नई दिल्ली: ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) से निष्कासित तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम शुक्रवार (27 फरवरी) को सत्तारूढ़ पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) में शामिल हो गए.
पीटीआई के मुताबिक, वह पार्टी अध्यक्ष और तमिलनाडु के मौजूदा मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी में डीएमके में शामिल हुए. तमिलनाडु में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं.
ओपीएस नाम से मशहूर पन्नीरसेल्वम अपने बेटे पी. रविंद्रनाथ कुमार और समर्थकों के साथ डीएमके में शामिल हुए. दिवंगत एआईएडीएमके सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के भरोसेमंद सहयोगी रहे पन्नीरसेल्वम ने अपनी मूल पार्टी में दोबारा शामिल होने के लिए तीन साल से अधिक समय तक असफल प्रयास करने के बाद अब कभी कट्टर प्रतिद्वंद्वी रही डीएमके का दामन थाम लिया.
इससे पहले पन्नीरसेल्वम एआईएडीएमके के कोषाध्यक्ष रह चुके हैं और पार्टी समन्वयक का शीर्ष पद भी संभाल चुके हैं. वर्ष 2006 में डीएमके के सत्ता में आने के बाद वह कुछ समय के लिए विपक्ष के नेता भी रहे थे.
शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में पन्नीरसेल्वम ने डीएमके में शामिल होने पर खुशी जताई और एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पडी के. पलानीस्वामी को ‘तानाशाही प्रवृत्ति वाला’ और ‘अहंकारी’ कहा.
पीटीआई के अनुसार, उन्होंने कहा कि पलानीस्वामी ने एआईएडीएमके के लिए हर समय ‘हार की स्थिति’ पैदा कर दी है.
पन्नीरसेल्वम ने कहा कि वह मुख्यमंत्री स्टालिन के निर्देशों का पालन करेंगे. उन्होंने कहा कि स्टालिन जनता की जरूरतों को समझते हैं और बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं लागू करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि आज ऐसी कोई पार्टी नहीं है जो डीएमके का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सके.
