नई दिल्ली: उत्तराखंड के कोटद्वार स्थित जिम संचालक और बॉडी बिल्डर दीपक कुमार की हत्या पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित करने वाले व्यक्ति को बिहार पुलिस ने सोमवार (9 फरवरी) को हिरासत में लिया है.
‘मोहम्मद’ दीपक नाम से मशहूर दीपक कुमार कश्यप पिछले महीने बजरंग दल के सदस्यों के समक्ष एक बुज़ुर्ग मुस्लिम दुकानदार के लिए खड़ा होने के बाद सुर्खियों में आए थे.
यह कार्रवाई रविवार (8 फरवरी) को दीपक द्वारा उत्तराखंड पुलिस में दर्ज कराई गई एफआईआर के बाद की गई. हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान बिहार के मोतिहारी ज़िले के उत्कर्ष सिंह के रूप में हुई है. उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर दीपक को धमकी दी थी. वीडियो में वह 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद के बचाव में खड़े होने को लेकर दीपक को जान से मारने की धमकी देता दिख रहा है.
सोशल मीडिया पर दीपक द्वारा वकील अहमद का बचाव करने वाला वीडियो वायरल होने के बाद से उन्हें हिंदुत्व समर्थकों की धमकियों का लगातार सामना करना पड़ रहा है.
रविवार देर रात भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3) (मौत या गंभीर चोट पहुंचाने की धमकी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई.
दीपक ने बताया कि उन्हें यह धमकी भरा वीडियो सोशल मीडिया पर दिखाई दिया. वीडियो में उत्कर्ष सिंह माथे पर तिलक लगाए हुए, हाथ में नोटों की गड्डियां पकड़े नजर आता है. दीपक की शिकायत के अनुसार, वीडियो में सिंह यह कहते हुए सुनाई देता है कि ‘जो कोई भी मोहम्मद दीपक को मारेगा और उसे सनातन धर्म का ‘पाठ’ पढ़ाएगा, उसे 2 लाख रुपये दिए जाएंगे.’
ज्ञात हो कि 26 जनवरी को उत्तराखंड के कोटद्वार में बजरंग दल के सदस्यों ने वकील अहमद को उनकी दुकान ‘बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर’ के नाम से ‘बाबा’ शब्द हटाने के लिए परेशान कर रहे थे. बजरंग दल के लोगों का कहना था कि ‘बाबा’ शब्द एक स्थानीय देवता से जुड़ा है, जिसका संबंध हनुमान से बताया गया.
इस दौरान दीपक कुमार ने वृद्ध व्यक्ति का बचाव किया था. जब उनसे उनका नाम पूछा गया, तो उन्होंने खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताया. बजरंग दल वालों के साथ उनके इस संवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हो गया, जिसके बाद दीपक को बेशुमार सुर्खियां तो मिली, लेकिन वे अनचाहे विवाद के केंद्र में भी आ गए.
31 जनवरी को बजरंग दल के लोग दीपक को ‘सबक सिखाने’ के इरादे से उनके जिम के बाहर एकत्र हो गए थे. दीपक को फ़िलहाल पुलिस का संरक्षण प्राप्त है.
इससे पहले इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि इस घटना के बाद शहर दो धड़ों में बट गया है. एक तबका दीपक के समर्थन में तो वहीं दूसरा विरोध में. दीपक ने अख़बार को बताया था कि इस विवाद के बाद उनके जिम के सदस्य भारी संख्या में जिम छोड़ के जा रहे हैं. पहले उनके जिम में 150 सदस्य थे, लेकिन यह संख्या अब महज 15 रह गई है. उन्होंने यह भी बताया कि उनका जिम किराए की इमारत में चलता है, जिसका मासिक किराया 40 हज़ार रुपए है.
दीपक ने अख़बार से कहा, ‘शहर का आधा हिस्सा मेरे साथ है, लेकिन अच्छे काम पर लोग तालियां नहीं बजाते. ईमानदारी की एक कीमत चुकानी पड़ती है.’
