ओडिशा: सांप्रदायिक तनाव के बीच कटक में इंटरनेट बंद की अवधि बढ़ी, कई लोग गिरफ़्तार

ओडिशा के कटक में बीते शुक्रवार और रविवार के बीच हिंसा की दो घटनाएं सामने आई थीं. सांप्रदायिक तनाव भड़कने के बाद राज्य सरकार द्वारा इलाके में इंटरनेट पर प्रतिबंध को 7 अक्टूबर की शाम तक बढ़ा दिया गया है.

हिंसा के बाद तैनात पुलिसकर्मी. (फोटो साभार: सोशल मीडिया)

नई दिल्ली: ओडिशा के कटक में सांप्रदायिक तनाव भड़कने के बाद राज्य सरकार द्वारा इलाके में इंटरनेट पर प्रतिबंध को 7 अक्टूबर की शाम तक बढ़ा दिया गया है.

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, केंद्रीय प्रभाग के राजस्व प्रभागीय आयुक्त (आरडीसी) ने स्थिति की समीक्षा की है. इस दौरान आरडीसी गुहा पूनम तपस कुमार के साथ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नरसिंह भोला और कटक ज़िला मजिस्ट्रेट दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे भी मौजूद थे.

मालूम हो कि कटक में रविवार को हुई हिंसा में 10 पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 31 लोग घायल हो गए थे.

समाचार एजेंसी एएनआई ने कुमार के हवाले से कहा, ‘हम सभी इस मामले के जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद कर रहे हैं. जिन लोगों ने भी कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश की है, उन पर मामला दर्ज किया जाएगा. समाज आमतौर पर शांतिपूर्ण रहना चाहता है; हर कोई कोई त्योहार या कोई भी कार्यक्रम एक साथ मनाना चाहता है. मुझे यकीन है कि यह संदेश बहुत स्पष्ट है, और जिसने भी सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है, उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.’

इस संबंध में भुवनेश्वर-कटक के पुलिस आयुक्त एस देव दत्ता सिंह ने कहा कि पुलिस पर पथराव के बाद कानून और सुरक्षा में कोई चूक न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए शहर में बुधवार सुबह 10 बजे तक कर्फ्यू लगा दिया गया है.

सिंह ने आगे कहा, ‘इसके बाद कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. कानून तोड़ने की कोई कोशिश नहीं की गई. आज हर जगह पुलिस गश्त की जा रही है. संवेदनशील जगहों पर स्थाई तैनाती की गई है. अब स्थिति शांतिपूर्ण है. हमें जानकारी मिली है कि लोग सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और सामान्य स्थिति बहाल हो गई है.’

उन्होंने पुष्टि की कि आठ लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की पहचान प्रक्रिया जारी है.

पुलिस ने आगे बताया कि कर्फ्यू के बीच शहर में आपातकालीन सेवाएं चालू हैं.

ज्ञात हो कि कटक के दरगाह बाज़ार इलाके में बीते शुक्रवार और रविवार के बीच हिंसा की दो घटनाएं सामने आई थीं.

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हुई शुरुआती झड़प

शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हुई शुरुआती झड़प में कम से कम छह लोग घायल हो गए थे.

शनिवार तड़के दरगाहबाजार इलाके में हाथी पोखरी के पास स्थानीय लोगों द्वारा विसर्जन जुलूस में तेज़ संगीत बजाने पर आपत्ति जताने पर हंगामा मच गया. ये विवाद जल्द ही ज्यादा बढ़ गया और पत्थरबाजी और कांच की बोतलें फेंकने तक पहुंच गया.

पुलिस पर जुलूस पर हमले को रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सोमवार को 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है.

रविवार शाम को कटक में दूसरी बार जब हिंसा भड़क उठी, जब पुलिस ने विहिप की बाइक रैली को संवेदनशील इलाके से गुजरने से रोक दिया. इस घटना के बाद पुलिस पर पथराव हुआ, जिसमें आठ पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 25 लोग घायल हो गए.

इस हमले में घायल हुए 25 लोगों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अमरेंद्र पांडा और कटक के डीसीपी खिलाड़ी ऋषिकेश ज्ञानदेव भी शामिल बताए जा रहे हैं. पांडा को एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है.

राज्य सरकार ने रविवार रात शहर के 20 पुलिस थाना क्षेत्रों में से 13 में 36 घंटे के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी और मंगलवार शाम 7 बजे तक इंटरनेट सेवा निलंबित कर दी.

इससे पहले रविवार को करीब एक दर्जन अस्थायी दुकानों में आग लगा दी गई थी और पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां, आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां चलाई थीं.

कटक में बंद

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद ने सोमवार को कटक में सुबह से शाम तक बंद का आह्वान किया था. परिषद ने शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हिंसा फैलाने वाले उपद्रवियों पर पुलिस की निष्क्रियता का आरोप लगाया.

भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बंद शांतिपूर्ण रहा. बाज़ार और पेट्रोल पंप खुले रहे, और सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन भी उपलब्ध रहा, लेकिन पुलिस द्वारा लगाए गए कई प्रतिबंधों के कारण सामान्य से कम रहा.

पुलिस आयुक्त एस देव दत्ता सिंह ने कहा, ‘हालांकि, सोमवार को बंद पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा और शहर भर में शांति रही. लेकिन सड़कें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और गतिविधियां ठप रहीं. राज्य पुलिस बल की 50 से ज़्यादा टुकड़ियों के अलावा, रैपिड एक्शन फ़ोर्स (आरएएफ) सहित केंद्रीय सशस्त्र बल के जवानों की आठ कंपनियां पूरे शहर में तैनात रहीं.’

कटक में कड़ी निगरानी

पुलिस ने कहा कि कटक के बाहर से आने वाले लोगों को शहर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है, सिवाय उन लोगों के जो काम पर हैं और एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल जाने वाले मरीज़ों को.

शहर के प्रवेश द्वारों पर रुकने वाली प्रत्येक यात्री बस की नियमित जांच की जा रही है.

पुलिस ने कहा कि वे स्थिति की समीक्षा करेंगे और उसके अनुसार कर्फ्यू बढ़ाने पर फैसला लेंगे.

सिंह ने कहा, ‘ज़रूरत पड़ने पर कर्फ्यू बढ़ाया भी जा सकता है.’

इस मामले को लेकर राज्य के डीजीपी वाई. बी. खुरानिया ने जनता से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है.

उन्होंने कहा कि कटक हमेशा से भाईचारे का प्रतीक रहा है. लोग किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें.

वहीं, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी कहा कि कटक शहर ने हमेशा एकता और भाईचारे की मिसाल पेश की है. सभी नागरिक संयम बनाए रखें.

विपक्ष के नेता और पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने कटक में शांति बनाए रखने की अपील की है.कटक में उत्पन्न हुई कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने गहरी चिंता व्यक्त की है.

उन्होंने कहा कि ओडिशा एक शांतिप्रिय राज्य के रूप में जाना जाता है.ओडिशा के लोग और कटकवासी शांति और सद्भाव चाहते हैं.