उत्तराखंड: भूस्खलन के बाद दो मज़दूरों की मौत और सात लापता, भारी बारिश की चेतावनी

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में शनिवार देर रात से हो रही भारी बारिश के कारण सिलाई बैंड के पास एक कैंप में भूस्खलन होने से दो श्रमिकों की मौत हो गई और सात लापता हो गए. भूस्खलन के दौरान कैंप में 29 मजदूर थे. इस बीच मौसम विभाग ने राज्य के सभी ज़िलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

उत्तराखंड के सिलाई बैंड में भूस्खल से दो मजदूरों की मौत हो गई और सात लापता हो गए. (फोटो साभार: X/@UttarkashiPol)

नई दिल्ली: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में शनिवार देर रात से हो रही भारी बारिश के कारण सिलाई बैंड के पास एक कैंप में भूस्खलन होने से दो मजदूरों की मौत हो गई और सात लापता हो गए. बारिश के कारण चारधाम यात्रा भी एक दिन के लिए स्थगित कर दी गई थी.

हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि चारधाम यात्रा पर पहले से लगा 24 घंटे का प्रतिबंध सोमवार को हटा लिया गया.

गढ़वाल संभागीय आयुक्त विनय शंकर पांडे ने अपडेट देते हुए कहा, ‘चारधाम यात्रा पर 24 घंटे का प्रतिबंध हटा लिया गया है. यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले सभी जिलों के जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में मौसम की स्थिति को देखते हुए वाहनों को रोकने के निर्देश दिए गए हैं.’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार (29 जून) की दुर्घटना सुबह-सुबह हुई जब मजदूरों के कैंप में भूस्खलन हुआ.

बचाव अभियान में शामिल अधिकारियों के अनुसार, यह घटना यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पालीगाड़ से 4-5 किलोमीटर आगे सिलाई बैंड के पास सुबह 2.12 बजे हुई. भूस्खलन के दौरान कैंप में 29 मजदूर थे. शुरू में नौ मजदूर लापता थे, बाद में बचाव अभियान के दौरान बलों ने उत्तर प्रदेश और नेपाल के दो श्रमिकों के शव बरामद किए.

पुलिस ने बताया कि लापता सात लोगों में से चार नेपाल के हैं. बाकी 20 मजदूरों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया.

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि रविवार को सुबह करीब 2.12 बजे भारी बारिश की सूचना मिली. इसके बाद जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने एक संयुक्त टीम को मौके पर भेजा. पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राजस्व विभाग और स्वास्थ्य विभाग आदि की टीमें राहत और तलाशी-बचाव अभियान चला रही हैं.

हालांकि, राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की एक टीम को तुरंत भेजा गया, लेकिन सड़क बंद होने के कारण टीम को पैदल ही घटनास्थल पर पहुंचना पड़ा. एक अधिकारी ने कहा, ‘कैंप में उन्नीस लोग रह रहे थे और भूस्खलन के समय कई लोग भाग गए. हमें लगता है कि अन्य लोग सो रहे थे. उन्हें खोजने के प्रयास जारी हैं.’

मृतकों की पहचान नेपाल निवासी केवल बिष्ट (43) और उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के दूजे लाल (55) के रूप में हुई है. लापता लोगों में नेपाल के बाजुरा के अनवीर धामी (40), उनकी पत्नी सरकटेल (32), नेपाल के बर्दिया से रोशन चौधरी (37) और कुल्लू थारू (60); देहरादून के कालिदास रोड से जयचंद उर्फ ​​बॉबी (38), प्रिंस (20), छोटू (22) शामिल हैं.

यह घटना पड़ोसी रुद्रप्रयाग में हुई दुर्घटना के कुछ दिनों बाद हुई है, जहां गुरुवार को चारधाम यात्रा के तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी और सात लापता हो गए थे. इस दुर्घटना के लिए अभियान अभी भी जारी है, क्योंकि गुजरात के सूरत से आए एक परिवार के कई लोग लापता हैं.

इस बीच, भारत मौसम विभाग ने राज्य के सभी जिलों में बारिश की चेतावनी जारी किया है.

आईएमडी के अनुसार, सोमवार के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है क्योंकि उत्तराखंड के देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर जिलों में भारी से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.

स्कूलों में छुट्टी

आपदा प्रबंधन विभाग के अलर्ट के बाद किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए उत्तराखंड में कक्षा 1 से 12 तक के सभी शैक्षणिक संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों में सोमवार को एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है. मौसम विभाग ने 7 से 20 सेमी बारिश की भविष्यवाणी की है.