असम: गौरव गोगोई का सीएम पर उनके नाबालिग बच्चों की जानकारी फैलाने का आरोप, क़ानूनी कार्रवाई की चेतावनी

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने आरोप लगाया था कि गौरव गोगोई ने अपने नौ साल के बेटे का पासपोर्ट सरेंडर कर दिया था ताकि उसे ब्रिटिश नागरिकता मिल सके. गोगोई सीएम के ख़िलाफ़ मुकदमा करने की चेतावनी देते हुए कहा कि शर्मा इतने नीचे गिर गए कि उनके नाबालिग बच्चों की निजी जानकारी शेयर कर रहे हैं.

असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई (बाएं) सोमवार, 9 फरवरी, 2026 को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने सोमवार (9 फरवरी) को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा पर अपने नाबालिग बच्चों से जुड़ी निजी जानकारी साझा करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा करने की धमकी दी.

गोगोई ने द हिंदू से कहा, ‘वह (शर्मा) इतने नीचे गिर गए कि उन्होंने मेरे नाबालिग बच्चों की निजी जानकारी शेयर कर दी, जिसे हम सार्वजनिक नहीं कर सकते. लोग जानते हैं कि मुख्यमंत्री के बेटे-बेटी के साथ क्या हुआ या क्या नहीं हुआ. मुझे बोलने के लिए मजबूर मत कीजिए.’

गोगोई का यह हमला शर्मा के उस बयान के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने गोगोई से 2013 में पाकिस्तान की 10 दिन की यात्रा के दौरान उनकी और उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिज़ाबेथ कोलबर्न गोगोई की गतिविधियों का खुलासा करने को कहा था. उस समय गोगोई सांसद नहीं थे. कोलबर्न गोगोई इस्लामाबाद स्थित एक जलवायु संगठन ‘लीड पाकिस्तान’ में एक साल तक काम कर चुकी थीं. शर्मा ने आरोप लगाया था कि गोगोई ने अपने नौ साल के बेटे का पासपोर्ट सरेंडर कर दिया था ताकि उसे ब्रिटिश नागरिकता मिल सके.

लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गोगोई ने कहा कि वे नई दिल्ली में कांग्रेस की कानूनी सेल से परामर्श करेंगे ताकि किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 74 लागू करने पर विचार किया जा सके. यह प्रावधान मीडिया या सार्वजनिक रिकॉर्ड में किसी नाबालिग की पहचान उजागर करने पर रोक लगाता है.

गोगोई ने कहा, ‘पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं 15 दिनों के लिए पाकिस्तान गया था और एक सांसद होने के नाते मुझे यात्रा से पहले अनुमति लेनी चाहिए थी. कल उन्होंने कहा कि मैं 10 दिनों के लिए गया था और यह यात्रा मैंने सांसद बनने से पहले की थी.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मेरी पत्नी पाकिस्तान में एक अंतरराष्ट्रीय जलवायु कार्यक्रम के तहत एक साल तक काम कर चुकी थीं और वह कार्यक्रम अलग-अलग देशों में चल रहा है. तब हमारी नई-नई शादी हुई थी. हम पाकिस्तान इसलिए गए थे कि देखें वह कहां रहती हैं, किस बाज़ार जाती हैं और कहां खाना खाती हैं.’

गोगोई ने शर्मा को चुनौती दी कि असम पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) की इस मामले पर की गई जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक करें और कहा कि मुख्यमंत्री उनके कथित पाकिस्तान से संबंधों का कोई सबूत नहीं दे सके. उन्होंने पूछा कि 10 सितंबर 2025 को जांच रिपोर्ट मिलने के बावजूद शर्मा उस पर क्यों बैठे हुए हैं.

द हिंदू के अनुसार, गोगोई ने कहा, ‘मुख्यमंत्री अपने इस आरोप के समर्थन में कोई सबूत नहीं दे सके कि मैं किसी दूसरे देश का एजेंट हूं. उन्हें समझ आ गया कि एसआईटी रिपोर्ट में कोई दम नहीं है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘हम चाहते थे कि रिपोर्ट सामने आए. लोग कह रहे हैं कि यह रिपोर्ट हमारी राजनीतिक सफलता है. हमें खुशी है कि मुख्यमंत्री हमारे जाल में फंस गए. उन्होंने दो घंटे से ज्यादा समय लिया, लेकिन मीडिया को (अपने सवालों और आरोपों से) मना नहीं सके.’