पटना: भाजपा नेता गोपाल खे़मका की गोली मारकर हत्या, छह साल पहले ऐसे ही हुआ था बेटे का क़त्ल

पटना में भाजपा नेता और कारोबारी गोपाल खे़मका की शुक्रवार रात उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई. छह साल पहले उनके बेटे गुंजन खे़मका को बाइक सवार हमलावर द्वारा ऐसे ही मारा गया था. विपक्ष ने क़ानून-व्यवस्था को लेकर बिहार सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

गोपाल खेमका, (दाएं) उनकी कार को जांचते पुलिसकर्मी. (फोटो: सोशल मीडिया/पीटीआई)

नई दिल्ली: भाजपा नेता और कारोबारी गोपाल खे़मका की शुक्रवार (4 जुलाई) को पटना में गोली मारकर हत्या कर दी गई.

बताया गया है कि अज्ञात हमलावर बाइक पर सवार था. पुलिस के मुताबिक, छह साल पहले गोपाल खे़मका के बेटे गुंजन खे़मका की भी इसी तरह की घटना में हत्या हुई थी.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़, ‘पुलिस ने बताया कि गोपाल खे़मका रात करीब 11 बजे बैंकिपुर क्लब से रामगुलाम चौक स्थित अपने घर लौटे थे. जैसे ही वह अपनी गाड़ी से उतरे, एक हमलावर ने बिलकुल करीब से उन पर गोली चला दी और बाइक से फरार हो गया. उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.’

बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने एसटीएफ और सीआईडी को पटना पुलिस की मदद करने का निर्देश दिया है.

शहर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने कहा, ‘हमलावर ने 9 एमएम बोर की कई गोलियां चलाईं. गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है. मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाई गई है.’

बेटे पर ऐसे ही हुआ था हमला

गोपाल खे़मका के बेटे गुंजन खे़मका जीके कॉटन मिल के मालिक थे. 20 दिसंबर, 2018 को गुंजन खे़मका बिहार के वैशाली ज़िले के हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र में अपनी फैक्ट्री के गेट के पास थे, तभी बाइक सवार एक हमलावर ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी.

ताज़ा घटना गुंजन खे़मका की हत्या से काफी मिलती-जुलती है.

विपक्ष ने नीतीश कुमार की सरकार से पूछे सवाल

घटना के बाद पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (राजेश रंजन) मौके पर पहुंचे और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार की कड़ी आलोचना की.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, बिहार अपराधियों का अड्डा बन गया है! नीतीश जी, बिहार को बख्श दीजिए. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर सरकार ने गुंजन की हत्या के वक्त सख्त कार्रवाई की होती, तो ‘आज गोपाल खे़मका की हत्या नहीं होती.’

पप्पू यादव ने एक्स पोस्ट में लिखा है, ‘सात साल पहले गोपाल खेमका जी के पुत्र गुंजन खेमका की हत्या हुई थी, उन्हें न्याय का भरोसा दिलाने गया था. अगर उस वक्त सरकार अपराधियों की साझीदार न बनकर, उनके ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई करती तो आज गोपाल खेमका जी की हत्या न होती! जैसे ही सूचना मिली मैं वहां पहुंचा. पर इस क्रूर महा गुNDAराज में कोई सुरक्षित नहीं है, अपराधियों का अभ्यारण्य बन गया बिहार! नीतीश जी बख़्श दीजिए बिहार को.’

राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने लिखा है, ‘थाना से चंद कदम दूर पटना में बिहार के बड़े व्यापारी की गोली मारकर हत्या! हर महीने बिहार में सैकड़ों व्यापारियों की हत्या हो रही है लेकिन जंगलराज नहीं कह सकते? क्योंकि इसे ही शास्त्रों में मीडिया प्रबंधन, परसेप्शन मैनेजमेंट और छवि प्रबंधन कहते है.’

सीपीआई (एमएल) संदीप सौरभ विधायक ने बिहार की क़ानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लिखा है, ‘बिहार में कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है! पटना के गांधी मैदान थाना क्षेत्र में एक कारोबारी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी जाती है और जेडीयू-भाजपा सरकार आंखें मूंदकर बैठी है. जब राजधानी की सड़कों पर गोलियां चलें और सरकार की जुबान पर ताला हो तो इसे सुशासन नहीं, शूटर राज कहते हैं.’

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा है, ‘मैंने परिजनों से बात की. इन्होंने बताया कि घटना के बाद सीनियर एसपी को फोन लगाया गया, डीएसपी को फोन लगाया, स्थानीय थाने को फोन लगाया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया. उसके बाद ज़िलाधिकारी को फोन लगाया गया, जिलाधिकारी ने फोन उठाया. उन्हें बताया गया कि पुलिस फोन नहीं उठा रही, हमें मदद चाहिए. जिलाधिकारी को कॉल जाने के 3 घंटे बाद पुलिस आती है… नीतीश कुमार का शासन बीमार हो चुकी है. नीतीश कुमार और एनडीए गठबंधन को इस मुद्दे पर इस्तीफा देना चाहिए और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देनी चाहिए.’