान एक युवक अचानक उनकी टेबल पर आया और उन्हें बाहर चलकर सिगरेट पीने और शहर घुमाने का झांसा दिया.’
थानाधिकारी ने आगे बताया, ‘आरोपी युवक ने बातचीत के दौरान महिला का विश्वास जीता और उन्हें घूमाने के बहाने सुखेर इलाके स्थित अपने अपार्टमेंट में ले गया. युवती ने बताया कि उनका मोबाइल फोन डिस्चार्ज था और वह बार-बार होटल लौटने की बात कहती रहीं, लेकिन आरोपी ने उसकी एक नहीं सुनी. अपार्टमेंट पहुंचने के बाद युवक ने उन्हें गले लगने को कहा. जब महिला ने इनकार किया तो आरोपी ने जबरदस्ती बलात्कार किया.’
इस घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा सहित कई नेताओं ने भाजपा सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि फ्रांसीसी महिला के साथ हुई क्रूरता राजस्थान में महिला सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी नुकसान पहुंचा रही है.
गहलोत ने सरकार पर आरोप लगाया कि भाजपा शासन में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं और सरकार इस पर गंभीर नहीं है.
उन्होंने कहा कि हाल ही में अमेरिका ने भारत के कुछ राज्यों को लेकर जो ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, उसमें महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता जताई गई थी. उन्होंने चेताया कि अगर ऐसी घटनाएं होती रहीं, तो राजस्थान भी ऐसी किसी एडवाइजरी का हिस्सा बन सकता है.
