नई दिल्ली: गुजरात के गांधीनगर ज़िले में बुधवार (24 सितंबर) देर रात सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई.
पुलिस के मुताबिक, देहगाम तालुका के बहियाल गांव में इस दौरान पत्थरबाज़ी, आगज़नी और वाहनों व दुकानों में तोड़फोड़ की गई. पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि झड़प में किसी के घायल होने की सूचना है या नहीं.
बता दें कि बहियाल गांव गांधीनगर शहर से लगभग 38 किलोमीटर दूर है.
देहगाम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आयुष जैन ने बताया कि अब तक करीब 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस के अनुसार, 200 से ज़्यादा लोग इस झड़प में शामिल थे. उन्होंने कई गाड़ियों और दुकानों को नुकसान पहुंचाया और कुछ को आग के हवाले कर दिया.
एएसपी जैन ने कहा कि विवाद की शुरुआत वॉट्सऐप स्टेटस ‘आई लव मुहम्मद’ और ‘आई लव महादेव’ को लेकर हुई.
उन्होंने बताया, ‘इन स्टेटस को लेकर दोनों ओर से सैकड़ों लोग भिड़ गए. पत्थरबाज़ी हुई, दुकानों और सार्वजनिक-निजी संपत्ति में तोड़फोड़ व आगज़नी की गई. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.’
जैन के अनुसार, ‘हाल ही में ‘आई लव मुहम्मद’ स्टेटस लगाने का ट्रेंड शुरू हुआ, जिसके जवाब में दूसरे पक्ष ने ‘आई लव महादेव’ का स्टेटस डालना शुरू कर दिया. इसको लेकर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे विवाद भड़क गया और पहले दो-चार लोगों के बीच शुरू हुई बहस हिंसा में बदल गई.’
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा रात करीब 11 से 11:30 बजे के बीच शुरू हुई. पहले एक दुकान में आग लगाई गई, उसके बाद बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए. दोनों पक्षों में पत्थरबाज़ी हुई और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया.
नवरात्रि को देखते हुए पहले से ही पुलिस बल घटनास्थल के इर्द गिर्द तैनात थे, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर गांधीनगर ज़िले के अन्य इलाकों से अतिरिक्त पुलिसकर्मी बुलाए गए. पुलिस के अनुसार, स्थिति को 25 सितंबर सुबह करीब 3 बजे तक काबू में कर लिया गया.
देहगाम थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ दंगा, अवैध जमावड़ा, हत्या के प्रयास सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई है.
पुलिस सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो की जांच कर रही है ताकि बाकी आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जा सके.
क्या है आई लव मुहम्मद पोस्ट ?
उल्लेखनीय है कि कानपुर में 4 सितंबर को बरावफात जुलूस के दौरान सड़क पर ‘आई लव मुहम्मद’ बोर्ड लगाने के आरोप में नौ लोगों और 15 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ 9 सितंबर को कानपुर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी.
‘आई लव मोहम्मद’ के बोर्ड लगाए जाने का हिंदू संगठनों ने विरोध करते हुए इसे जानबूझकर उकसावे की नई कोशिश बताई.
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया पर इस पोस्टर के समर्थन में पोस्ट करते हुए कहा कि ‘आई लव मुहम्मद कहना कोई अपराध नहीं है.’ उसके बाद से देश के विभिन्न हिस्सों में लोग अपने सोशल मीडिया पर ‘आई लव मुहम्मद’ का पोस्ट डालने लगे. और पुलिस ने इन पोस्टरों/पोस्ट के लिए कार्रवाई करना शुरू कर दिया.
मकतूब मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे देश में अब तक 21 मामले दर्ज किए गए हैं और 1,324 मुस्लिमों पर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें 38 गिरफ्तारियां भी शामिल हैं.
उत्तर प्रदेश इस पूरे विवाद का केंद्र बना हुआ है. यहां अब तक सबसे अधिक 16 एफआईआर दर्ज हुई हैं और 1,000 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है.
