हरियाणा: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद शिक्षक निलंबित

बीते 7 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के बाद रोहतक के एक सरकारी स्कूल में कार्यरत अतिथि शिक्षक सुलेखा दलाल को बिना कोई वजह बताए निलंबित कर दिया गया है. निलंबन के बाद सुलेखा ने कहा कि वे केवल युवाओं की चिंताओं का समर्थन करने के लिए शामिल हुई थीं. ‘मैंने सिर्फ एक मां के नाते अपील की थी; मेरा बेटा भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है.’

दिल्ली के जंतर-मंतर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफ़े की मांग करते प्रदर्शनकारी. (फोटो: शोम बसु)

नई दिल्ली: हरियाणा शिक्षा विभाग ने रोहतक के एक सरकारी स्कूल में कार्यरत अतिथि शिक्षक को पिछले सप्ताह 7 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के कुछ दिनों बाद निलंबित कर दिया गया है.

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, रोहतक के जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी ने बुधवार (10 जून) को जारी आदेश में अतिथि शिक्षक सुलेखा दलाल का निलंबन 8 जून से प्रभावी करने का निर्देश दिया.

हालांकि, आदेश में उनके निलंबन का कोई कारण नहीं बताया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, रोहतक के जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के आदेश में कहा गया है कि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना उन्हें अपने मुख्यालय क्षेत्र को छोड़ने की अनुमति नहीं होगी.

7 जून के प्रदर्शन में दिए गए उनके भाषण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, इसके बाद दलाल चर्चा में आई थी. वीडियो में वह कहती सुनाई देती हैं, ‘यह एक लड़ाई है. इस बार यह करो या मरो की लड़ाई है. अब कॉकरोच की मां मैदान में उतर चुकी है. हम अपने बच्चों के साथ हैं. एक मां पूरे देश की मां होती है.’

वह रोहतक के रैंकपुरा में एक सरकारी मिडिल स्कूल में पढ़ाती थीं. संपर्क किए जाने पर दलाल ने कहा कि उन्होंने केवल एक चिंतित अभिभावक के रूप में अपनी बात रखी थी.

सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर पूछे गए अख़बार ट्रिब्यून के सवालों के जवाब में दलाल ने कहा कि उनका इस संगठन से कोई संबंध नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘मैं इस कार्यक्रम में केवल युवाओं की चिंताओं का समर्थन करने और उनकी आवाज़ को मजबूत करने के लिए शामिल हुई थीं. वे ऐसे मुद्दे उठा रहे थे जो सीधे तौर पर उन्हें प्रभावित करते हैं.’

इंडियन एक्सप्रेस से उन्होंने कहा, ‘मैंने सिर्फ एक मां के नाते अपील की थी. मेरा बेटा भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है.’