नई दिल्ली: श्रीनगर के सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी ने बुधवार को उन तीन नाबालिग लड़कियों के समर्थन में रैली निकाली, जिनसे पुलिस ने उनके कथित इजरायल विरोधी कार्यों के लिए पूछताछ की थी और उन्हें काउंसलिंग दी गई थी.
मेहदी ने कहा कि लड़कियों को समझाए जाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन लोगों को है जो उन्हें दबाने की कोशिश कर रहे हैं.
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को पुलिस ने बताया कि उन्हें इमामबाड़ा ज़ादीबल के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर सड़क पर विदेशी ध्वज (इज़रायल) जैसा दिखने वाला ग्राफिटी (दीवार पर बनाया गया चित्र) बनाए जाने की सूचना मिली थी.
एक बयान में कहा गया, ‘त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस की एक टीम घटनास्थल पर पहुंची और सांप्रदायिक सद्भाव और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्राफिटी को तुरंत हटा दिया.’
बाद में जांच में तीन स्थानीय किशोरियों की संलिप्तता पाई गई. प्रवक्ता ने कहा, ‘उनकी उम्र और घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए उनके माता-पिता को थाने बुलाया गया और उनकी मौजूदगी में नाबालिगों की काउंसलिंग की गई.’ उन्होंने कहा, ‘उन्हें ऐसी कार्रवाइयों के परिणामों तथा सांप्रदायिक सद्भाव और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को बनाए रखने की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया गया.’
इसके विरोध में मेहदी ने एक्स पर लिखा, ‘जब नाबालिग लड़कियां नरसंहार का विरोध करती हैं, तो उन्हें काउंसलिंग की ज़रूरत नहीं होती, बल्कि उन्हें रोकने वालों को इसकी ज़रूरत होती है. यहां सिर्फ़ हमारा, हम कश्मीरियों का सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ रहा है.’
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले सोमवार (23 जून) को श्रीनगर शहर के बाहरी इलाके बलहामा में अमेरिका और इजरायल के झंडे दिखाने के आरोप में दो स्थानीय युवकों को हिरासत में लिया गया.
पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि दोनों युवक रात के समय विदेशी झंडे दिखा रहे थे, जो सार्वजनिक शांति और व्यवस्था को भंग करने का एक स्पष्ट प्रयास था.
