मणिपुर: स्थानीय अख़बार के एडिटर-इन-चीफ पर हमला, गोली चलाई गई

18 फरवरी की रात इंफाल ईस्ट ज़िले में स्थानीय अख़बार 'नाहरोलगी थौडांग' के संपादक खोइरॉम लोयलाकपा अज्ञात हमलावरों ने हमला किया और उनकी गाड़ी पर गोलियां चलाई गईं. पुलिस ने कहा है कि हमले के पीछे का मकसद और हमलावरों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है. ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन और एडिटर्स गिल्ड ऑफ मणिपुर ने इस हमले की कड़ी निंदा की है.

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मणिपुर की राजधानी इंफाल. (फोटो साभार: विकिपीडिया/PP Yoonus)

नई दिल्ली: हिंसाग्रस्त मणिपुर में एक स्थानीय दैनिक अख़बार ‘नाहरोलगी थौडांग’ (Naharolgi Thoudang) के संपादक खोइरॉम लोयलाकपा पर बुधवार (18 फरवरी) रात अज्ञात सशस्त्र हमलावरों ने गोलीबारी की और कथित रूप से उनके साथ मारपीट की.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने गुरुवार को इस घटना की पुष्टि की. पुलिस के अनुसार यह घटना रात करीब 10 बजे इंफाल ईस्ट जिले के हत्ता वार कब्रिस्तान के पास हुई, जो पोरोमपट पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है.

बताया गया कि एक अज्ञात कार, जिसके मारुति स्विफ्ट होने का संदेह है, संपादक लोयलाकपा की गाड़ी का पीछा कर रही थी और उसने उनकी कार को रोक लिया. हमलावर उतरे और बाईं खिड़की के शीशे पर दो राउंड फायर किए. इसके बाद हमलावरों ने संपादक को पकड़ लिया और कथित तौर पर उन पर किसी सख्त चीज से हमला किया, जिससे उनके दांत और चेहरे पर चोट आई. गोलियों की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों के इकट्ठा होने के बाद वे उसी कार में मौके से भाग गए.

खबरों के अनुसार, इसके बाद लोयलकपा को जवाहरलाल नेहरू इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से .32 कैलिबर की दो खाली कारतूस बरामद की हैं.

घटना के संबंध में पोरोमपट पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि हमले के पीछे का मकसद और हमलावरों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है.

अखबार के अनुसार, लोयलाकपा मणिपुर हॉकी एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं. इससे पहले जुलाई 2024 में अज्ञात बदमाशों ने इंफाल पूर्व स्थित उनके घर पर भी हमला किया था और मुख्य गेट पर छह राउंड गोलियां चलाई थीं.

अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, मामले की जांच जारी है. बताया जाता है कि लोयलाकपा को कई सशस्त्र समूहों से धमकियां मिल रही थीं और उन्हें पहले दी गई सरकारी सुरक्षा वर्ष 2024 में वापस ले ली गई थी.

इस हमले की ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन (एएमडब्ल्यूजेयू) और एडिटर्स गिल्ड ऑफ मणिपुर ने कड़ी निंदा की.

ज्ञात हो कि पिछले साल दिसंबर में मणिपुर के वरिष्ठ पत्रकार लाबा याम्बेम को एक विद्रोह समूह ने इंफाल पश्चिम स्थित उनके घर से अगवा कर बाद में रिहा कर दिया था.

उनके परिवार ने बताया था कि यह अपहरण, विद्रोही समूह यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट ( यूएनएलएफ) के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणी करने के कुछ ही घंटों बाद किया गया था. बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने यूएनएलएफ और मणिपुर के लोगों से माफी मांगी थी.

इससे पहले सितंबर 2024 में हमलावरों ने याम्बेम के आवास पर गोलीबारी की थी, जिसके बारे में उन्होंने कहा था कि यह वर्तमान राज्य सरकार के खिलाफ उनके आलोचनात्मक रुख के कारण एक राजनीतिक हमला था.

मई 2024 में भी अज्ञात बंदूकधारियों ने राज्य के हेइग्नांग इलाके में उनके घर पर हमला किया था. उस समय याम्बेम काम के सिलसिले में दिल्ली गए हुए थे. अक्टूबर में याम्बेम को गिरफ्तार कर लिया गया था, जब एक महिला ने आरोप लगाया था कि उसके एक सहयोगी ने हथियार का प्रयोग कर उसे धमकी दी थी.