नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा तीन मई को आयोजित की गई नीट अंडर ग्रेजुएट (यूजी) 2026 की परीक्षा पेपर लीक के दावों के बाद रद्द कर दी गई थी, जिसके बाद अब यह परीक्षा दोबारा 21 जून को होगी.
द हिंदू की ख़बर के मुताबिक, एनटीए ने सरकार की मंज़ूरी के बाद परीक्षा की नई तारीख़ शुक्रवार (15 मई) को घोषित की है. एनटीए ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी सूचना में कहा कि अभ्यर्थी और अभिभावक केवल एजेंसी के आधिकारिक चैनलों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी अफ़वाह या ग़ैर-आधिकारिक सूचना से बचें.
📢 NEET (UG) 2026 — परीक्षा तिथि की घोषणा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने भारत सरकार की स्वीकृति से NEET (UG) 2026 की पुनः-परीक्षा रविवार, 21 जून 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया है।
परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों से अनुरोध है कि वे केवल NTA के आधिकारिक माध्यमों पर ही विश्वास करें।…— National Testing Agency (@NTA_Exams) May 15, 2026
इस संबंध में एनटीए ने छात्रों के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल भी जारी किए हैं. अभ्यर्थी neet-ug@nta.ac.in पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा 011-40759000 और 011-69227700 नंबरों पर भी जानकारी ली जा सकती है.
उल्लेखनीय है कि नीट-यूजी भारत की एकमात्र एकीकृत मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जो देशभर में स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश तय करती है. साल 2024 में भी यह परीक्षा पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स देने में अनियमितताओं के आरोपों में घिरी रही थी, जिसके बाद हज़ारों अभ्यर्थियों को असामान्य रूप से अधिक नंबर मिलने पर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे.
एनटीए से पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) मेडिकल के लिए नीट और इंजीनियरिंग के लिए जेईई जैसी परीक्षाएं आयोजित करता था, जबकि राज्य बोर्ड और विश्वविद्यालय अपनी अलग प्रवेश परीक्षाएं कराते थे.
एनटीए की स्थापना नवंबर 2017 में भारत की उच्च शिक्षा प्रवेश परीक्षा व्यवस्था में सख्ती, मानकीकरण और विश्वसनीयता लाने और छात्रों को कई परीक्षाओं के बोझ से राहत देने के उद्देश्य से की गई थी.यह एजेंसी 15 से अधिक परीक्षाएं आयोजित कराती है. लेकिन एनटीए लगातार समस्याओं से घिरी रही है और उस पर पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही की कमी के आरोप लगे हैं.
पेपर लीक के संबंध में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि ‘गेस पेपर’ के नाम पर असली सवाल लीक हुए थे. धर्मेंद्र प्रधान ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, ‘नीट यूजी 2026 परीक्षा में पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद परीक्षा रद्द करने का फ़ैसला लिया गया.’
उन्होंने बताया कि दोबारा परीक्षा अब 21 जून को आयोजित की जाएगी.
VIDEO | Delhi: Addressing a press conference, Education Minister Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) says, “One important point I wanted to mention is that, from next year, the root issue will be addressed. The NEET examination will be conducted as a computer based test instead of… pic.twitter.com/xWPO0q5lKU
— Press Trust of India (@PTI_News) May 15, 2026
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ‘परीक्षा 3 मई को हुई थी और 7 मई को एनटीए को शिकायत मिली कि ‘गेस पेपर’ में मौजूद कुछ सवाल इस बार के प्रश्नपत्र से मेल खा रहे थे.’
इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने तुरंत जांच शुरू की और मामला सरकारी एजेंसी को सौंप दिया गया.
उन्होंने कहा कि राज्य एजेंसियों से संपर्क किया गया और 12 मई तक यह पुष्टि हो गई कि गेस पेपर के नाम पर असली परीक्षा के सवाल लीक हुए थे.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि ‘फ़र्ज़ी अभ्यर्थियों की साज़िश या शिक्षा माफिया’ की वजह से किसी योग्य छात्र का नुकसान हो.
धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि पिछली बार सामने आई अनियमितताओं के बाद राधाकृष्णन समिति बनाई गई थी और उसकी सिफ़ारिशों को 2025 और 2026 दोनों परीक्षाओं में ‘शब्दशः’ लागू किया गया था. इसके बावजूद यह घटना सामने आई.
शिक्षा मंत्री ने कहा कि नीट पेपर में गड़बड़ी एक सामाजिक चुनौती है. परीक्षा माफिया के खिलाफ सख्ती से सीबीआई जांच कर रही है. अगले साल से नीट यूजी की परीक्षा ओएमआर नहीं बल्कि कंप्यूटर बेस्ट टेस्ट (सीबीटी) यानी ऑनलाइन आयोजित की जाएगी.
उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा रद्द होने की जानकारी के बाद ही एनटीए ने सूचना दी थी कि छात्रों को इस परीक्षा की फीस वापस की जाएगी. आगे जो परीक्षा होगी, उसमें छात्रों से कोई फीस नहीं ली जाएगी.
धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार, इस पेपर में जो छात्र शामिल होंगे वे परीक्षा के लिए अपनी पसंद का शहर चुन सकेंगे. इसके लिए छात्रों को एक हफ्ते का समय दिया जाएगा. परीक्षा का समय भी 15 मिनट बढ़ाने का फैसला लिया गया है. नई परीक्षा के लिए छात्रों के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी किए जाएंगे. इसकी विस्तृत जानकारी एनटीए द्वारा दी जाएगी.
गौरतलब है कि इससे पहले न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि नीट-यूजी की परीक्षा को पूरी तरह से इस साल ऑनलाइन करवाना मुमकिन नहीं है. क्योंकि इसेक लिए आवश्यक तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है और इसमें शामिल होने वाले उम्मीदवारों की बहुत ज़्यादा संख्या है.
मालूम हो कि 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा के लिए इस साल, 22.79 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, जिनमें से 22.05 लाख उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे.
