नई दिल्ली: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने देश भर के छह क्रिकेट स्टेडियम को नोटिस जारी करते हुए उनसे पूछा है कि उनके परिसरों में होने वाली गतिविधियों को क्यों न रोक दिया जाए, क्योंकि उन्होंने पिच और मैदान के रखरखाव में उपयोग किए जा रहे पानी के स्रोत का खुलासा नहीं किया है.
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, एनजीटी ने यह नोटिस उस याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया, जिसमें क्रिकेट मैदानों के रखरखाव के लिए भूजल या ताजे पानी के उपयोग का विरोध किया गया है और इसके स्थान पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से ट्रीट किए गए पानी के इस्तेमाल की मांग की गई है.
याचिका में यह भी दावा किया गया है कि भूजल के भंडारण, निकासी और उसे फिर से भरने के लिए वर्षा जल संचयन (Rainwater harvesting) प्रणालियां स्थापित नहीं की गई हैं.
जिन छह स्टेडियम को नोटिस जारी किए गए हैं, वे हैं – अरुण जेटली स्टेडियम (दिल्ली), शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम (रायपुर), सवाई मानसिंह स्टेडियम (जयपुर), डॉ. डीवाई पाटिल स्टेडियम (मुंबई), भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी एकाना क्रिकेट स्टेडियम (लखनऊ) और बाराबती स्टेडियम (कटक).
इनमें से चार- दिल्ली, रायपुर, जयपुर और लखनऊ के स्टेडियम में इस समय आईपीएल के मैच खेले जा रहे हैं.
दिल्ली और जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) को साल 2024 में सेंट्रल ग्राउंड वाटर अथॉरिटी (सीजीडब्ल्यूए) से अरुण जेटली स्टेडियम में भूजल के इस्तेमाल के संबंध में एक नोटिस मिला था. डीडीसीए के प्रवक्ता आरआर सिंह ने न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘हमने सीजीडब्ल्यूए के मार्गदर्शन में ज़रूरत के हिसाब से सभी ज़रूरी नियमों का पालन किया है.’
सिंह ने कहा कि दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ इस संबंध में जारी सभी निर्देशों का पालन करेगा.
उन्होंने कहा, ‘हमने सभी नियमों का पालन किया है और समय-समय पर एनजीटी द्वारा जारी निर्देशों का भी पालन किया है. दुर्भाग्यवश, हमें 16 अप्रैल 2026 को इस मामले की सुनवाई के बारे में जानकारी नहीं थी, इसलिए हम माननीय अधिकरण को इसकी जानकारी नहीं दे सके. अब हम सही स्थिति को न्यायिक रिकॉर्ड में पेश करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं.’
राष्ट्रीय हरित अधिकरण की पीठ, जिसमें अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव तथा विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल और अफरोज अहमद शामिल थे, ने 16 अप्रैल के आदेश में कहा कि प्रारंभ में सात स्टेडियम ने बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद अपना जवाब प्रस्तुत नहीं किया.
16 अप्रैल को जारी आदेश में कहा गया, ‘राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, हैदराबाद की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने बताया कि उन्हें आज ही निर्देश प्राप्त हुए हैं और वे तीन सप्ताह के भीतर सभी विवरणों सहित जवाब पेश करेंगे. याचिकाकर्ता के वकील ने यह भी कहा कि बाकी छह स्टेडियम ने अब तक न तो अपना उत्तर प्रस्तुत किया है और न ही अधिकरण के समक्ष उपस्थित हो रहे हैं और न ही अधिकरण के बार-बार दिए गए आदेशों का पालन कर रहे हैं, जबकि उन्हें विधिवत नोटिस दिया जा चुका है.’
