कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और बंगाल के मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे सुवेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की कोलकाता से सटे उत्तर-पश्चिमी इलाके में स्थित मध्यग्राम के दोहरिया क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई.
रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें बहुत करीब से गोली मारी गई है. स्थानीय खबरों में बताया गया है कि बुधवार (6 मई) की रात करीब 10 बजे मोटरसाइकिल पर सवार अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार को रोका और उन्हें गोली मार दी, जिसके बाद रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार ड्राइवर को गंभीर चोटों के साथ कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
बांग्ला अखबार आनंदबाजार पत्रिका ने सुवेंदु अधिकारी के हवाले से बताया कि रथ की हत्या ‘कई दिनों की निगरानी और सुनियोजित योजना’ के बाद निर्मम तरीके से की गई है.
उन्होंने आगे कहा कि इस संबंध में उन्होंने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार से बात की है, लेकिन चल रही जांच के हित में वे विवरण गुप्त रखना चाहते हैं. इस दौरान सुवेंदु अधिकारी ने मध्यमग्राम के अस्पताल का दौरा भी किया, जहां उनके साथ रथ की पत्नी और भाजपा के केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार भी थे.
अधिकारी ने यह भी बताया कि भाजपा घायल ड्राइवर के इलाज और मृतक रथ के परिवार को दी जाने वाली सहायता से संबंधित सभी खर्चों का वहन करेगी.
उल्लेखनीय है कि संयोगवश 2013 में अधिकारी के पूर्व निजी सहायक प्रदीप झा कोलकाता के स्ट्रैंड रोड पर मृत पाए गए थे. उस समय अधिकारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में थे.
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, इस घटना के संबंध में बंगाल भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने पत्रकारों से कहा, ‘यह तो अपेक्षित था. वे कितना नीचे गिर सकते हैं? मैंने कहा है कि सरकार गिरने के बाद राज्यपाल को जिम्मेदारी लेनी होगी. टीएमसी… इतनी नीच हरकत पर उतर आई कि उन्होंने सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की हत्या कर दी. इससे पहले भी उन्होंने सुवेंदु, दिलीप घोष और अन्य सहित हमारे नेताओं पर हमले किए हैं. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. उनकी मां भी हमारी पार्टी की सदस्य हैं. विपक्ष के नेता के निजी सहायक की हत्या एक संदेश है. जनता को फैसला करने दीजिए. हम कानूनी कार्रवाई करेंगे.’
वहीं, टीएमसी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी एक बयान में कहा, ‘हम आज रात मध्यग्राम में चंद्रनाथ रथ की क्रूर हत्या की कड़ी निंदा करते हैं, साथ ही पिछले तीन दिनों में भाजपा समर्थित उपद्रवियों द्वारा कथित तौर पर चुनाव के बाद हिंसा में तीन अन्य टीएमसी कार्यकर्ताओं की हत्या की भी निंदा करते हैं, जबकि राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू है.’
We strongly condemn the brutal murder of Chandranath Rath in Madhyamgram tonight, along with the killing of three other TMC workers in incidents of post-poll violence allegedly carried out by BJP-backed miscreants over the last three days, despite the Model Code of Conduct being…
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) May 6, 2026
टीएमसी ने आगे कहा, ‘हम इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं, जिसमें अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच भी शामिल है, ताकि दोषियों की पहचान की जा सके और उन्हें जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जा सके. लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्याओं का कोई स्थान नहीं है और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए.’
गौरतलब है कि बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से बीते तीन दिनों में व्यापक हिंसा देखी जा रही है. पार्टी का दावा है कि टीएमसी कार्यकर्ता भाजपा सदस्यों और समर्थकों का वेश धारण करके अन्य टीएमसी नेताओं को धमका रहे हैं, शारीरिक रूप से डरा रहे हैं और उन पर दबाव डाल रहे हैं, क्योंकि पार्टी में अंदरूनी असंतोष फैला हुआ है.
पार्टी ने एक्स पर एक बयान में कहा, ‘हमें यह जानकारी मिली है कि तृणमूल की तथाकथित ‘गुंडा वाहिनी’ के कुछ तत्व भाजपा कार्यकर्ताओं का रूप धारण करके लोगों को गुमराह करने और अव्यवस्था फैलाने का प्रयास कर रहे हैं.’
Statement: pic.twitter.com/XJSKh80Cq5
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) May 6, 2026
बयान में आगे कहा गया है, ‘भाजपा इस तरह के धोखे को बर्दाश्त नहीं करेगी. जो भी व्यक्ति वेश बदलकर लोगों को डराने-धमकाने या कानून को अपने हाथ में लेने में शामिल पाया जाएगा, उसे कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. इन आपराधिक तत्वों के खिलाफ कानून का पूरा बल प्रयोग किया जाएगा.’
द टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि राज्य भाजपा अध्यक्ष भट्टाचार्य ने बुधवार को राज्य सचिवालय में शीर्ष पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक के बाद नबन्ना में पत्रकारों से कहा, ‘मैंने गृह सचिव को बता दिया है कि भाजपा का कोई तृणमूलीकरण नहीं होगा. मैंने डीजीपी, कोलकाता पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बात करके पार्टी का रुख स्पष्ट कर दिया है.’
अखबार ने दावा किया कि ‘तृणमूलीकरण’ से भट्टाचार्य का तात्पर्य 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा से था, जिसमें तृणमूल के गुंडों द्वारा कथित तौर पर 50 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई थी, कई महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया था और हजारों भाजपा कार्यकर्ता विस्थापित हो गए थे.
