नई दिल्ली: दिल्ली की साकेत ज़िला अदालत ने बुधवार (23 अप्रैल) को डिजिटल न्यूज़ पोर्टल न्यूज़लॉन्ड्री की पत्रकार मनीषा पांडे और अन्य पत्रकारों के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में अभिजीत अय्यर मित्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया.
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, साकेत कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) भानु प्रताप सिंह ने आदेश में कहा कि अय्यर मित्रा ने पांडे और अन्य के खिलाफ यौन रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जो प्रथमदृष्टया पांडे का अपमान करने के इरादे से की गई थीं, क्योंकि उनका नाम पोस्ट में लिया गया है.
यह मामला मनीषा पांडे और छह अन्य पत्रकारों द्वारा अय्यर मित्रा के खिलाफ दायर एक याचिका से जुड़ा है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि अय्यर-मित्रा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट और लेखों की एक श्रृंखला में बार-बार उन्हें ‘वेश्या’ कहकर संबोधित किया.
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि कई ट्वीट्स में अय्यर मित्रा ने लिखा था, ‘दूर गांव में न्यूज़लॉन्ड्री नाम की बस्ती थी, जहां र*** सस्ती थीं.’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कथित तौर पर पांडे के बारे में इससे भी अधिक आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं.
मित्रा पर न्यूज़लॉन्ड्री की महिला कर्मचारियों को ‘गलत और दुर्भावनापूर्ण’ तरीके से लेबल करने और उन्हें ‘वेश्या’ (prostitute) और उनके कार्यस्थल को ‘वेश्यागृह’ (brothel) कहने का आरोप भी लगाया गया है.
बार एंड बेंच के अनुसार, आदेश में कहा गया है, ‘याचिका और शिकायतकर्ता द्वारा रिकॉर्ड पर रखे गए दस्तावेजों की जांच करने पर इस अदालत का मानना है कि आरोपी द्वारा एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए गए ट्वीट्स की सामग्री से यह पता चलता है कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75(3) और 79 के तहत संज्ञेय अपराध किए गए हैं.’
आदेश में आगे कहा गया कि एक्स प्लेटफॉर्म पर साइबर स्पेस में किए गए अपराध की पुष्टि करने और उस यूज़र अकाउंट की पहचान करने के लिए पुलिस जांच आवश्यक है, जिससे ये ट्वीट्स प्रकाशित किए गए थे. आदेश में यह भी जोड़ा गया, ‘इसके अलावा, उस कंप्यूटर स्रोत/इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का पता लगाने और उसे बरामद करने के लिए भी पुलिस जांच जरूरी है, जिससे ये ट्वीट्स किए गए थे.’
अदालत ने यह भी कहा कि पीएसआई ओमबीर द्वारा दाखिल एक्शन टेकन रिपोर्ट संतोषजनक नहीं है, क्योंकि उसमें इन ट्वीट्स पर विचार नहीं किया गया.
मालूम हो कि न्यूज़लॉन्ड्री की महिला कर्मचारियों ने दिल्ली हाईकोर्ट में अभिजीत अय्यर मित्रा के ख़िलाफ़ मानहानि का मुकदमा दायर किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि मित्रा ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक पोस्ट किए, जो यौन दुर्व्यवहार की श्रेणी में आते हैं.
इन पत्रकारों द्वारा दायर किए गए इस मुकदमे में मित्रा से सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगने और कथित मानहानि के लिए हर्जाने और मुआवजे के तौर पर 2 करोड़ रुपये की मांग की गई है.
मुकदमा दायर करने वाली महिला पत्रकारों में मनीषा पांडे, इशिता प्रदीप, सुहासिनी बिस्वास, सुमेधा मित्तल, तीस्ता रॉय चौधरी, तस्नीम फातिमा, प्रिया जैन, जयश्री अरुणाचलम और प्रियाली ढींगरा शामिल हैं. न्यूज़लॉन्ड्री भी मुकदमे में वादी में से एक है.
हाईकोर्ट ने इन टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा था कि, ‘उनके द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा की प्रकृति पर गौर करते हुए अदालत का प्रथमदृष्टया मानना है कि किसी भी सभ्य समाज में इसकी अनुमति नहीं है…’
21 मई 2025 को अदालत ने उनके पोस्ट हटाने के आश्वासन को भी रिकॉर्ड में लिया था. यह मुकदमा अभी भी दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है.
