अंकिता भंडारी हत्या: कांग्रेस ने उठाई भाजपा सांसद दुष्यंत कुमार गौतम की गिरफ़्तारी की मांग

अंकिता भंडारी हत्या मामले में एक टीवी अभिनेत्री की सोशल मीडिया पोस्ट में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद दुष्यंत कुमार गौतम का नाम सामने आया है. अभिनेत्री का दावा है कि अंकिता पर जिस 'वीआईपी' को 'सेवा' देने का दबाव था वो गौतम ही थे. कांग्रेस ने गौतम की गिरफ़्तारी की मांग करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा नेता ने जांच में नाम दबाने के लिए अपने रसूख का इस्तेमाल किया.

दुष्यंत कुमार गौतम. (फोटो साभार: x/@dushyanttgautam)

नई दिल्ली: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्या मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद दुष्यंत कुमार गौतम इस समय सुर्खियों में हैं. और इसकी वजह एक टीवी अभिनेत्री की सोशल मीडिया पोस्ट है, जिसमें उन्होंने इस मामले से जुड़े ‘वीआईपी’ के रूप में उनका नाम लिया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, गौतम ने राज्य सरकार से इन अपमानजनक वीडियो को इंटरनेट से हटाने और मामले की जांच की मांग की है.

हालांकि, प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की है और आरोप लगाया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता ने जांच के दौरान अपना नाम दबाने के लिए अपने रसूख का इस्तेमाल किया.

मालूम हो कि 2022 में हरिद्वार के पास वनंतारा रिसॉर्ट में काम करने वाली 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी के साथ कथित बलात्कार और हत्या के मामले ने उत्तराखंड में बढ़ते अपराध दर को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी थी. यह पहाड़ी राज्य ऐतिहासिक रूप से कम आपराधिक गतिविधियों के लिए जाना जाता रहा है.

जांच के दौरान पीड़िता के एक दोस्त ने पुलिस को बताया कि भंडारी की हत्या संभवतः इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने एक वीआईपी मेहमान की ‘एंटरटेन’ करने की ज़बरन मांग को ठुकरा दिया था.

हालांकि, व्यापक रूप से चर्चित होने के बावजूद इस मामले के ‘वीआईपी’ पहलू का उल्लेख आरोपपत्र में नहीं किया गया था. लेकिन बीते हफ्ते टेलीविजन अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट के जरिए इस मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि अंकिता भंडारी मामले में जिस ‘वीआईपी’ की बात हो रही थी, वह दुष्यंत गौतम हैं. इसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया.

ज्ञात हो कि इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े कई खुलासे सुर्खियों में रहे. मई 2025 में कोटद्वार की एक जिला अदालत ने रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उनके दो सहायकों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराया.

पुलकित हरिद्वार के वरिष्ठ भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे और उत्तराखंड ओबीसी आयोग के तत्कालीन उपाध्यक्ष अंकित आर्य के छोटे भाई हैं. तीनों ने हत्या करने की बात कबूल की. ​​बाद में विनोद आर्य को पार्टी से निलंबित कर दिया गया.

आरोप सामने आने के बाद भाजपा ने राठौर को पार्टी से निलंबित कर दिया था

खबरों के मुताबिक, उर्मिला सनावर की शादी हरिद्वार के ज्वालापुर से भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर से हुई थी. सनावर का दावा है कि राठौर ने अपनी पहली पत्नी की मौत का झूठा दावा करके उनसे शादी की थी. जब यह आरोप मीडिया के सामने आया, तो भाजपा ने राठौर को पार्टी से निलंबित कर दिया.

इस मामले में सनावर का दुष्यंत गौतम से जुड़ा वीडियो के वायरल होने के बाद राठौर ने कहा है कि उन्होंने सनावर के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज करवा दिया है.

राठौर ने पत्रकारों से कहा, ‘वह मेरी पत्नी नहीं है, लेकिन मुझे ब्लैकमेल कर रही है… मैंने उसे पहले ही 50 लाख रुपये दे दिए हैं.’

हालांकि, सनावर ने कहा, ‘मेरे पास इस बात का सबूत है कि उस रात रिसॉर्ट में कौन सा वीआईपी आने वाला था. राठौर ने मुझे बताया था कि वह गट्टू था.’

अपने वीडियो में उन्होंने दावा किया कि कई भाजपा नेता, जिन्हें ‘गट्टू’, ‘फट्टू’ और ‘भट्टू’ कहा जाता है, रिसॉर्ट की महिला कर्मचारियों का यौन शोषण करते थे. बाद में गुमनाम सोशल मीडिया हैंडल से आए वीडियो में दावा किया गया कि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी के उत्तराखंड प्रभारी गौतम ही ‘गट्टू’ थे.

बाद में सनावर ने क्षेत्रीय टेलीविजन चैनलों को दिए अपने साक्षात्कारों में ‘गट्टू’ की पहचान गौतम के रूप में की.

सनावर द्वारा इन आरोपों के बाद से कांग्रेस उत्तराखंड के विभिन्न शहरों में प्रदर्शन कर रही है और गौतम की गिरफ्तारी की मांग कर रही है.

इन आरोपों का जवाब देते हुए गौतम ने एक वीडियो संदेश जारी किया जिसमें उन्होंने कहा, ‘मैंने मुख्यमंत्री के सचिव (शैलेश बागौली) को अपने खिलाफ लगे आरोपों की जांच कराने के लिए पत्र लिखा है. अगर आरोप सही साबित होते हैं तो मैं सामाजिक और राजनीतिक जीवन छोड़ दूंगा.’

उन्होंने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि वे इस मामले में मेरी संलिप्तता साबित करें, अन्यथा मैं उन सभी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा जिन्होंने इस तरह का बेबुनियाद आरोप लगाया है… मेरा नाम लेने वाले व्यक्ति की जांच होनी चाहिए. उससे सभी तथाकथित सबूत बरामद किए जाने चाहिए और उनकी जांच होनी चाहिए.’

हालांकि, सनावर टस से मस नहीं हुईं. अपने टेलीविजन साक्षात्कार में उन्होंने दावा किया कि राठौर की पहली शादी के बारे में पता चलने के बाद उन्होंने उनसे रिश्ता तोड़ने का इरादा किया था. लेकिन ‘एक वरिष्ठ भाजपा नेता’ जो राठौर को बचाने की कोशिश कर रहे थे, उन्होंने उन्हें 2022 में ज्वालापुर से चुनाव टिकट दिलाने का वादा करके रिश्ते में बने रहने के लिए राजी कर लिया.

हालांकि, 2022 में राठौर भाजपा के उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे लेकिन हार गए.

टिकट के बदले रिश्वत का आरोप

उर्मिला ने साक्षात्कार में कहा, ‘राठौर मुझसे झगड़ने लगे… (उन्होंने आरोप लगाया) कि मुझे सीट देने वालों ने मुझसे कुछ ‘रिश्वत’ ली थी. इसलिए, मैंने हमारी बातचीत रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया. वह मुझे डराने के लिए दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लेते थे. मैं पहले गौतम को अपना भाई कहती थी. एक झगड़े के दौरान उन्होंने (राठौर ने) कहा कि गौतम की छह-सात पत्नियां और एक नाजायज बच्चा है.’

उन्होंने आगे बताया कि गट्टू – दुष्यंत कुमार गौतम – रिसेप्शनिस्ट की हत्या से जुड़े वीआईपी हैं.

उन्होंने (राठौर ने) अन्य भाजपा नेताओं के नाम भी लिए और सबूतों से छेड़छाड़ करने वाले किसी व्यक्ति और एक महिला के बारे में बात की जिसके पास भाजपा नेता का अश्लील वीडियो था. उन्होंने कहा, ‘मैं सबूत पुलिस को सौंपने के लिए तैयार हूं, लेकिन पहले मैं उन्हें अपने पास सुरक्षित रखूंगी…’