नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (7 जुलाई) को ह्वाइट हाउस में डिनर के लिए इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मेज़बानी की और गाज़ा में चल रहे भीषण युद्ध को खत्म करने के लिए उनसे बात की.
ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद से नेतन्याहू की यह तीसरी अमेरिका यात्रा है. डिनर की शुरुआत में जब पत्रकारों ने पूछा कि इज़रायल और हमास के बीच शांति समझौते में देरी क्यों हो रही है, तो ट्रंप ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई रुकावट है. सब कुछ अच्छी तरह आगे बढ़ रहा है.’
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि हमास गाज़ा युद्ध को खत्म करने के लिए तैयार है. ट्रंप ने कहा, ‘वे मिलना चाहते हैं, वे युद्धविराम चाहते हैं.’
गाज़ा में जारी युद्ध अब अपने 22वें महीने में प्रवेश कर चुका है.
नेतन्याहू ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए किया नामित
इस मुलाकात के दौरान नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है. उन्होंने नोबेल समिति को भेजा गया पत्र भी ट्रंप को सौंपा. नेतन्याहू ने कहा, ‘वे हर देश और हर क्षेत्र में शांति स्थापित कर रहे हैं.’
ज्ञात हो कि यह पुरस्कार ट्रंप की लंबे समय से महत्वाकांक्षा रही है.
हालांकि, फिलिस्तीन के साथ शांति को लेकर नेतन्याहू खुलकर ज्यादा कुछ नहीं बोले. उन्होंने एक पूर्ण फिलिस्तीनी राज्य की संभावना को खारिज कर दिया और कहा कि इज़रायल गाज़ा पट्टी पर ‘हमेशा सुरक्षा नियंत्रण’ बनाए रखेगा.
इस दौरान ह्वाइट हाउस के बाहर दर्जनों प्रदर्शनकारियों ने नेतन्याहू के खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें ‘नरसंहार का दोषी’ बताया.
ह्वाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, ‘मध्य पूर्व में राष्ट्रपति की इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता गाज़ा युद्ध को खत्म करना और सभी बंधकों को वापस लाना है.’
लेविट ने कहा कि ट्रंप चाहते हैं कि हमास अमेरिका की मध्यस्थता वाले प्रस्ताव को अब स्वीकार करे, खासकर जब इज़रायल पहले ही युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे चुका है.
कतर में इज़रायल और हमास के बीच बातचीत
इसी बीच, इज़रायल और हमास के बीच कतर में दूसरे दिन अप्रत्यक्ष बातचीत हुई, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है.
यह बातचीत रविवार को दोहा में शुरू हुई, जहां प्रतिनिधिमंडल एक ही इमारत के अलग-अलग कमरों में बैठे. ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ इस हफ्ते के अंत में दोहा की बातचीत में शामिल होंगे ताकि युद्धविराम को अंतिम रूप दिया जा सके.
अमेरिका के प्रस्ताव के अनुसार, 60 दिनों का संघर्षविराम होगा, जिसमें हमास 10 जीवित बंधकों और कुछ शवों को रिहा करेगा, बदले में इज़रायल फिलिस्तीनी बंदियों को छोड़ेगा.
इस वार्ता के बीच गाज़ा में सिविल डिफेंस एजेंसी ने बताया कि सोमवार को इज़रायली हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई, जिनमें छह लोग एक क्लीनिक में मारे गए, जहां युद्ध से विस्थापित लोग शरण लिए हुए थे.
अक्टूबर 2023 में हमास के हमले के दौरान कुल 251 लोगों को बंधक बनाया गया था, जिनमें से अब भी 49 लोग गाज़ा में कैद हैं, जिनमें 27 के मारे जाने की पुष्टि इज़रायली सेना कर चुकी है.
ज्ञात हो कि हमास द्वारा 2023 के अक्टूबर में इज़रायल पर किए गए हमले में 1,219 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकतर आम नागरिक थे. इसके जवाब में इज़रायल की सैन्य कार्रवाई में अब तक गाज़ा में कम से कम 57,523 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें भी अधिकांश आम नागरिक हैं.
