नई दिल्ली: असम कांग्रेस ने गुरुवार (18 सितंबर) को राज्य भाजपा के खिलाफ पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किए गए एक एआई वीडियो को लेकर शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसके नेताओं और मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया गया है.
इस वीडियो में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई को निशाना बनाया गया है, जिसमें उन्हें पाकिस्तानी राष्ट्रीय ध्वज की पृष्ठभूमि में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ भाषण देते हुए दिखाया गया है.
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष बेदब्रत बोरा ने दिसपुर थाने में राज्य भाजपा के सोशल मीडिया सेल के खिलाफ कथित आपराधिक साजिश, सांप्रदायिक अशांति भड़काने, धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) चुनावों के लिए लागू आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है.
बोरा ने शिकायत दर्ज कराने के बाद मीडियाकर्मियों को बताया कि यह शिकायत असम भाजपा के अध्यक्ष दिलीप सैकिया, भाजपा के सोशल मीडिया सेल के सह-संयोजक शेखरज्योति बैश्य और असम में पार्टी के सोशल मीडिया अभियान और पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए सामग्री रणनीति से जुड़े अन्य ‘अज्ञात’ पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज की गई है.
कांग्रेस नेता ने बताया कि 15 सितंबर को पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किए गए ‘असम विदाउट बीजेपी’ शीर्षक वाले वीडियो में असम को अत्यधिक मुस्लिम बहुल दिखाया गया है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर वैध गोमांस की बिक्री, इस्लामी प्रतीकों से सजे स्थलों का नाम बदला जाना, 90 प्रतिशत मुस्लिम आबादी का अतिरंजित आंकड़ा, पदों पर मुस्लिम व्यक्ति, शरिया जैसे कानूनों को लागू करते हुए दिखाया गया है.
We can’t let this dream of Paaijaan to be true!! pic.twitter.com/NllcbTFiwV
— BJP Assam Pradesh (@BJP4Assam) September 15, 2025
बोरा ने कहा कि वीडियो के शीर्षक और वर्णन इस तरह से किए गए हैं कि ‘यह स्पष्ट रूप से मुसलमानों के प्रति भय और घृणा को बढ़ावा देता है और कांग्रेस नेताओं, खासकर राहुल गांधी और गौरव गोगोई की छवि को धूमिल करता है.’
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘अपना वोट सोच-समझकर चुनें’ शब्दों के साथ समाप्त होने वाला यह वीडियो बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीआरसी) के आगामी चुनावों के लिए मतदाताओं को लुभाने के लिए बनाया गया है.
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया, ‘यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि 12 सितंबर को इसी सोशल मीडिया हैंडल द्वारा पोस्ट किए गए एक ऐसे ही वीडियो के बाद की घटना है… और असम के नाज़ुक सांप्रदायिक ताने-बाने के मौजूदा संदर्भ में इस तरह की सामग्री का प्रसार खतरनाक है.’
बोरा ने पुलिस से त्वरित जांच करने का आग्रह किया, जिसमें ‘वीडियो की जालसाज़ी के लिए फोरेंसिक जांच, भाजपा के सोशल मीडिया विभाग से उपकरणों की ज़ब्ती’ शामिल है.
उन्होंने पुलिस से सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के अधिकारियों को आईटी अधिनियम, 2000 के तहत इस पोस्ट को तुरंत हटाने के निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया ताकि आगे इसका प्रसार रोका जा सके और साथ ही कथित आदर्श आचार संहिता उल्लंघनों के बारे में असम राज्य चुनाव आयोग को भी सूचित किया जा सके.
पुलिस ने कहा कि उन्हें शिकायत मिल गई है और कोई भी कार्रवाई करने से पहले उसकी जांच की जाएगी.
असम भाजपा सोमवार से अपने एक्स हैंडल पर कई वीडियो पोस्ट कर रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि राज्य में अवैध प्रवासियों से खतरा है.
वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए गोगोई ने कहा, ‘भाजपा आईटी सेल द्वारा बनाए गए शब्दों, कार्यों और तस्वीरों में असमिया समाज की सतह को छूने की भी ताकत नहीं है.’
उन्होंने कहा कि गौरवशाली असम ऐसे राजनेताओं का हकदार है जो राज्य के लोगों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करें.
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गोगोई ने ‘एक्स‘ पर पोस्ट किया, ‘असम को महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव, अज़ान पीर, स्वर्गदेव सिउकाफा, लचित बोरफुकन और भूपेन हजारिका ने सींचा है. मवेशियों, कोयले, पान और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े लोग असमिया लोगों के मन को प्रभावित नहीं कर पाएंगे.’
कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ‘पायलटों, इंजीनियरों, डॉक्टरों, उद्यमियों, बैंकरों और व्यापार मालिकों का एक समाज’ बनाना चाहती है.
उन्होंने कहा, ‘हम एक ऐसा ‘बोर’ (महान) असम देखना चाहते हैं जहां कड़ी मेहनत नफ़रत पर भारी पड़े, शालीनता अहंकार पर भारी पड़े, लोकतंत्र निरंकुशता को कुचल दे और सभी के साथ सम्मान से पेश आया जाए.’
