राजभाषा दिवस: हिंदी ने क्या खोया, क्या पाया?
हिंदी क्षेत्र राजनीतिक रूप से सबसे ज्यादा ताकतवर है. शिक्षा, सामाजिक विज्ञान और पत्रकारिता के क्षेत्र में इसकी यह शक्ति किस तरह दिखाई देती है? क्या इसका योगदान इसकी शक्ति के अनुरूप है? 14 सितंबर को राजभाषा दिवस के अवसर पर द वायर हिंदी के संपादक आशुतोष भारद्वाज की वरिष्ठ लेखक अशोक वाजपेयी और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद से बातचीत.
