नई दिल्ली: अमेरिका की संसद के ऊपरी सदन यानी सीनेट में रिपब्लिकन सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बिग टैक्स ब्रेक्स एंड स्पेंडिंग कट्स बिल को मंगलवार (1 जून, 2025) को बेहद मामूली अंतर से पास करवा दिया.
इस दौरान उन्हें न सिर्फ डेमोक्रेट्स का विरोध झेलना पड़ा, बल्कि खुद अपनी पार्टी के कुछ सांसदों का भी विरोध झेलना पड़ा. यह मतदान एक उथल-पुथल भरे रातभर के सत्र के बाद हुआ.
वोटिंग का नतीजा 50-50 रहा, और उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने निर्णायक वोट डालकर विधेयक को पारित कराया.
तीन रिपब्लिकन सीनेटर — नॉर्थ कैरोलिना के थॉम टिलिस, मेन की सुसान कॉलिंस और केंटकी के रैंड पॉल समेत सभी डेमोक्रेट सांसदों ने इस विधेयक के खिलाफ वोट दिया.
बर्नी सैंडर्स का तीखा हमला
इसके बाद वर्मोंट से डेमोक्रेटिक सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘सीनेट में सिर्फ एक वोट से पारित हुआ बिल, सबसे अमीर 1% अमेरिकियों को एक ट्रिलियन डॉलर की टैक्स छूट देगा.’
‘ऐसे समय में जब अमेरिका में आय और संपत्ति की असमानता ऐतिहासिक स्तर पर है, अमीर और भी अमीर हो गए हैं.’
सैंडर्स ने कहा कि यह टैक्स छूट मेडिकेड और अफोर्डेबल केयर एक्ट (ओबामाकेयर) में एक ट्रिलियन डॉलर की कटौती करके दी जा रही है. उनके मुताबिक, इसका सीधा असर यह होगा कि 1.6 करोड़ से अधिक अमेरिकी अपनी स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा खो देंगे और हर साल अनुमानित 50,000 लोग अनावश्यक रूप से मरेंगे.
उन्होंने चेतावनी दी कि ये कटौती ग्रामीण अस्पतालों, नर्सिंग होम्स और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए विनाशकारी साबित होंगी.
The billionaires are celebrating tonight.
Republicans just passed their reconciliation bill in the Senate by one vote and the very rich just got much richer.
Starting now, we must work overtime to make certain that these corporate controlled politicians are defeated in 2026. pic.twitter.com/76H1PVydXr
— Bernie Sanders (@BernieSanders) July 1, 2025
‘बिग ब्यूटीफुल बिल’
राष्ट्रपति ट्रंप इस बिल को ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’ कहते हैं. यह एक टैक्स और नीति सुधार विधेयक है जिसे ट्रंप ऐतिहासिक बता रहे हैं, लेकिन जानकार इसे राजनीतिक रूप से लुभावना लेकिन आर्थिक रूप से भ्रामक मान रहे हैं.
‘बिग ब्यूटीफुल बिल’ एक तरह से ट्रंप का राजनीतिक नारा है — वह इस बिल को ‘सपनों का टैक्स बिल’ बताते हैं जो अमेरिकी नागरिकों (विशेषकर उनके समर्थकों) को अधिक पैसा बचाने, सरकार की भूमिका कम करने, और अवैध अप्रवासियों पर सख्ती करने में मदद करेगा.
ट्रंप और उनके सहयोगियों के दावों की सच्चाई
नया टैक्स और घरेलू नीति विधेयक पास कराने की कोशिश के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों ने बार-बार यह दावा किया कि यह कानून वरिष्ठ नागरिकों और मध्यम वर्ग के लिए बहुत फायदेमंद होगा.
हालांकि, ट्रंप और उनके सहयोगियों के कुछ प्रमुख तर्क — जैसे कि अगर बिल पास नहीं हुआ तो टैक्स में 68% की बढ़ोतरी हो जाएगी, सोशल सिक्योरिटी पर टैक्स हट जाएगा, यह अमेरिकियों को अब तक की सबसे बड़ी टैक्स कटौती देगा, और यह न तो बजट घाटा बढ़ाएगा और न ही मेडिकेड (सरकारी स्वास्थ्य बीमा) में कटौती करेगा — सच्चाई से मेल नहीं खाते.
द न्यूयॉर्क टाइम्स ने ट्रंप और उनके सहयोगियों के दावों की सत्यता की पड़ताल की है:
शुक्रवार (28 जून) को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ट्रंप ने कहा, ‘अगर यह बिल पास नहीं हुआ तो आपका टैक्स 68% तक बढ़ जाएगा.’
ट्रंप का यह दावा गलत है. अगर 2017 की टैक्स कट्स खत्म हो जाती हैं, तो ज़्यादातर करदाताओं का टैक्स थोड़ा-बहुत बढ़ेगा, लेकिन 68% जैसी कोई बढ़ोतरी नहीं होगी.
रविवार (30 जून) को फॉक्स न्यूज़ पर ट्रंप ने कहा, ‘अब टिप्स, सोशल सिक्योरिटी और ओवरटाइम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.’
ट्रंप का यह दावा गलत नहीं लेकिन भ्रामक जरूर है. सीनेट का बिल 2025 से 2028 तक टिप्स और ओवरटाइम पर डिडक्शन की अनुमति देता है, लेकिन इनकी सीमा है — 25,000 डॉलर और 12,500 डॉलर तक. 150,000 डॉलर से ऊपर की आय वालों को यह लाभ नहीं मिलेगा.
सीनेट रिपब्लिकन सम्मेलन के एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया है कि ‘सीनेट रिपब्लिकन अब तक के सबसे बड़े टैक्स कट को मंजूरी दे रहे हैं.’
यह दावा गलत है. सीनेट बिल से मध्यम वर्ग को औसतन 1.9% यानी 1,750 डॉलर की राहत मिलेगी. 2021 के कोविड राहत पैकेज से 6% यानी 3,700 डॉलर की टैक्स कट मिली थी. 2012 और 1981 में इससे बड़ी टैक्स राहतें दी गईं.
