मेघालय: हिल काउंसिल चुनाव संबंधी विवाद के बीच पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत, कर्फ्यू लागू

मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स ज़िले में गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद के चुनाव में ग़ैर-आदिवासी उम्मीदवारों की भागीदारी को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच मंगलवार को पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई. इसके बाद प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया और मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को 48 घंटे के लिए निलंबित करने का आदेश दिया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: फेसबुक/West Garo Hills Police)

नई दिल्ली: मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले में मंगलवार (10 मार्च) को पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई. यह घटना उस समय हुई जब क्षेत्र में पहले से रात का कर्फ्यू लागू था.

यह कर्फ्यू गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (जीएचएडीसी) के चुनाव में गैर-आदिवासी उम्मीदवारों की भागीदारी को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच लगाया गया था. परिषद के चुनाव 10 अप्रैल को होने वाले हैं.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दो मौतों के बाद प्रशासन ने 24 घंटे का कर्फ्यू लगा दिया, सेना से फ्लैग मार्च कराने का अनुरोध किया और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया, क्योंकि मैदानी इलाकों में तनाव फैलता जा रहा है.

पश्चिम गारो हिल्स के जिला मजिस्ट्रेट विभोर अग्रवाल ने सेना के पूर्वी कमान के 101 एरिया के कमांडिंग अधिकारी को पत्र लिखकर कहा कि जिले के मैदानी क्षेत्रों में तनावपूर्ण कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए फ्लैग मार्च कराया जाए. उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों की मौजूदगी से जनता को भरोसा मिलेगा, किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सकेगा और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी.

यह अशांति पिछले सप्ताह तब शुरू हुई जब जीएचएडीसी चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई. परिषद ने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों से अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने को कहा, जिसके बाद इस फैसले के समर्थन और विरोध में पूरे क्षेत्र में प्रतिक्रियाएं सामने आईं.

स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब तुरा में उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पूर्व विधायक एसमातुर मोमिनिन को नामांकन दाखिल करने से रोक दिया और उनके साथ मारपीट की. बाद में पुलिस ने उन्हें बचाया. वे लंगड़ाते हुए और बाएं पैर में बिना जूते के पुलिस वाहन में बैठते हुए दिखाई दिए.

सोमवार को भी तनाव बढ़ गया था, जब चिबिनांग इलाके में दुकानों में तोड़फोड़ की गई. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी.

मंगलवार तड़के सुरक्षा बलों ने कर्फ्यू के दौरान एक भीड़ को हटाने की कोशिश की, उसी दौरान गोलीबारी हुई जिसमें दो लोगों की मौत हो गई.

अधिकारियों का कहना है कि अब संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है और पुलिस व जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, प्रशासन के आदेश के अनुसार कर्फ्यू की अवधि के दौरान पश्चिम गारो हिल्स जिले की सीमा के भीतर किसी भी व्यक्ति को अपने घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी.

अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए ये प्रतिबंध आवश्यक और संतुलित हैं तथा इनका उद्देश्य सार्वजनिक शांति भंग होने से रोकना है.

राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर 10 मार्च से पश्चिम गारो हिल्स जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को 48 घंटे के लिए निलंबित करने का आदेश दिया है, ताकि अफवाहों के फैलाव को रोका जा सके और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखी जा सके.

दो लोगों की मौत, कर्फ्यू, तोड़फोड़ और सेना की तैनाती की मांग के बीच जीएचएडीसी चुनाव को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पश्चिम गारो हिल्स के कुछ हिस्सों में गंभीर कानून-व्यवस्था संकट में बदल गया है, जिससे अगले महीने होने वाले परिषद चुनावों से पहले हालात को लेकर चिंता बढ़ गई है.