नई दिल्ली: इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान परिषद (एनसीईआरटी) की ओर से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस (14 अगस्त) पर जारी किए गए विशेष मॉड्यूल का कड़ा विरोध किया है.
इंडिया हिस्ट्री कांग्रेस का कहना है कि इस नए मॉड्यूल में इतिहास को तोड़-मरोड़कर बच्चों को झूठ सिखाया जा रहा है और इसका मकसद साफ तौर पर सांप्रदायिक नफरत फैलाना है. माॅड्यूल ने इतिहास को गलत तरीके से पेश किया है.
प्रख्यात इतिहासकारों का कहना है कि इस तरह का निष्कर्ष न केवल भारत के स्वतंत्रता संग्राम की वास्तविक घटनाओं को विकृत करता है, बल्कि ‘स्पष्ट सांप्रदायिक इरादे’ से रचे गए ‘झूठ’ से भरे ध्रुवीकरणकारी इतिहास को युवाओं के दिमाग में भरकर उन्हें भ्रष्ट भी करता है.
इस संबंध में इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस ने एक बयान जारी कर कहा कि इस नए मॉड्यूल में देश के बंटवारे के लिए सिर्फ मुस्लिम लीग ही नहीं, बल्कि कांग्रेस को भी जिम्मेदार बताया गया है, जबकि असली जिम्मेदारी अंग्रेजी की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति थी. ब्रिटिश हुकूमत को क्लीन चिट देते हुए कहा गया कि उन्होंने भारत को एकजुट रखने की पूरी कोशिश की थी.
इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस के अनुसार, इस मॉड्यूल में 1942 के क्रिप्स मिशन और 1946 के कैबिनेट मिशन प्लान को गलत तरीके से पेश किया गया है. मॉड्यूल में बंटवारे के मुख्य दोषी जिन्ना और कांग्रेस को बताया गया है, जबकि माउंटबेटन को सिर्फ औपचारिक भूमिका निभाने वाला बताया गया.
इतिहासकारों के मुताबिक, बंटवारा अचानक नहीं हुआ, बल्कि 1857 की क्रांति के बाद से अंग्रेजों ने हिंदू-मुस्लिम एकता तोड़ने की लंबी रणनीति अपनाई थी. अलग-अलग धार्मिक संगठनों को बढ़ावा देना और पृथक निर्वाचन व्यवस्था इसी रणनीति का हिस्सा था.
इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस ने कहा है कि मॉड्यूल में मोहम्मद अली जिन्ना की ‘टू नेशन थ्योरी’ को तो बताया गया, लेकिन उससे तीन साल पहले 1937 में हिंदू महासभा के नेता वीडी सावरकर ने भी यही विचार रखा था. इसके बावजूद हिंदू सांप्रदायिक ताकतों को कभी जिम्मेदार नहीं ठहराया जाता.
इस मॉड्यूल में कांग्रेस नेताओं पर इतिहास को सफेदपोश बनाने और भावनात्मक अपील करने के आरोप लगाए गए हैं, जबकि सच्चाई यह है कि कांग्रेस ने हमेशा हिंदू-मुस्लिम एकता और धर्मनिरपेक्ष भारत के लिए संघर्ष किया.
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने इस एकता के लिए अपनी जान तक दी. उनका अंतिम उपवास दिल्ली में मुसलमानों पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए था. गांधी की हत्या भी सांप्रदायिक नफरत फैलाने वालों ने इसी वजह से की थी.
इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस का आरोप है कि मॉड्यूल में बंटवारे के दौरान सिर्फ हिंदुओं और सिखों पर हुए अत्याचारों का जिक्र है, लेकिन मुसलमानों पर हुई हिंसा और अत्याचार को पूरी तरह छुपा लिया गया है. इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस ने कहा कि स्कूली बच्चों को इस तरह का विकृत इतिहास पढ़ाना बेहद खतरनाक है.
‘विभाजन विभीषिका’ के नाम पर असल में मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है और यह आने वाली पीढ़ियों को बांटने की साजिश है.
पूरा बयान यहां पढ़ा जा सकता है.
