यूपी: ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर लगाने पर एक गिरफ़्तार, बजरंग दल की शिकायत पर हुई कार्रवाई

उत्तर प्रदेश की ग़ाज़ियाबाद पुलिस ने किदवई नगर इलाके में अपने घर के बाहर ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर लगाने के आरोप में एक 45 वर्षीय मज़दूर को गिरफ़्तार किया है. पुलिस ने यह कार्रवाई क्षेत्र में लगे पोस्टर और बैनर के विरोध में बजरंग दल द्वारा थाने के बाहर प्रदर्शन करने के बाद की है.

26 सितंबर 2025 को महाराष्ट्र के ठाणे में ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर मामले को लेकर हुआ प्रदर्शन. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: आई लव मुहम्मद’ पोस्टर के इर्द-गिर्द चल रहे विवाद की कड़ी में एक नया मामला सामने आया है.

उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस ने किदवई नगर इलाके में अपने घर के बाहर ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर लगाने के आरोप में 45 वर्षीय मज़दूर शेरदिल को गिरफ़्तार कर लिया है.

बताया गया है कि पुलिस ने यह कार्रवाई तब की, जब क्षेत्र में लगे पोस्टर और बैनर के विरोध में बजरंग दल ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मोदीनगर के एसीपी अमित सक्सेना ने बताया कि शेरदिल को शनिवार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 151 के तहत गिरफ़्तार किया गया है. यह धारा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन हिरासत की अनुमति देती है. 

इलाके के थाना प्रभारी नरेश कुमार शर्मा के अनुसार, आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और सोमवार (29 सितंबर) को उन्हें ज़मानत अर्जी के लिए अदालत में पेश किया गया.

बजरंग दल ज़िला इकाई अध्यक्ष मधुर नेहरा ने आरोप लगाया कि शहर के कई हिस्सों में ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं. नेहरा थाने के बाहर हो रहे विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे. उन्होंने धमकी दी थी कि अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो वे ख़ुद पोस्टर हटा देंगे. 

उन्होंने कहा, ‘स्थानीय लोगों की शिकायत पर हमने पुलिस को ज्ञापन दिया था. हमें सूचित किया गया है कि पुलिस ने कार्रवाई कर दी है.’  बाद में पुलिस ने इलाके से सभी पोस्टर और एक बैनर भी हटा दिए.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आई लव मुहम्मद पोस्टरों को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है. बरेली में शुक्रवार (26 सितंबर) को जुमे की नमाज़ के बाद इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख, मौलाना तौकीर रज़ा के आह्वान के बाद ‘आई लव मुहम्मद’ अभियान के समर्थन में प्रदर्शन होने थे.

प्रदर्शनस्थल पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए, लेकिन प्रशासन की अनुमति न मिलने के कारण आख़िरी समय में मौलाना रज़ा ने इस प्रदर्शन को रद्द करने का ऐलान कर दिया था. बाद में यह प्रदर्शन पुलिस और भीड़ के बीच टकराव में बदल गया. 

ज्ञात हो कि उक्त विवाद की शुरुआत 4 सितंबर को हुई थी, जब उत्तर प्रदेश के कानपुर में पैग़ंबर मुहम्मद की जयंती पर आयोजित जुलूस के दौरान ‘आई लव मुहम्मद’ के पोस्टर लगाने पर कानपुर पुलिस ने कुछ मुस्लिम युवकों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया था. 

नवरात्रि मेले से मुस्लिम दुकानदारों को हटाने की मांग

इस बीच, बजरंग दल ने मोदीनगर के सीकरी खुर्द स्थित महामाया मंदिर के बाहर चल रहे नवरात्रि मेले में मुस्लिम समुदाय के दुकानदारों की मौजूदगी पर आपत्ति जताई है.

संगठन ने एसीपी को पत्र लिखकर इन दुकानों को हटाने की मांग की है. पत्र में कहा गया, ‘यह मेला पूरी तरह धार्मिक और आस्था से जुड़ा है. लेकिन कुछ मुस्लिम दुकानदारों ने मंदिर के बाहर दुकानें लगा ली हैं, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं और मेले की पवित्रता भंग हो रही है. यदि तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो श्रद्धालुओं में रोष फैल सकता है, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी प्रशासन की होगी.’

एसीपी अमित सक्सेना ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. उन्होंने कहा, ‘हम देख रहे हैं कि मंदिर के बाहर किस प्रकार की दुकानें लगाई गई हैं. जांच पूरी होने के बाद ज़रूरी कार्रवाई की जाएगी.’