बंगाल: कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से पांच श्रमिकों की मौत, कई घायल

तारातला इलाके में तीन मंज़िला निर्माणाधीन गोदाम के मलबे के नीचे 40 से ज़्यादा लोग फंसे थे, जिनमें से 20 से ज़्यादा लोगों को बचा लिया गया. हादसे के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घटनास्थल का दौरा कर घोषणा की कि कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में ममता बनर्जी के शासनकाल में मंज़ूर किए गए सभी घरों या बहुमंज़िला इमारतों के निर्माण कार्य 31 जुलाई तक स्थगित रहेंगे और इन सभी का ऑडिट किया जाएगा.

कोलकाता में तारातला इलाके में बुधवार, 24 जून 2026 को तीन मंज़िला निर्माणाधीन गोदाम के ढहने के बाद बचाव अभियान. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार (24 जून) को तीन मंज़िला निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से कम से कम पांच श्रमिकों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं.

स्थानीय खबरों के मुताबिक, मलबे के नीचे 40 से ज़्यादा लोग फंस गए थे, जिनमें से 20 से ज़्यादा लोगों को बचा लिया गया है और उनका एसएसकेएम अस्पताल में इलाज चल रहा है.

इस घटना के संबंध में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता में पत्रकारों को बताया कि कम से कम दो और श्रमिकों की हालत गंभीर है, जबकि घायल हुए 18 लोग खतरे से बाहर हैं.

बताया जा रहा है कि जब इमारत की छत गिरी, तब श्रमिक निर्माण कार्य में लगे हुए थे. हादसे के बाद स्थानीय लोग सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे, जिसके बाद पुलिस, अग्निशमन सेवाएं और बचाव दल वहां मदद के लिए पहुंचे.

सीएम सुवेंदु अधिकारी ने भी घटनास्थल का दौरा किया और बताया कि 12 से 15 लोग अभी भी अंदर फंसे हुए हैं. बाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने घोषणा की कि कोलकाता (शहरी) में 31 जुलाई तक सभी निर्माण कार्य रोक दिए जाएंगे.

मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि पांच मंज़िला स्टील-फ्रेम वाले ढांचे के मंज़ूर किए गए डिज़ाइन में कमियां थीं.

उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘इस योजना को पिछली सरकार ने 17 जनवरी को मंज़ूरी दी थी. नगर निगम अभियंताओं के मुताबिक योजना में गंभीर खामियां थीं. ज़मीन के मालिक एसएमपीए हैं. इसकी लीज़ शंभूनाथ बेहरा और उनके पार्टनर को दी गई थी.’

वहीं, आनंदबाज़ार पत्रिका के अनुसार, इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में पिछली ममता बनर्जी सरकार के शासनकाल में मंजूर किए गए सभी घरों या बहुमंज़िला इमारतों का निर्माण कार्य- खासकर कमर्शियल इस्तेमाल के लिए या जहां निर्माण कार्य में जलाशयों को भरना शामिल है- 31 जुलाई तक स्थगित रहेंगे. इन सभी का ऑडिट किया जाएगा.’

उन्होंने कहा कि बाद में हावड़ा और बिधाननगर के शहरी इलाकों में भी ऐसे ही कदम उठाए जाएंगे.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अग्निशमन विभाग ने बताया कि उन्हें मदद के लिए पहली कॉल बुधवार दोपहर 12.20 बजे मिली थी. उसके बाद पर सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल, और दूसरी आपदा प्रबंधन टीमें और नगर निगम की टीमें पहुंची हैं.

कोलकाता पुलिस की आपदा प्रबंधन टीम के एक सदस्य ने समाचार एजेंसी को बताया, ‘हम मलबे के नीचे से आ रही मदद के लिए आवाज़ों को सुन रहे हैं. साथ ही फंसे हुए लोगों को भरोसा दिला रहे हैं कि उन्हें जल्द ही बचा लिया जाएगा.’

इश संबंध में पश्चिम बंगाल के मंत्री इंद्रनील खान ने पीटीआई को बताया, ‘हम निश्चित रूप से दुर्घटना के कारणों और किसी तरह की अनियमितता की जांच करेंगे. लेकिन अभी प्राथमिकता ज़्यादा से ज़्यादा पीड़ितों को बचाने की है.’