उत्तराखंड: कथित ऊंची जाति की लड़की से दोस्ती को लेकर दलित छात्र की हत्या, प्रताड़ना दिए जाने के आरोप

उत्तराखंड के टिहरी ज़िले में ‘ऊंची जाति’ की एक नाबालिग लड़की से दोस्ती करने पर 18 वर्षीय दलित युवक की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और उनके दोस्त को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया. मृतक के पिता ने दावा किया है कि मौत से पहले उनके बेटे को अमानवीय यातनाएं दी गईं, जहां उनके नाखून उखाड़ दिए गए, पैरों में कीलें ठोंक दी गईं और गुप्तांगों पर गंभीर चोट पहुंचाई गई.

(इलस्ट्रेशन: परिप्लब चक्रबर्ती)

नई दिल्ली: उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल ज़िले में एक 18 साल के छात्र की कथित ऊंची जाति की एक नाबालिग लड़की से दोस्ती के चलते पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. बताया गया है कि छात्र दलित समुदाय से आते हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के मुताबिक, मृतक दलित युवक केतन लाल के पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को मौत से पहले अमानवीय यातनाएं दी गईं, जहां उनके नाखून उखाड़ दिए गए, पैरों में कीलें ठोंक दी गईं और गुप्तांगों पर गंभीर चोट पहुंचाई गई.

इस संबंध में पुलिस ने लड़की के पिता यशबीर सिंह पंवार और दादा विद्यादत्त पंवार को गिरफ़्तार किया है. साथ ही बीएनएस और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है.

पुलिस ने बताया कि 12वीं कक्षा के छात्र केतन लाल पिछले छह महीने से उक्त लड़की के दोस्त थे. यह घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी रात लंबगांव इलाके में हुई और इसकी जानकारी तब सामने आई जब केतन के पिता ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे पर हमला हुआ है.

इस मामले में यशबीर और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.

उल्लेखनीय है कि मृतक केतन के पिता, जो किसान हैं, उन्होंने अखबार को बताया कि यशबीर ने सोमवार सुबह उन्हें फोन किया और धमकी भरे लहजे में पूछा कि उनका बेटा कहां है.

उन्होंने कहा, ‘मैं उसके कमरे में गया तो वह वहां नहीं था. जब मैंने बताया कि वह वहां नहीं है, तो यशबीर ने मुझसे कहा कि उन्होंने उसे और उसके दोस्त को मार डाला है और मुझे आकर एक नाले से उनकी लाशें ले जानी चाहिए.’

उन्होंने आगे बताया कि यशबीर के गांव जाने से पहले उन्होंने तुरंत केतन के दोस्त दिवाकर के पिता को खबर दी; वहां दोनों लड़के कई चोटों के साथ मिले. केतन को पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चोटों की वजह से उसकी मौत हो गई. पिता ने बताया कि रास्ते में उनके बेटे ने हमले के बारे में बताया था.

उन्होंने कहा, ‘मेरे बेटे ने मुझे बताया कि लड़की ने उसे रविवार रात फोन करके घर पर मिलने के लिए बुलाया था. वह अपने दोस्त दिवाकर को साथ ले गया, लेकिन जैसे ही वे वहां पहुंचे, लड़की के परिवार वालों- जिनमें उसके पिता और दादा भी शामिल थे- ने उन्हें पकड़ लिया और एक कमरे में ले गए. उन्होंने पूरी रात उनकी पिटाई की.’

उन्होंने आगे कहा, ‘उन्होंने मेरे बेटे के पैरों में कीलें ठोक दीं.’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमले के दौरान जातिसूचक गालियां भी दी गईं. दिवाकर, जिसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं, का अस्पताल में इलाज चल रहा है.

बता दें कि मंगलवार को टिहरी गढ़वाल ज़िला अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम ने केतन का पोस्टमार्टम किया. इस संबंध में पुलिस ने कहा कि वे चोटों की सही प्रकृति और गंभीरता का पता लगाने के लिए रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं.

वहीं, केतन के गांव के पूर्व प्रधान दिनेश शाह ने अखबार से कहा कि आरोपियों को कानून अपने हाथ में लेने का कोई अधिकार नहीं था.

उन्होंने कहा, ‘अगर लड़कों की गलती थी, तो लड़की के परिवार को उनके परिवारों या पुलिस को बताना चाहिए था. उन्हें एक लड़के को पीट-पीटकर मार डालने का अधिकार किसने दिया?’

उन्होंने इस घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

इस मामले को लेकर टिहरी गढ़वाल की एसएसपी श्वेता चौबे ने बताया कि लड़की का परिवार केतन के साथ उसकी दोस्ती से खुश नहीं था.

श्वेता चौबे ने आगे कहा, ‘लड़की के पिता ने पहले लड़के के पिता से मुलाकात की थी और उनसे कहा था कि वे अपने बेटे को उनकी बेटी से बात न करने दें. रविवार रात उन्होंने और उनके साथियों ने इस अपराध को अंजाम दिया. सोमवार को घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की.’

उन्होंने कहा, ‘हमने लड़की के पिता और दादा को गिरफ्तार कर लिया है. जहां तक चोटों की गंभीरता का सवाल है, हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं.’

उधर, आक्रोशित स्थानीय लोगों और परिवार ने पहले तो अस्पताल से शव लेने से इनकार कर दिया और फिर हमलावरों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की.