यूके: प्रवासियों को नियंत्रित करने के इरादे से वीज़ा के लिए सख़्त अंग्रेज़ी टेस्ट नियम लाई सरकार

यूके सरकार ने सभी देशों के वीज़ा आवेदकों के लिए अंग्रेज़ी भाषा परीक्षा को अनिवार्य बना दिया है. 8 जनवरी 2026 से लागू होने वाले इस नियम के तहत बोलने, सुनने, पढ़ने और लिखने की क्षमता ए-लेवल या कक्षा 12 के मानक के बराबर होनी चाहिए. सरकार का दावा है कि इससे प्रवासी यूके के समाज में बेहतर घुल-मिल सकेंगे.

यूके की होम सेक्रेटरी शबाना महमूद ने कहा, ‘यह देश हमेशा उन लोगों का स्वागत करता है जो यहां आते हैं और योगदान करते हैं, लेकिन यह अस्वीकार्य है कि प्रवासी हमारी भाषा सीखे बिना यहां आएं.' (प्रतीकात्मक फोटो साभार: पिक्साबे/Markus Winkler)

नई दिल्ली: यूके (यूनाइटेड किंगडम) सरकार ने मंगलवार को संसद में नए और सख्त अंग्रेज़ी भाषा परीक्षण के नियम पेश किए, जो भारत सहित सभी देशों के वीज़ा आवेदकों पर लागू होंगे. यह कदम इमिग्रेंट्स की संख्या को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, ‘सिक्योर इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट’ होम ऑफिस द्वारा मान्यता प्राप्त संस्था के द्वारा आयोजित की जाएगी. इसके परिणामों को सभी स्किल्ड वर्कर्स (कुशल कार्मिक) के वीज़ा आवेदन प्रक्रिया में जांचा जाएगा. यह नियम 8 जनवरी, 2026 से लागू होंगे.

आवेदक का अंग्रेज़ी बोलने, सुनने, पढ़ने और लिखने का स्तर ए-लेवल या कक्षा 12 के बराबर होना चाहिए. होम ऑफिस का मानना है कि यह सुनिश्चित करेगा कि आवेदक ‘यूके की ज़िंदगी में बेहतर ढंग से घुल-मिल सकें.’

यूके की होम सेक्रेटरी शबाना महमूद ने कहा, ‘यह देश हमेशा उन लोगों का स्वागत करता है जो यहां आते हैं और योगदान करते हैं, लेकिन यह अस्वीकार्य है कि प्रवासी हमारी भाषा सीखे बिना यहां आएं और राष्ट्रीय जीवन में योगदान न कर सकें.’

उन्होंने आगे कहा, ‘अगर आप इस देश में आते हैं, तो आपको हमारी भाषा सीखनी होगी.’

हालिया कदम मई में जारी ब्रिटिश सरकार की ‘इमीग्रेशन ह्वाइट पेपर’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वीज़ा नियमों को सख्त करना है.

अन्य बदलावों में एक यह भी है कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद ग्रेजुएट रूट वीज़ा के तहत ग्रेजुएट-स्तर की नौकरी ढूंढने के लिए अब मौजूदा दो साल की जगह केवल 18 महीने का समय मिलेगा. यह नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होगा. हालांकि, पीएचडी स्तर के छात्रों को पहले की तरह तीन साल तक रहने की अनुमति मिलती रहेगी, जैसा कि इस साल की शुरुआत में घोषित किया गया था

होम ऑफिस मंत्री माइक टैप के संसदीय बयान में कहा गया है, ‘यह बदलाव उन आंकड़ों पर आधारित है जो दिखाते हैं कि बहुत से ग्रेजुएट्स उस स्तर की नौकरियों में नहीं पहुंच रहे हैं, जिनके लिए ‘ग्रेजुएट रूट वीज़ा’ बनाया गया था. इस परिवर्तन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जो छात्र यूके में रहते हैं, वे ग्रेजुएट-लेवल नौकरियों में जाएं और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में वास्तविक योगदान दें.’

इसके अलावा बदले नियम के तहत छात्र वीज़ा के लिए विदेशी छात्रों को यह साबित करना होगा कि उनके पास अपने खर्च चलाने के लिए पर्याप्त धन है. अभी तक छात्रों को हर महीने 1,483 पाउंड का खर्च दिखाना होता था, लेकिन अब यह बढ़कर लंदन के लिए 1,529 पाउंड और यूके के बाकी हिस्सों के लिए 1,171 पाउंड (पहले 1,136 पाउंड) कर दिया गया है.