मनरेगा में लंबित भुगतानों पर संसदीय समिति ने मंत्रालय को फटकार, जल्द निपटारे की सिफारिश

ग्रामीण विकास पर संसदीय स्थायी समिति ने मनरेगा के मैटीरियल कॉम्पोनेंट्स के तहत लंबित भुगतानों पर नाराज़गी जताई है. रिपोर्ट में बताया गया कि 12,219 करोड़ रुपये की मजदूरी बकाया हैं. समिति ने समय पर भुगतान और राज्यों से बेहतर समन्वय की सिफारिश की है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: ग्रामीण विकास पर संसदीय स्थायी समिति ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के मैटीरियल कॉम्पोनेंट्स के तहत लंबित मामलों पर समिति के एक विशेष सवाल कोनज़रअंदाज़’ करने के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की खिंचाई की है।

डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस सांसद सप्तगिरि उलाका की अध्यक्षता वाली समिति ने सोमवार (11 अगस्त) को 2025-26 की अनुदान मांग पर की गई अपनी सिफारिशों पर की गई कार्रवाई पर अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए कहा, ‘यह समझ से परे है कि इतने महत्वपूर्ण मामले पर समिति के एक विशिष्ट प्रश्न को कैसे दरकिनार किया जा सकता है.’

समिति ने मंत्रालय से कहा कि उसे मजदूरों को मजदूरी के भुगतान में देरी से बचने के लिए सभी लंबित बिलों का भुगतान करना चाहिए.

वर्ष 2025-26 के बजटीय आवंटन पर अपनी रिपोर्ट में समिति ने कहा कि 12,219.18 करोड़ रुपये की मजदूरी लंबित है, जबकि मनरेगा जैसे कल्याण-उन्मुख योजनाबद्ध हस्तक्षेप के लिए सामाग्री घटक के तहत 11,227.09 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हो पाया है.

इसमें आगे कहा गया है कि यह मौजूदा बजट का 27.26% है, जिसका मतलब है कि आवंटित धनराशि का एक-चौथाई से ज़्यादा हिस्सा पिछले वर्षों के बकाये चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष के लिए वास्तविक कार्य बजट घटाकर 62,553.73 करोड़ रुपये कर दिया गया है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि समिति ने महसूस किया कि इस तरह के लंबित मामलों के कारण मनरेगा के दोनों पहलू – योजना की मांग-आधारित प्रकृति और योजना के तहत परिसंपत्तियों का सृजन – गंभीर रूप से बाधित हो रहे हैं.

लंबित मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए समिति ने सिफारिश की कि ग्रामीण विकास विभाग वेतन और सामग्री के अंतर्गत केंद्र सरकार के हिस्से की धनराशि समय पर जारी करने, राज्य सरकारों के साथ समन्वय को मजबूत करने और वितरण में और अधिक देरी को रोकने के लिए प्रभावी उपाय अपनाने के लिए तत्काल कदम उठाए.