नई दिल्ली: कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने औपचारिक रूप से कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. इसके साथ ही, उनके पार्टी सहयोगी डी.के. शिवकुमार के इस पद को संभालने का रास्ता साफ़ हो गया है.
उन्होंने कहा, ‘मैंने आज अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है, क्योंकि हाई कमान ने मुझे पहले ही इस्तीफ़ा देने के लिए कहा था. मुझे पूरा भरोसा है कि जब राज्यपाल यहां आएंगे, तो वे मेरा इस्तीफ़ा स्वीकार कर लेंगे, क्योंकि संविधान के अनुसार ऐसा ही किया जाना चाहिए…’
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धारमैया ने अपना इस्तीफ़ा राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभु शंकर को सौंपा है, क्योंकि कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत इस समय बेंगलुरु में मौजूद नहीं हैं.
सिद्धारमैया ने आगे कहा कि चूंकि कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत है, इसलिए ‘संविधान के अनुसार मुख्यमंत्री को सरकार बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए.’
उन्होंने ‘सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया.’
माना जा रहा था कि 77 वर्षीय सिद्धारमैया अब राज्यसभा में जाएंगे. हालांकि उन्होंने इन अटकलों को भी खारिज कर दिया.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्तीफ़ा देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि वह कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय रहेंगे और राष्ट्रीय स्तर पर कोई भूमिका निभाने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है; उन्होंने बताया कि अपने इस्तीफे के बाद कांग्रेस आलाकमान द्वारा राज्यसभा की सदस्यता का जो प्रस्ताव उन्हें दिया गया था, उसे उन्होंने ठुकरा दिया है.
उन्होंने कहा, ‘मुझसे राज्यसभा के बारे में भी पूछा गया था. मैंने मना कर दिया. मैं कर्नाटक की राजनीति में ही रहना चाहता हूं.’
सिद्धारमैया ने साफ़ किया कि उनका इस्तीफ़ा कांग्रेस नेतृत्व के निर्देशों के बाद ही आया है. उन्होंने कहा, ‘मैंने आप सभी से कई बार कहा है कि जब आलाकमान मुझसे इस्तीफ़ा देने को कहेगा, तो मैं इस्तीफ़ा दे दूंगा.’
उन्होंने आगे कहा, ‘दो दिन पहले आलाकमान ने मुझसे पद छोड़ने को कहा था. मैंने उनसे कहा कि मैं आज इस्तीफ़ा दे दूंगा. इसलिए मैंने इस्तीफ़ा दे दिया है.’
भावुक होते हुए सिद्धारमैया ने अपनी लंबी राजनीतिक यात्रा का जिक्र किया और इन वर्षों में उनका साथ देने के लिए कांग्रेस नेतृत्व का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा, ‘मुझे सात करोड़ लोगों की सेवा करने का अवसर मिला. दो बार मुझे मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला. दो बार मैं विपक्ष का नेता रहा.’
बैठक से पहले पीटीआई से बात करते हुए राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने बताया कि मुख्यमंत्री अपना इस्तीफ़ा सौंपने से पहले ‘सभी मंत्रियों का आभार व्यक्त करना चाहते थे.’ बैठक की तस्वीरों में सिद्धारमैया अपने डिप्टी (उप-मुख्यमंत्री) शिवकुमार के बगल में बैठे हुए दिखाई दिए.
उल्लेखनीय है कि मई 2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धारमैया और शिवकुमार – जो पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं – के बीच कड़ी टक्कर थी. पार्टी ने तब शिवकुमार को मनाने में सफल रही और उन्हें उपमुख्यमंत्री बना दिया.
