कुणाल कामरा ने एकनाथ शिंदे पर बने पैरोडी गाने के लिए माफ़ी मांगने से इनकार किया

महाराष्ट्र विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति के सामने स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को कथित तौर पर 'गद्दार' कहने के लिए माफ़ी मांगने से इनकार कर दिया. समिति ने उनसे पूछा था कि क्या उन्हें अपने कृत्य पर पछतावा है और वे माफ़ी मांगेंगे. कामरा ने स्पष्ट रूप से इनकार करते हुए कहा कि ऐसी माफ़ी ईमानदार नहीं होगी.

स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा. (फोटो: X/@kunalkamra88)

नई दिल्ली: महाराष्ट्र विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति, जो एकनाथ शिंदे की 2022 के बगावत पर आधारित एक पैरोडी गीत से जुड़ी थी, के समक्ष सुनवाई के दौरान स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने गुरुवार (10 अप्रैल) को उपमुख्यमंत्री को कथित तौर पर ‘गद्दार’ कहने के लिए माफी मांगने से इनकार कर दिया.

यह तीसरी बार था जब कामरा इस मामले में विधान भवन में पेश हुए. भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी प्रवीण दारेकर ने मार्च 2025 में मुंबई में उनके स्टैंड-अप शो ‘नया भारत’ का वीडियो ऑनलाइन आने के बाद उनके खिलाफ कार्यवाही शुरू की थी.

इस शो में देश और सरकार की स्थिति पर अपनी तीखी टिप्पणियों के लिए जाने जाने वाले कामरा ने कई पैरोडी गाने पेश किए. इनमें से एक 1997 की बॉलीवुड फिल्म दिल तो पागल है के गीत ‘भोली सी सूरत’ का रीमेक था, जिसमें महाराष्ट्र के 2022 के राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र था. इसी घटनाक्रम में शिंदे के विद्रोह के कारण शिव सेना दो गुटों में बंट गई थी. बिना नाम लिए उन्होंने शिंदे को ‘गद्दार’ कहा था.

गीत के बोल थे: ‘ठाणे की रिक्शा, चेहरे पर दाढ़ी, आंखों पर चश्मा…हाय…एक झलक दिखलाए, कभी वह गुवाहाटी में छुप जाए; मेरी नजर से तुम देखो…वह एक गद्दार नजर आए. वह मंत्री नहीं दल बदलू है और क्या कहा जाए, जिस थाली में खाए वह उसमें ही छेद कर जाए; मंत्रालय से ज्यादा फडणवीस की गोदी में नजर आए…’

द स्टेट्समैन की रिपोर्ट के अनुसार, इस गीत की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना की नेता सुषमा अंधारे ने भी एक कार्यक्रम में इसे गाया था. इसी के बाद दारेकर ने कामरा और अंधारे दोनों के खिलाफ अवमानना प्रस्ताव पेश किया.

विशेषाधिकार समिति ने कामरा से उनके गीत के बोल, उसके अर्थ और उसे गीत को गाने के मंशा को लेकर सवाल-जवाब किए.

रिपोर्ट के मुताबिक, विशेषाधिकार समिति ने कामरा से कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियों के बारे में 24 सवाल पूछे थे, जिनमें यह भी शामिल था कि क्या उन्हें अपने कृत्य पर पछतावा है और क्या वे ‘बिना शर्त माफ़ी’ मांगना चाहेंगे. कामरा ने स्पष्ट रूप से माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा कि ऐसी माफी ईमानदार नहीं होगी.

इसके बाद समिति ने कामरा से माफी के मुद्दे पर अपना पक्ष लिखित रूप में देने को कहा, जिसके बाद उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन के नोटिस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में भाजपा एमएलसी प्रसाद लाड के पत्रकारों से यह कहने के जवाब में कि कामरा ने ‘अपनी गलती समझाने की कोशिश की’ और ‘संविधान के अधिकारों व विशेषाधिकार समिति के अधिकारों पर सवाल उठाए’, कॉमेडियन ने स्पष्ट किया कि उन्हें अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं है और उन्होंने विधानसभा में माफी नहीं मांगी.


हालांकि, कामरा का शो वायरल हो गया था, लेकिन शिवसेना के सदस्यों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी; उन्होंने उस कॉमेडी क्लब में तोड़फोड़ की थी जहां यह वीडियो रिकॉर्ड किया गया था, जिसके चलते क्लब को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा. कामरा के खिलाफ एक एफआईआर भी दर्ज की गई थी.

विशेषाधिकार समिति ने अभी तक अपना अंतिम फैसला नहीं सुनाया है और उम्मीद है कि कामरा की तरफ से लिखित जवाब मिलने के बाद वे इस पर आगे विचार-विमर्श करेंगे.